जखनिया विधानसभा सीट - Ghazipur

जखनिया

वर्तमान विधायक
श्री बेदी
जिला
Ghazipur
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
सुलेहदेव भारतीय समाज पार्टी
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
गाज़ीपुर
जखनियां विधानसभा सीट
जखनियां उत्तर प्रदेश की विधानसभा सीट संख्या 373 है, जो गाज़ीपुर ज़िले में स्थित है। यह सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है और गाज़ीपुर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यह सीट जखनियां शहर और आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों को कवर करती है और इसके गठन के बाद से विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा प्रतिनिधित्व किया गया है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
ज़िला:गाज़ीपुर
विधानसभा संख्या: 373
आरक्षण: SC आरक्षित
कुल जनसंख्या: 547,798
साक्षरता दर (2011): 70.31%
लिंगानुपात: 994/1,000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: 89.3%
मुस्लिम: 10.2%
अन्य समुदाय: 1% से कम
अनुसूचित जातियाँ: 24.4%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,53,064
विजेता: बेदी (सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी)
वोट शेयर: 44.8%
उपविजेता: रामराज (भाजपा)
मतदान प्रतिशत: 60.7%
जखनियां विधानसभा सीट, जो गाजीपुर जिले में आती है और अनुसूचित जाति (SC) के लिए सुरक्षित है, उसका राजनीतिक इतिहास खासा दिलचस्प रहा है। 1967 से लेकर 2017 तक भाजपा यहां कभी अकेले नहीं जीत सकी। लंबे समय तक इस सीट पर सपा और बसपा का वर्चस्व रहा, खासकर 1989 से 2012 के बीच, जब ज्यादातर बार जीत इन्हीं पार्टियों की हुई। 2017 में हालात बदले, जब भाजपा और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) ने मिलकर चुनाव लड़ा और SBSP के त्रिवेणी राम ने जीत हासिल की। 2022 में भी SBSP ने अपनी पकड़ बनाए रखी और बेदी ने भाजपा के रामराज वनवासी को बड़े अंतर से हराया। जखनियां में दलित वोटरों की संख्या सबसे ज्यादा है, लेकिन मुस्लिम और पिछड़ी जातियां भी प्रभावी हैं। पिछले दो चुनावों में SBSP ने मजबूती से प्रदर्शन किया, जबकि भाजपा और बसपा को अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी। जातिगत समीकरण खासकर दलित, पिछड़ा और मुस्लिम वोटों का बंटवारा यहां के नतीजों को काफी हद तक तय करता है। कभी इस सीट पर सबसे मजबूत मानी जाने वाली बसपा की पकड़ भी अब कमजोर होती नजर आ रही है। 2022 में हुए चुनाव में बेदी (SBSP) को 44.53% वोट मिले और वे विजेता बने।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
बेदी राम, जो इस समय गाजीपुर की जखनियां (एससी आरक्षित) विधानसभा सीट से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के विधायक हैं, मूल रूप से जौनपुर जिले से आते हैं। हालांकि उनकी राजनीतिक सक्रियता गाजीपुर और पूरे पूर्वांचल में रही है। उनकी पत्नी बादामी देवी जौनपुर के जलालपुर ब्लॉक की प्रमुख हैं। बेदी राम का राजनीतिक सफर आसान नहीं रहा। उन्होंने पहले वाराणसी की पिंडरा सीट से निर्दलीय चुनाव भी लड़ा था, लेकिन हार गए थे। 2022 में एसबीएसपी के टिकट पर जखनियां से जीत हासिल कर वे विधायक बने। इलाके में उनकी छवि एक दबंग और असरदार नेता की है। हालांकि, उनका नाम कई बार विवादों में भी आया है। खासतौर पर पेपर लीक और भर्ती घोटालों से जुड़ी घटनाओं में। यूपी, एमपी और राजस्थान सहित कई राज्यों में उनके खिलाफ ऐसे मामलों में केस दर्ज हैं। करीब दस साल पहले यूपी एसटीएफ ने भी उन्हें पेपर लीक के एक मामले में गिरफ्तार किया था। उनके ऊपर आठ से ज्यादा आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और वे कई बार जेल भी जा चुके हैं।
जखनियां विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच सालों में जखनियां विधानसभा क्षेत्र में कई अहम मुद्दे लोगों के बीच चर्चा में रहे हैं। चूंकि यह इलाका पूरी तरह से ग्रामीण और खेती पर निर्भर है, इसलिए किसानों को सिंचाई, खाद-बीज, फसल का दाम और सरकारी योजनाओं के लाभ को लेकर काफी दिक्कतें झेलनी पड़ीं। सरकारी खरीद केंद्रों और एमएसपी को लेकर भी नाराजगी रही। दूसरी ओर, गांवों में टूटी-फूटी सड़कों, बिजली कटौती, साफ पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी लोगों को लगातार परेशान करती रही। शिक्षा की हालत भी कुछ खास नहीं रही सरकारी स्कूलों की बदहाली और युवाओं के लिए रोजगार के सीमित मौके की वजह से बहुत से लोग पलायन करने लगे हैं। जातीय तौर पर यह इलाका काफी विविध है यहां दलित आबादी बड़ी संख्या में है, साथ ही मुस्लिम और पिछड़ी जातियां भी अच्छी खासी मौजूद हैं, जिससे सामाजिक और राजनीतिक संतुलन पर असर पड़ता है। इसके अलावा, जखनियां में राजनीति भी स्थिर नहीं रही—दल बदल, नए गठबंधन और नेतृत्व में बदलाव अक्सर चर्चा में रहे, और अब तक भाजपा को यहां जीत नहीं मिल सकी है, जबकि सपा, बसपा और सुभासपा के बीच मुकाबला होता रहा है।

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