कायमगंज विधानसभा से विधायक डॉ. सुरभि गंगवार का राजनीतिक सफर, शिक्षा, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार
कायमगंज विधानसभा
डॉ. सुरभि गंगवार वर्तमान में कायमगंज (अनुसूचित जाति आरक्षित) विधानसभा सीट से अपना दल (एस) की विधायक हैं, जिन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा-अपना दल (एस) गठबंधन की प्रत्याशी के रूप में 1,14,647 वोट हासिल कर समाजवादी पार्टी के सर्वेश अंबेडकर को हराया, जिन्हें 96,400 वोट मिले थे। उनका राजनीतिक सफर काफी तेज़ और घटनापूर्ण रहा, जिसमें उन्होंने नामांकन से ठीक पहले 10 दिनों के भीतर तीन बार पार्टी बदली पहले वे सपा में थीं, फिर 17 जनवरी 2022 को भाजपा में शामिल हुईं, और अंततः अपना दल (एस) से टिकट लेकर भाजपा के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ा। हालांकि वे भाजपा के प्रतीक पर मैदान में उतरीं, लेकिन पार्टी सदस्यता उनका अपना दल (एस) से जुड़ा है। उनकी इस असामान्य राजनीतिक यात्रा ने उन्हें काफी चर्चित बना दिया। चुनावी हलफनामे के अनुसार, डॉ. सुरभि गंगवार के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
शैक्षिक योग्यता और व्यक्तिगत पृष्ठभूमि
- डॉ. सुरभि गंगवार ने एमबीबीएस की डिग्री इलाहाबाद यूनिवर्सिटी (अब इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी) और किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ से प्राप्त की है। वे एक योग्य डॉक्टर हैं और निजी प्रैक्टिस के साथ-साथ सामाजिक सेवा के कार्यों में भी निरंतर जुड़ी रहती हैं।
- उनके पति अजीत गंगवार भी सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं और जनहित से जुड़े अभियानों में भाग लेते हैं।
- डॉ. सुरभि गंगवार की कुल संपत्ति लगभग 1.5 करोड़ रुपये आंकी गई है और उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
राजनीतिक सफर
- डॉ. सुरभि गंगवार ने अपने राजनीतिक कॅरियर की शुरुआत समाजवादी पार्टी से की थी, लेकिन बाद में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा। अंततः 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपना दल (एस) से उम्मीदवार के रूप में कायमगंज सीट से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की।
- वर्ष 2017 में उन्होंने सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उस समय भाजपा के उम्मीदवार अमर सिंह से हार गई थीं।
- 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने 1,14,952 वोट प्राप्त किए और समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी सर्वेश अंबेडकर को 18,543 वोटों के बड़े अंतर से पराजित किया।
- गठबंधन की राजनीति में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई और भाजपा तथा अपना दल (एस) दोनों दलों के मतदाताओं को एकजुट करने में सफलता हासिल की।
प्रमुख कार्य और उपलब्धियाँ
- डॉ. सुरभि गंगवार ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कराया, महिला स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाए और गरीब वर्ग के लिए मुफ़्त चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराईं।
- उन्होंने अपने क्षेत्र के ग्रामीण हिस्सों में हेल्थ सेंटरों का विस्तार करवाया ताकि लोगों को नज़दीक ही उपचार मिल सके।
- स्थानीय स्तर पर वे गरीबों, महिलाओं और छात्रों के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाती रहीं और उन्हें शिक्षा सहायता, राशन कार्ड, आवास योजना जैसी सरकारी सुविधाएँ दिलवाने में अहम भूमिका निभाई।
- उन्होंने क्षेत्र की जनता की समस्याओं जैसे सीवर, सड़क और पेयजल को गंभीरता से उठाया और उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास किए।
- सामाजिक समरसता, दलित वर्ग के उत्थान, शिक्षा और स्वास्थ्य के आधुनिकीकरण में भी वे सक्रिय रही हैं। उन्होंने बेटियों और महिलाओं के लिए विशेष कैंप आयोजित कर सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया।
- उनकी राजनीतिक और सामाजिक यात्रा ने कायमगंज क्षेत्र में महिला नेतृत्व और चिकित्सा पेशे से जुड़े लोगों की भागीदारी को एक नई दिशा और प्रेरणा दी है।
कायमगंज के अन्य प्रमुख नेता
- अमर सिंह (भाजपा): वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में अमर सिंह ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने अपने कार्यकाल में क्षेत्र में शिक्षा, सड़क और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया और भाजपा संगठन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- सर्वेश अंबेडकर (सपा): वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के रूप में दूसरे स्थान पर रहे। वे दलित समाज की आवाज़ को राजनीति में प्रभावशाली ढंग से उठाने के लिए जाने जाते हैं।
- कुलदीप गंगवार (बसपा): वर्ष 2007 में बसपा के विधायक रहे। उन्होंने सामाजिक न्याय और दलित समाज के अधिकारों के लिए सक्रिय रूप से कार्य किया और समाज के वंचित वर्गों को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास किया।
- लुईस खुर्शीद (कांग्रेस): वर्ष 2002 में कांग्रेस से विधायक चुनी गईं। वे महिला नेतृत्व की मिसाल रही हैं और क्षेत्र में शिक्षा तथा समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है।