कायमगंज विधानसभा सीट - Farrukhabad

कायमगंज

वर्तमान विधायक
डा0 सुरभी
जिला
Farrukhabad
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
अपना दल (सोनेलाल)
कुल मतदाता
2,39,613
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
फर्रूखाबाद
कायमगंज विधानसभा सीट
कायमगंज विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले की एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक सीट है। यह सीट देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन की जन्मस्थली और कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद का गृहक्षेत्र भी रही है। 2012 के परिसीमन के बाद यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गई। कायमगंज का सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक दृष्टि से भी प्रदेश में विशेष स्थान है।
जनसंख्या एवं जनगणना 2011
जिला: फर्रुखाबाद
लोकसभा क्षेत्र: फर्रुखाबाद
आरक्षण स्थिति: अनुसूचित जाति (SC)
कुल जनसंख्या: लगभग 3 लाख
साक्षरता दर: 77.92 % (कायमगंज)
लिंगानुपात: 874/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिन्दू: 76.16%
मुस्लिम: 23.20%
जैन: 0.42%
ईसाई: 0.12%
सिख: 0.02%
बौद्ध: 0.6%
अनुसूचित जाति: 15.55 %
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,39,613
विजेता: डॉ. सुरभि गंगवार (अपना दल (एस))
वोट शेयर: 48.0%
उपविजेता: सर्वेश अंबेडकर (सपा)
मतदान प्रतिशत: 61.4%
कायमगंज विधानसभा सीट, जो फर्रुखाबाद जिले की एक महत्वपूर्ण आरक्षित सीट है, इसका चुनावी इतिहास बदलाव और सत्ता परिवर्तन से भरा रहा है। 1989 के बाद से यहां किसी भी पार्टी ने लगातार दो बार जीत दर्ज नहीं की है। 1996 में भाजपा के सुशील शाक्य विजेता रहे, 2002 में कांग्रेस की लुईस खुर्शीद, 2007 में बसपा के कुलदीप सिंह गंगवार, 2012 में सपा के अजीत कुमार, 2017 में भाजपा के अमर सिंह और 2022 में अपना दल (एस) की डॉ. सुरभि गंगवार ने जीत हासिल की। इस तरह यह सीट लगातार सत्ता और दलों के बदलाव का प्रतीक रही है, जहां मतदाता अक्सर सत्ता-विरोधी रुख अपनाते हैं। 2017 में भाजपा ने जोरदार जीत हासिल की थी, लेकिन 2022 में यह सीट सहयोगी दल अपना दल (एस) को सौंपी गई, जहां डॉ. सुरभि गंगवार ने सपा के सर्वेश अंबेडकर को बड़े अंतर से हराया। बसपा और कांग्रेस का प्रदर्शन सीमित रहा। 2022 के चुनाव में डॉ. सुरभि गंगवार ने 47.65% वोट शेयर के साथ 1,14,952 वोट हासिल किए, जबकि सर्वेश अंबेडकर को 39.97% वोट मिले।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
डॉ. सुरभि गंगवार वर्तमान में कायमगंज (अनुसूचित जाति आरक्षित) विधानसभा सीट से अपना दल (एस) की विधायक हैं, जिन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा-अपना दल (एस) गठबंधन की प्रत्याशी के रूप में 1,14,647 वोट हासिल कर समाजवादी पार्टी के सर्वेश अंबेडकर को हराया, जिन्हें 96,400 वोट मिले थे। उनका राजनीतिक सफर काफी तेज़ और घटनापूर्ण रहा, जिसमें उन्होंने नामांकन से ठीक पहले 10 दिनों के भीतर तीन बार पार्टी बदली पहले वे सपा में थीं, फिर 17 जनवरी 2022 को भाजपा में शामिल हुईं और अंततः अपना दल (एस) से टिकट लेकर भाजपा के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ा। हालांकि वे भाजपा के प्रतीक पर मैदान में उतरीं, लेकिन पार्टी सदस्यता उनका अपना दल (एस) से जुड़ा है। उनकी इस असामान्य राजनीतिक यात्रा ने उन्हें काफी चर्चित बना दिया। चुनावी हलफनामे के अनुसार, डॉ. सुरभि गंगवार के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
कायमगंज विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में कायमगंज विधानसभा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण मुद्दे सामने आए हैं, जिनमें बुनियादी सुविधाओं की कमी सबसे प्रमुख रही। क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में खराब सड़कों, जल निकासी की समस्या और बार-बार बिजली कटौती के कारण लोगों में असंतोष व्याप्त रहा है। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति भी चिंताजनक रही, जहां स्कूलों में शिक्षकों की कमी और सरकारी अस्पतालों में संसाधनों की कमी ने समस्याओं को और बढ़ाया है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को बेहतर बनाने की मांग लगातार उठती रही है। कृषि प्रधान इस क्षेत्र में किसानों को सिंचाई, खाद-बीज की उपलब्धता, फसल बीमा और मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा, साथ ही फसल का उचित मूल्य और समय पर भुगतान भी एक बड़ा मुद्दा रहा। बेरोजगारी भी एक अहम चिंता का विषय रही, विशेषकर युवाओं के लिए, जिन्होंने स्थानीय स्तर पर कोचिंग, लाइब्रेरी और मार्गदर्शन केंद्रों की आवश्यकता जताई। सामाजिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो कायमगंज में यादव, लोधी, कुर्मी, वैश्य, मुस्लिम, ब्राह्मण और शाक्य समुदायों की बड़ी आबादी है, जिससे जातीय संतुलन और सामाजिक समरसता बनाए रखना स्थानीय राजनीति का एक महत्वपूर्ण पहलू बना रहा। इसके अतिरिक्त, कानून-व्यवस्था, विशेषकर महिला सुरक्षा, छेड़छाड़ और अन्य छोटे अपराधों को लेकर भी जनता ने चिंता व्यक्त की और पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की।

उत्तर प्रदेश लेटेस्ट न्यूज़