हसनपुर विधानसभा सीट - Amroha

हसनपुर

वर्तमान विधायक
श्री महेन्‍द्र सिंह खड़गवंशी
जिला
Amroha
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
भारतीय जनता पार्टी
कुल मतदाता
2,67,645
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
अमरोहा
हसनपुर विधानसभा सीट
हसनपुर विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में स्थित है और अमरोहा लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। इसका विधानसभा क्रमांक 42 है और यह सामान्य (अनारक्षित) श्रेणी की सीट है। यह क्षेत्र शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों को कवर करता है और राजनीतिक रूप से अमरोहा जिले की प्रमुख सीटों में गिना जाता है।
जनसंख्या और जनगणना 2011
जिला: अमरोहा
विधानसभा क्रमांक: 42
लोकसभा क्षेत्र: अमरोहा
आरक्षण: सामान्य
अनुमानित आबादी: 2.5-3 लाख  (सटीक विधानसभा स्तर के आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं)
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: 55-65%
मुस्लिम: 30-40%
अन्य समुदाय: 1-5% से कम
अनुसूचित जातियाँ: 17.84%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,67,645
विजेता: महेंद्र सिंह खड़कवंशी (भाजपा)
वोट शेयर: 44.9%
उपविजेता: मुखिया गुर्जर (सपा)
मतदान प्रतिशत: 73.7%
हसनपुर विधानसभा (अमरोहा, यूपी) की राजनीति में पिछले कुछ सालों से बड़ा बदलाव देखने को मिला है। 2012 में सपा के कमाल अख्तर ने यहां जीत दर्ज की थी, लेकिन 2017 में भाजपा के महेंद्र सिंह खड़गवंशी ने सपा को पीछे छोड़ते हुए बड़ी जीत हासिल की और करीब 27,000 वोटों से बाज़ी मारी। उन्हें उस साल 1.11 लाख से ज़्यादा वोट मिले। इसके बाद 2022 में भी उन्होंने सपा के मुखिया गुर्जर को 22,000 से ज्यादा वोटों से हराकर लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की। इससे साफ है कि भाजपा की पकड़ यहां मजबूत होती गई है, जबकि सपा मुख्य मुकाबले में बनी रही लेकिन जीत से दूर रही। बसपा का असर लगातार कम होता गया, खासकर 2022 में उसकी मौजूदगी बेहद कमजोर रही। हसनपुर में खड़गवंशी, गुर्जर, मुस्लिम और दलित वोटर चुनावों में बड़ी भूमिका निभाते हैं। एक खास बात ये भी है कि यहां आज तक कोई महिला विधायक नहीं बनी, यानी महिला भागीदारी अब तक सीमित रही है। कुल मिलाकर, पिछले एक दशक में हसनपुर में भाजपा और सपा के बीच सीधी टक्कर रही है, जिसमें फिलहाल भाजपा बढ़त में है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
महेंद्र सिंह खड़कवंशी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता हैं और हसनपुर (अमरोहा) से लगातार दो बार विधायक चुने गए हैं। पहली बार 2017 में और फिर 2022 में। 2022 के चुनाव में उन्होंने समाजवादी पार्टी के मुखिया गुर्जर को 22,382 वोटों से हराया था। उनका जन्म 19 अप्रैल 1976 को अमरोहा जिले के अरौला आर्ट्स गांव में हुआ था। वे खांगी जाति से आते हैं, जो पिछड़ी जाति में गिनी जाती है। लोग उन्हें एक सक्रिय और सीधे मुद्दों पर बोलने वाले जनप्रतिनिधि के रूप में जानते हैं, और भाजपा की पकड़ मज़बूत रखने में उनकी भूमिका मानी जाती है। 2022 चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नही है।
हसनपुर विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच सालों (2020 से 2025) में हसनपुर विधानसभा (अमरोहा, यूपी) के लोगों के सामने कई बुनियादी समस्याएं बनी रहीं। सफाई, जलजमाव, टूटी सड़कें, बिजली की दिक्कत, रोजगार की कमी और कमजोर स्वास्थ्य सेवाएं लोगों की रोज़मर्रा की परेशानियों में शामिल रहीं। बारिश के मौसम में गलियों में पानी भर जाना आम बात हो गई थी। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों, दवाओं और जरूरी मशीनों की कमी लगातार लोगों को खटकती रही। हसनपुर एक कृषि प्रधान इलाका है, जहां किसान अपनी फसल के सही दाम, खाद-बीज की उपलब्धता और मंडी में पारदर्शिता की मांग करते रहे। इलाके में खड़गवंशी, सामान्य जाति और OBC वर्ग के वोटर चुनावों में अहम भूमिका निभाते हैं, इसलिए जातीय समीकरण भी हर चुनाव में रणनीति तय करने में असर डालते रहे। बेरोजगारी युवाओं के लिए सबसे बड़ा मुद्दा रहा– न तो स्थानीय रोजगार थे और न ही अच्छे ट्रेनिंग सेंटर। लोग शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़गार के बेहतर इंतज़ाम और नेताओं से सीधी बात सुनने और समाधान की उम्मीद करते रहे हैं।

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