जलालाबाद विधानसà¤à¤¾ सीट - Shahjahanpur
जलालाबाद |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्री हरि प्रकाश वर्मा |
| जिला | Shahjahanpur |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | भारतीय जनता पार्टी |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | शाहजहांपुर |
जलालाबाद विधानसभा सीट
जलालाबाद उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले की एक प्रमुख विधानसभा सीट है। इसका विधानसभा क्रमांक 132 है और यह शाहजहांपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। इस क्षेत्र में मुख्यतः ग्रामीण आबादी है और कृषि, व्यापार एवं पशुपालन यहाँ की मुख्य आर्थिक गतिविधियां हैं।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: शाहजहांपुर
विधानसभा क्रमांक: 132
लोकसभा क्षेत्र: शाहजहांपुर
आरक्षण: सामान्य
अनुमानित आबादी: 5,96,680
साक्षरता दर: 54.46%
लिंग अनुपात: 843/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: 88.54%
मुस्लिम: 10.92%
अन्य समुदाय: 0.54% (सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध आदि)
अनुसूचित जाति: 13.5%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,15,430
विजेता: हरि प्रकाश वर्मा (भाजपा)
वोट: 46.2%
उपविजेता: नीरज नलीनीश (सपा)
मतदान प्रतिशत: 59.0%
जलालाबाद विधानसभा सीट, शाहजहांपुर जिले में स्थित है और शाहजहांपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। 1952 में गठित इस सीट को समाजवादी पार्टी का गढ़ माना जाता रहा है, वहीं बसपा का भी यहां अच्छा खासा असर रहा है। अब तक भाजपा को यहां कभी जीत नहीं मिली थी। 2017 में सपा के शरदवीर सिंह ने भाजपा प्रत्याशी मनोज कश्यप को 9,297 वोटों से हराया था। इस सीट पर कांग्रेस, जनसंघ, बसपा और सपा सभी ने अपना-अपना प्रतिनिधित्व किया है, लेकिन बीते चुनावों में सपा की पकड़ सबसे मजबूत रही। हालांकि, 2022 का चुनाव इस इतिहास से अलग रहा। कुल लगभग 3.54 लाख मतदाताओं में से 58.90% ने मतदान किया और भाजपा प्रत्याशी हरी प्रकाश वर्मा ने 99,609 वोट (45.97%) पाकर सपा के नीरज नलिनीश को 4,572 वोटों के अंतर से हरा दिया। यह पहली बार था जब भाजपा ने जलालाबाद सीट पर जीत दर्ज की, जो क्षेत्र की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
हरी प्रकाश वर्मा उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले की जलालाबाद विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। लगभग 42 वर्षीय वर्मा स्नातक और अधिवक्ता की पढ़ाई कर चुके हैं और पेशे से कृषक भी हैं। वे राजनीति में सक्रिय रहते हुए खास तौर पर कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों पर काम करते हैं। उनके चुनावी हलफनामे के मुताबिक, उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
जलालाबाद विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पाँच वर्षों में जलालाबाद विधानसभा क्षेत्र की जनता कई गंभीर समस्याओं से जूझती रही है। बरसात के दिनों में बाढ़ और जलभराव यहाँ की सबसे बड़ी चुनौती रही, जिससे ग्रामीण इलाकों में न सिर्फ आम जनजीवन ठप हो गया बल्कि खेती-किसानी भी प्रभावित हुई। नदियों और नालों के किनारे जल निकासी की कमजोर व्यवस्था इस समस्या को और बढ़ाती रही। पेयजल आपूर्ति की हालत भी खराब रही और कई जगहों पर लोगों को साफ पानी तक आसानी से नहीं मिल पाया। बिजली की बार-बार कटौती और कमजोर सप्लाई ने लोगों की नाराज़गी को और बढ़ाया। वहीं, टूटी-फूटी सड़कों और पुलों की कमी से आवागमन मुश्किल बना रहा। बेरोजगारी और रोजगार के अवसरों की कमी ने युवाओं को हताश किया, जबकि शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में संसाधनों की कमी के कारण लोगों को बुनियादी सुविधाएँ तक सही से नहीं मिल सकीं। इसके अलावा, इस क्षेत्र की सामाजिक-सांस्कृतिक धरोहर, जिसे भगवान परशुराम की जन्मस्थली माना जाता है, के संरक्षण और विकास की माँग भी लगातार उठती रही। कुल मिलाकर, इन मुद्दों ने न सिर्फ यहाँ की रोज़मर्रा की जिंदगी को प्रभावित किया बल्कि स्थानीय राजनीति की दिशा तय करने में भी अहम भूमिका निभाई।