जलेसर विधानसभा से विधायक संजीव कुमार दिवाकर का राजनीतिक सफर, शिक्षा, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार
जलेसर विधानसभा
संजीव कुमार दिवाकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और एटा जिले की जलेसर (अनुसूचित जाति) विधानसभा सीट से विधायक हैं। उनका जन्म जलेसर क्षेत्र में हुआ और उन्होंने जलेसर डिग्री कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की। राजनीति में आने से पहले वे खेती और जलेसर के प्रसिद्ध पीतल उद्योग से जुड़े रहे। 2017 में पहली बार विधायक चुने गए और 2022 में लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की। जनता के बीच उनकी पहचान एक जमीनी, सहज और सक्रिय जनप्रतिनिधि के रूप में है। उपलब्ध सार्वजनिक रिकॉर्ड के अनुसार उनके खिलाफ कोई गंभीर आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
राजनीतिक सफर
- 2017 में पहली बार भाजपा प्रत्याशी के रूप में विधानसभा चुनाव लड़ा।
- समाजवादी पार्टी के रंजीत सुमन को 19,808 मतों से हराकर विधायक बने।
- 2022 में पुनः भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीता।
- दूसरी बार रंजीत सुमन को 4,441 वोटों से हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की।
- युवा नेतृत्व और जनसंपर्क के कारण संगठन तथा जनता के बीच मजबूत पहचान बनाई।
प्रमुख कार्य और उपलब्धियां
- गांवों तक पक्की सड़कें, स्ट्रीट लाइट और पेयजल योजनाओं का विस्तार कराया।
- सरकारी विद्यालयों में नए भवन, स्मार्ट क्लास और छात्रवृत्ति सुविधाओं को बढ़ावा दिया।
- किसानों के लिए सिंचाई व्यवस्था, खाद-बीज वितरण और फसल खरीद व्यवस्था में सुधार के प्रयास किए।
- स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना, कोविड राहत शिविर और गरीब परिवारों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई।
- महिला स्वयं सहायता समूहों और पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित किया।
- प्रधानमंत्री आवास योजना और राशन योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
जलेसर के प्रमुख नेता
- संजीव कुमार दिवाकर भाजपा के युवा विधायक हैं और ग्रामीण विकास कार्यों के लिए जाने जाते हैं।
- रंजीत सुमन समाजवादी पार्टी के प्रमुख नेता हैं और पिछड़े वर्गों की राजनीति में सक्रिय रहे हैं।
- आकाश सिंह बसपा के युवा नेता हैं और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
- नीलिमा राज कांग्रेस की सक्रिय महिला नेता हैं और महिला नेतृत्व तथा सामाजिक कार्यों के लिए जानी जाती हैं।