जलेसर विधानसभा सीट - Etah

जलेसर

वर्तमान विधायक
श्री संजीव कुमार दिवाकर
जिला
Etah
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
भारतीय जनता पार्टी
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
आगरा
जलेसर विधानसभा सीट
जलेसर उत्तर प्रदेश विधानसभा की 403 सीटों में से एक है, जो एटा जिले में स्थित है। यह आगरा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पांच विधानसभा क्षेत्रों में से एक है। यह सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है और इसकी स्थापना 1956 में हुई थी, जबकि पहला चुनाव 1957 में हुआ था। यह क्षेत्र जलेसर और अवागढ़ तहसीलों को कवर करता है, जिसमें कई गांव और कस्बे शामिल हैं।
जनसंख्या और (जनगणना 2011)
नगर पालिका परिसद जनसंख्या:18,338
आरक्षण स्थिति: सामान्य
लिंगानुपात: 890/1000
साक्षरता दर (नगर): 69.62 %
धार्मिक और जातीय विभाजन
हिंदू: 60.88%
मुस्लिम: 36.85%
ईसाई: 0.07%
सिख: 0.08%
बौद्ध: 0.01%
जैन: 1.60%
अनुसूचित जाति (दलित): 15.83 %
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,01,912
विजेता: संजीव कुमार दिवाकर (भाजपा)
वोट शेयर: 45.2%
उपविजेता: रंजीत सुमन (सपा)
मतदान प्रतिशत: 68.0%
जलेसर विधानसभा सीट पर राजनीतिक परिदृश्य समय के साथ काफी बदला है। शुरुआती वर्षों में कांग्रेस और स्वतंत्र पार्टी जैसे दलों का दबदबा रहा, जहां 1985 तक कांग्रेस ने पांच बार जीत दर्ज की। इसके बाद 1989 से भाजपा और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच मुख्य मुकाबला देखने को मिला। अब तक भाजपा और कांग्रेस दोनों ने पांच-पांच बार जीत हासिल की है, जबकि सपा तीन बार विजयी रही है। बसपा को दलित वोटरों की निर्णायक भूमिका के बावजूद अब तक जीत नसीब नहीं हुई है। अन्य दलों में स्वतंत्र पार्टी, भारतीय क्रांति दल और जनता पार्टी ने एक-एक बार जीत दर्ज की है। लगभग 2.8 लाख मतदाताओं में यादव और दलित सबसे प्रभावशाली (लगभग 70-70 हजार), क्षत्रिय (37 हजार), मुस्लिम (30 हजार), लोधी (25 हजार) और बघेल (23 हजार) शामिल हैं। 1990 के दशक से यहां भाजपा और सपा के बीच बारी-बारी से जीत का सिलसिला रहा है, लगातार दो बार जीतने वाले उम्मीदवार बहुत कम रहे हैं। 2022 में भाजपा के संजीव कुमार दिवाकर ने सपा के रंजीत सुमन को 4,441 वोटों से हराया, जबकि बसपा तीसरे स्थान पर रही। कांग्रेस और अन्य दलों का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा। कुल मतदान प्रतिशत 45.10% रहा। सीट पर आमतौर पर भाजपा और सपा के बीच सीधी टक्कर होती है, जबकि बसपा तीसरे स्थान पर रहती है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
संजीव कुमार दिवाकर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता, का जन्म उत्तर प्रदेश के एटा जिले के जलेसर में हुआ था। वे जलेसर डिग्री कॉलेज से स्नातक हैं और राजनीति में आने से पहले खेती तथा जलेसर के प्रसिद्ध पीतल उद्योग से जुड़े रहे। उन्होंने 2017 में पहली बार जलेसर (एससी) विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। 2022 में भी उन्होंने सपा उम्मीदवार रंजीत सुमन को हराकर लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की। जनता के बीच उनकी छवि एक मिलनसार, जमीनी और सक्रिय नेता की है, जो स्थानीय समस्याओं के प्रति संवेदनशील माने जाते हैं। 2022 के चुनावी हलफनामे और सार्वजनिक स्रोतों के अनुसार, उनके खिलाफ कोई गंभीर आपराधिक मामला दर्ज नहीं है और न ही प्रमुख मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसा कोई उल्लेख मिलता है।
जलेसर विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में जलेसर विधानसभा क्षेत्र में कई प्रमुख मुद्दे सामने आए हैं, जिनमें औद्योगिक विकास, जल संकट और आधारभूत सुविधाओं का अभाव शामिल है। क्षेत्र के पारंपरिक घुंघरू-घंटी उद्योग को प्रोत्साहन देने के लिए गैस पाइपलाइन बिछाने की मांग प्रमुख रही है, जिससे उद्योग को सस्ती और निरंतर ऊर्जा आपूर्ति मिलने की उम्मीद है। जल संकट के रूप में खारे पानी की समस्या गंभीर बनी रही है और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग लगातार उठती रही है, जिसे लेकर स्थानीय प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री तक से हस्तक्षेप की अपील की है। सार्वजनिक सुविधाओं के तहत ग्राम बनवारीपुर में स्थित जाहरवीर गोगाजी मंदिर के सौंदर्यीकरण की आवश्यकता जताई गई है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में सीसी नाली (800 मीटर) जैसी बुनियादी विकास परियोजनाओं की मांग भी सामने आई है। इसके अलावा, जलेसर में एक नई पुलिस चौकी की स्थापना की मांग सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के उद्देश्य से की गई है।

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