कादीपुर विधानसà¤à¤¾ सीट - Sultanpur
कादीपुर |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्री राजेश कुमार गौतम |
| जिला | Sultanpur |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | भारतीय जनता पार्टी |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | सुल्तानपुर |
कादीपुर विधानसभा सीट
कादीपुर विधानसभा सीट सुलतानपुर जिले में स्थित एक अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित विधानसभा क्षेत्र है। यह सुलतानपुर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। कादीपुर अपना सामाजिक और राजनीतिक महत्व रखता है, जहां विभिन्न राजनीतिक दलों का मुकाबला होता रहता है। कादीपुर विधानसभा क्षेत्र राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री श्रीपति मिश्र का गृह क्षेत्र भी रहा है। यह क्षेत्र धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध है, जिसमें महावीरन धाम जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल शामिल हैं। कादीपुर में कृषि प्रधान जनजीवन है। क्षेत्र में सामाजिक और जातीय विविधता के कारण चुनावी राजनीति बहुत गतिशील रहती है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: सुलतानपुर
विधानसभा क्रमांक: 191
लोकसभा क्षेत्र: सुलतानपुर
आरक्षण: अनुसूचित जाति
अनुमानित आबादी: लगभग 5,56,329
साक्षरता दर: लगभग 70%
लिंग अनुपात: लगभग 930/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: लगभग 65%
मुस्लिम: लगभग 18%
अन्य समुदाय: लगभग 17%
अनुसूचित जाति: लगभग 90,000
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,20,310
विजेता: राजेश गौतम (भाजपा)
वोट: 43.8%
उपविजेता: भगेलु राम (सपा)
मतदान प्रतिशत: 58.3%
कादीपुर विधानसभा सीट, जो उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले में स्थित है, अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है और इसका राजनीतिक इतिहास बहुत ही विविध और गतिशील रहा है। स्वतंत्रता के बाद से यह कभी किसी एक परिवार या पार्टी का गढ़ नहीं बनी, बल्कि विभिन्न दलों ने समय-समय पर यहां अपनी पकड़ बनाई। 1957 से 1989 तक कांग्रेस का दबदबा रहा, जिसमें से 11 में से 10 बार कांग्रेस ने जीत हासिल की, जबकि 1977 में जनता पार्टी ने पहली बार इस सीट पर कब्जा किया। 1991 में भाजपा ने पहली बार यहां जीत दर्ज की और फिर 1993 में बसपा ने इसे जीता। इसके बाद बसपा, सपा और भाजपा के बीच लगातार सत्ता का बदलाव होता रहा। 2017 में भाजपा के राजेश गौतम ने जीत हासिल की, जो इससे पहले कांग्रेस के लिए भी काम कर चुके थे। 2022 में भी उन्होंने समाजवादी पार्टी के भगेलु राम को करीब 25 हजार वोटों के बड़े अंतर से हराया। उस चुनाव में कुल मतदाता करीब 3.73 लाख थे, और मतदान प्रतिशत लगभग 58% रहा। क्षेत्र में सवर्ण, अनुसूचित जाति के अलावा कुर्मी, पाल, यादव और मुस्लिम मतदाता भी बड़े असर वाले समूह माने जाते हैं। कादीपुर की राजनीति में सामाजिक समीकरण और राजनीतिक ध्रुवीकरण ने हमेशा निर्णायक भूमिका निभाई है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
राजेश कुमार गौतम उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले की कादीपुर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। वे अनुसूचित जाति (दलित, चमार) समुदाय से आते हैं। उन्होंने स्नातकोत्तर और एलएलबी की पढ़ाई की है। समाज सेवा में सक्रिय रहने वाले राजेश कुमार गौतम पिछड़े वर्गों के अधिकारों के लिए भी विधानसभा में प्रभावी भूमिका निभाते हैं। उनका राजनीतिक सफर 2017 में शुरू हुआ, जब उन्होंने पहली बार भाजपा के प्रत्याशी के तौर पर कादीपुर सीट से जीत हासिल की। इसके बाद 2022 में भी उन्होंने अपनी जीत दोहराई। 2025 में उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार की सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति का सदस्य भी बनाया गया। चुनाव आयोग को दिए गए शपथ पत्र के मुताबिक, उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
कादीपुर विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पाँच वर्षों में कादीपुर विधानसभा क्षेत्र की जनता कई गंभीर समस्याओं से जूझती रही है। सबसे बड़ी चिंता सड़कों की खराब हालत और परिवहन व्यवस्था की कमी रही, जिससे खासकर ग्रामीण इलाकों में आवागमन कठिन हो गया। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति भी लोगों को निराश करती रही, जहां स्कूलों में शिक्षकों की कमी और स्वास्थ्य केंद्रों में सुविधाओं की कमी लगातार मुद्दा बनी रही। इसके अलावा, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता और सफाई व्यवस्था में भी सुधार की आवश्यकता को प्रमुख रूप से उठाया गया। बेरोजगारी एक बड़ी चुनौती बनी रही, खासकर युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर कम होने की वजह से। सामाजिक समरसता और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने की मांग भी लोगों के बीच बनी रही, ताकि जातीय तनाव और सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर काबू पाया जा सके। साथ ही, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का सही तरीके से लागू होना और उनका लाभ सीधे जनता तक पहुंचना भी एक लंबित सवाल बना हुआ था। कुल मिलाकर, ये सभी मुद्दे कादीपुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति और विकास की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाते रहे हैं।