हुसैनगंज विधानसà¤à¤¾ सीट - Fatehpur
हुसैनगंज |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | ऊषा मौर्या उर्फ अनीला मौर्या |
| जिला | Fatehpur |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | समाजवादी पार्टी |
| कुल मतदाता | 1,86,594 |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | फतेहपुर |
हुसैनगंज विधानसभा (फतेहपुर)
हुसैनगंज विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में स्थित है और यह गंगा नदी के तटीय इलाके में आती है। 2008 के परिसीमन के बाद इस सीट का गठन हुआ, जो पहले सदर और खागा विधानसभा के अंतर्गत आती थी। क्षेत्र धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है, भिठौरा गंगा घाट के किनारे महर्षि भृगुजी की तपोभूमि के कारण इसे 'छोटा काशी' भी कहा जाता है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: फतेहपुर
गठन वर्ष: 2008 (परिसीमन के बाद)
जिले की कुल जनसंख्या (2011): 26,32,733
हुसैनगंज की जनसंख्या की सटीक जानकारी उपल्बध नही है
साक्षरता दर (जिला): 67.4%
लिंगानुपात: 901/1000 पुरुष
धार्मिक एवं साम्प्रदायिक विभाजन (जनगणना 2011)
हिन्दू: 80%
मुस्लिम:18%
ईसाई: 0.18%
सिख: 0.32%
बौद्ध : 0.10%
अनुसूचित जाति: 30%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 1,86,594
विजेता: ऊषा मौर्या (सपा)
वोट शेयर: 49.2%
उपविजेता: रणवेंद्र प्रताप सिंह (भाजपा)
मतदान प्रतिशत: 61.7%
हुसैनगंज विधानसभा सीट, जो 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई, उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में गंगा नदी के तटीय क्षेत्र में स्थित है और सांस्कृतिक व धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। इससे पहले यह क्षेत्र सदर और खागा विधानसभा सीटों के अंतर्गत आता था। 2012 में इस सीट पर पहला चुनाव हुआ, जिसमें बसपा के मोहम्मद आसिफ ने कांग्रेस की ऊषा देवी को हराकर जीत दर्ज की। 2017 में भाजपा के रणवेंद्र प्रताप सिंह विजयी हुए और उन्होंने कांग्रेस की ऊषा मौर्या को पराजित किया; इसके बाद वे राज्य सरकार में राज्य मंत्री भी बने। 2022 के चुनाव में समाजवादी पार्टी की ऊषा मौर्या ने भाजपा के रणवेंद्र प्रताप सिंह को 25,181 मतों के अंतर से हराकर सीट अपने नाम की। हुसैनगंज सीट पर मुस्लिम, मौर्या, लोधी और ओबीसी समुदायों के मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। पिछले तीन चुनावों 2012 में बसपा, 2017 में भाजपा और 2022 में सपा की जीत से साफ है कि यहां का मतदाता बदलाव के लिए हमेशा तैयार रहता है और जातीय-सामाजिक समीकरणों के अनुसार मतदान करता है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
ऊषा मौर्या समाजवादी पार्टी (सपा) की नेता हैं और वर्तमान में उत्तर प्रदेश विधानसभा में फतेहपुर जिले की हुसैनगंज सीट से विधायक के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के राज्य मंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह को 25,181 मतों के बड़े अंतर से हराकर पहली बार जीत दर्ज की। उनका जन्म 1973 में हुआ था और वे खुदरा व्यवसाय व कृषि से भी जुड़ी हुई हैं। इससे पहले 2017 में उन्होंने कांग्रेस की प्रत्याशी के रूप में हुसैनगंज सीट से चुनाव लड़ा था, जिसमें वे उपविजेता रहीं। ऊषा मौर्या का राजनीतिक सफर सामाजिक मुद्दों के प्रति संवेदनशीलता और स्थानीय स्तर पर सक्रियता के लिए जाना जाता है। वे सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाती हैं। 2022 चुनावी हलफनामों के अनुसार, उनके खिलाफ किसी भी प्रकार का गंभीर आपराधिक मामला दर्ज नहीं है.
हुसैनगंज विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में हुसैनगंज विधानसभा क्षेत्र में कई अहम मुद्दे जनता और राजनीतिक विमर्श का केंद्र रहे। क्षेत्र में रोजगार के सीमित अवसरों के कारण युवाओं का पलायन जारी रहा, जबकि स्वरोजगार योजनाओं और सरकारी नौकरियों की उपलब्धता भी नाकाफी रही। ग्रामीण इलाकों में जर्जर सड़कों, अनियमित बिजली आपूर्ति और स्वच्छ पेयजल की कमी ने जनजीवन को प्रभावित किया और बुनियादी सुविधाओं की मांग लगातार उठती रही। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति भी चिंताजनक रही सरकारी स्कूलों और अस्पतालों में संसाधनों की कमी, शिक्षकों और चिकित्सकों की अनुपस्थिति तथा गुणवत्तापूर्ण सेवाओं का अभाव प्रमुख समस्याएं रहीं। किसान सिंचाई के संसाधनों, खाद-बीज की उपलब्धता और फसल की उचित कीमत को लेकर परेशान रहे, वहीं बेमौसम बारिश और प्राकृतिक आपदाओं ने स्थिति को और गंभीर किया। कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठे, खासकर छेड़छाड़, चोरी, भूमि विवाद और आपराधिक घटनाओं की बढ़ोतरी ने असुरक्षा की भावना को बढ़ाया। महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द से जुड़े मसले भी उभरते रहे। इसके अतिरिक्त, मुस्लिम और ओबीसी मतदाताओं की बड़ी संख्या के चलते जातीय और सांप्रदायिक समीकरण, आरक्षण और राजनीतिक प्रतिनिधित्व जैसे मुद्दे भी चुनावी चर्चा में प्रमुख रूप से शामिल रहे।