कैराना विधानसभा से विधायक नाहिद हसन का राजनीतिक सफर, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार
कैराना विधानसभा
नाहिद हसन, समाजवादी पार्टी के नेता और उत्तर प्रदेश के शामली जिले की कैराना विधानसभा सीट से विधायक हैं। वे 2017 से लगातार इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और वर्तमान में 17वीं विधानसभा के सदस्य हैं। उनका जन्म कैराना में हुआ और वे एक किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। राजनीति के साथ-साथ कृषि से भी उनका गहरा जुड़ाव है। नाहिद का परिवार कैराना की राजनीति में एक मजबूत विरासत रखता है। उनके दादा, पिता और मां सभी विधानसभा या लोकसभा सदस्य रह चुके हैं। उन्होंने 2014 में कैराना लोकसभा चुनाव भी लड़ा था। वे क्षेत्रीय विकास, किसान हितों और सामाजिक सौहार्द जैसे मुद्दों पर लगातार सक्रिय रहते हैं। हालांकि, उनके राजनीतिक सफर में कुछ विवाद भी रहे हैं। 2021 में उन पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ और उन्हें जेल भी जाना पड़ा, लेकिन 2022 का चुनाव उन्होंने जेल से ही लड़ा और जीत भी हासिल की। बाद में अदालत से उन्हें जमानत मिल गई। इसके अलावा 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान एक बयान को लेकर उन पर जुर्माना भी लगा था। हालांकि 2022 चुनाव हलफनामें के अनुसार उनके खिलाफ 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
राजनीतिक कॅरियर
- 2012 में उन्होंने पहली बार सहारनपुर की गंगोह सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए।
- 2014 में सपा के टिकट पर कैराना लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन उसमें भी हार का सामना करना पड़ा।
- उसी वर्ष हुए उपचुनाव में सपा के उम्मीदवार के रूप में कैराना से विधायक बने और 2017 में भाजपा की मृगांका सिंह को हराया।
- 2022 में भी उन्होंने भाजपा की मृगांका सिंह को 25,887 वोटों से हराकर लगातार तीसरी बार विधायक चुने जाने का गौरव प्राप्त किया।
- कैराना पलायन विवाद, मुजफ्फरनगर दंगे और कई आपराधिक मुकदमों के बावजूद, वे जनता के बीच मजबूत पकड़ और प्रभाव बनाए रखने में सफल रहे।
प्रमुख कार्य और उपलब्धियां
- शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क—कई स्कूल, अस्पताल, सड़कों का निर्माण कराया; महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार योजनाएं।
- गरीब, मुस्लिम और पिछड़े वर्ग के बच्चों की पढ़ाई, अल्पसंख्यक हित और महिला सशक्तिकरण।
- जनता दरबार, संवाद, गांवों में सीधी मौजूदगी, बिजली, गैस, पेंशन, वृद्धावस्था राहत, स्कॉलरशिप, सरकारी योजनाओं का जमीनी कार्य।
- पिछले कार्यकालों में कई विवादों, मुकदमों (17 केस, गैंगस्टर एक्ट, महामारी अधिनियम समेत)।
- कैराना का साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण/धारा मामलों में परिवार समेत चर्चा में, लेकिन सपा के सामाजिक समीकरण से लगातार जीत।
कैराना के अन्य प्रमुख नेता
- मृगांका सिंह (भाजपा): वे विधायक हुकुम सिंह की बेटी हैं और 2017 से 2022 तक लगातार कैराना सीट पर उपविजेता रही हैं।
- हुकुम सिंह (भाजपा): सात बार विधायक और सांसद रहे, कैराना क्षेत्र के कद्दावर गुर्जर नेता के रूप में पहचान रखते हैं।
- दिवाकर देशवाल (बसपा): दलित और पिछड़ा वर्ग की आवाज, सामाजिक कार्यों में सक्रिय, 2017 के चुनाव में तीसरे स्थान पर रहे।