जहानाबाद विधानसभा सीट - Fatehpur

जहानाबाद

वर्तमान विधायक
श्री राजेन्द्र सिंह पटेल
जिला
Fatehpur
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
भारतीय जनता पार्टी
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
फतेहपुर
जहानाबाद विधानसभा (फतेहपुर)
जहानाबाद विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में स्थित है और यह फतेहपुर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यह सीट मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्र में आती है और इसमें अमौली, टप्पाजर, पप्रेंदा, जहानाबाद, खजुहा और कोरा जहानाबाद (नगर पंचायत) शामिल हैं। यहां की राजनीति में जातीय समीकरण और स्थानीय मुद्दों की अहम भूमिका रहती है।
जनसंख्या  (जनगणना 2011)
जिला: फतेहपुर
लोकसभा क्षेत्र: फतेहपुर
जहानाबाद विधानसभा क्षेत्र की सटीक जनसंख्या उपलब्ध नहीं है
फतेहपुर जिले की कुल जनसंख्या (2011): 26,32,733
लिंगानुपात: 901/1000 पुरुष
साक्षरता दर: 67.4%
अनुसूचित जाति जनसंख्या: 24.75%
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिन्दू: 86.4%
मुस्लिम: 13.32%
अनुसूचित जाति: 24.75% (जिले में)
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 1,88,971
विजेता:  राजेन्द्र सिंह पटेल (भाजपा)
वोट शेयर: 41.5%
उपविजेता: मदन गोपाल वर्मा (सपा)
मतदान प्रतिशत: 61.2%
जहानाबाद विधानसभा सीट, जो उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में स्थित है, राज्य की राजनीतिक दृष्टि से एक अहम सीट मानी जाती है। 1977 के बाद से इस सीट पर जनता दल (जेडी), समाजवादी पार्टी (सपा), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और अपना दल जैसे दलों का प्रभाव देखने को मिला है। जेडी ने तीन बार और सपा ने दो बार यहां जीत दर्ज की है। हालांकि, 2017 के बाद से भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टियों का प्रभाव लगातार बढ़ा है। 2017 में अपना दल (भाजपा गठबंधन) के प्रत्याशी जय कुमार सिंह जैकी ने सपा के मदन गोपाल वर्मा को हराया था। इसके बाद 2022 में भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र पटेल ने सपा के वही उम्मीदवार मदन गोपाल को 18,192 वोटों के अंतर से हराकर पार्टी की स्थिति को और मजबूत किया। हालांकि, इस चुनाव में कुल मतदान प्रतिशत केवल 41.21% रहा, जो अपेक्षाकृत कम था। इन हालिया चुनावों से यह स्पष्ट होता है कि जहां कभी जेडी और सपा का वर्चस्व था, वहीं अब भाजपा इस सीट पर लगातार मजबूत होती जा रही है, जबकि सपा प्रमुख विपक्षी दल बनी हुई है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
राजेन्द्र सिंह पटेल उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले की जहानाबाद विधानसभा सीट (238) से भाजपा के विधायक हैं, जिन्होंने 2022 में इस सीट से ऐतिहासिक जीत दर्ज की—यह भाजपा की यहां पहली विजय थी। इससे पहले वे 1996 में बिंदकी (239) सीट से बसपा के टिकट पर विधायक चुने गए थे और 1998 से 2002 तक उत्तर प्रदेश सरकार में ग्राम विकास राज्यमंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं। बाद में भाजपा में शामिल होकर उन्होंने विभिन्न जिम्मेदारियाँ निभाईं। अपने मंत्री कार्यकाल के दौरान बिंदकी क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों के कारण वे 'विकासपुरुष' के रूप में लोकप्रिय हुए। उनका राजनीतिक जीवन सादगी, जनसंवाद और क्षेत्रीय विकास के प्रति प्रतिबद्धता के लिए जाना जाता है। सार्वजनिक रूप से उपलब्ध चुनावी हलफनामों में उनके खिलाफ किसी गंभीर आपराधिक प्रकरण या सजा का कोई उल्लेख नहीं मिलता।
जहानाबाद विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में जहानाबाद विधानसभा क्षेत्र (उत्तर प्रदेश) में कई अहम मुद्दे चर्चा में रहे हैं, जिनमें अधूरे विकास कार्य और लंबित परियोजनाएँ प्रमुख हैं। रिंद नदी पंप कैनाल जैसी योजनाएँ वर्षों से अधूरी हैं, जिनके शीघ्र पूर्ण होने की मांग स्थानीय विधायक ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की है। लोक निर्माण विभाग की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में रही, खासकर निर्माण खंड-दो को क्षेत्र से हटाने के फैसले के बाद, जो कारागार राज्यमंत्री की शिकायत के चलते हुआ था। इससे विभागीय जवाबदेही और विकास की गति पर प्रश्न उठे। बुनियादी सुविधाओं की स्थिति, जैसे सड़क, सिंचाई और जल आपूर्ति, विशेषकर ग्रामीण इलाकों में, काफी खराब रही है, जिससे जनता में असंतोष बढ़ा है। इसके साथ ही, स्थानीय राजनीति में दल-बदल और अस्थिरता के चलते विकास कार्यों की निरंतरता प्रभावित हुई है। वहीं, क्षेत्र में रोजगार के सीमित अवसरों के कारण युवाओं का पलायन भी एक बड़ा सामाजिक और राजनीतिक मुद्दा बनकर उभरा है।

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