कैसरगंज विधानसभा सीट - Bahraich

कैसरगंज

वर्तमान विधायक
श्री आनन्‍द कुमार यादव
जिला
Bahraich
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
समाजवादी पार्टी
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
कैसरगंज
कैसरगंज विधानसभा
कैसरगंज उत्तर प्रदेश विधान सभा की सीट संख्या 288 है, जो बहराइच जनपद में स्थित है। यह कैसरगंज लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पाँच विधानसभा क्षेत्रों में से एक है। यह एक संसदीय क्षेत्र है जो देश का 57वां लोकसभा क्षेत्र है. इसका गठन सन् 1952 में हुआ था. 2009 में हुए परिसीमन के पूर्व यह लोकसभा बहराइच और बाराबंकी जिलों की पांच विधानसभाओं को मिलाकर बनी थी, जिसमें पयागपुर, कैसरगंज, कटरा, करनैलगंज और तरबगंज शामिल है. परिसीमन के बाद कैसरगंज लोकसभा से बाराबंकी को हटाकर गोंडा जिले की तीन विधानसभा- तरबगंज, करनैलगंज और कटरा विधानसभा को जोड़ने के साथ बहराइच जिले की दो विधानसभा कैसरगंज और पयागपुर मिलाकर इसे नया रूप दिया गया।
कुल जनसंख्या (2011): 8,24,786
पुरुष: 4,35,798
महिला: 3,88,988
लिंग अनुपात: 893/1000
मतदाता संख्या (2022): 3,90,653
पुरुष: 2,06,505
महिला: 1,84,134
अन्य: 14
आरक्षण: नहीं (सामान्य सीट)
लोकसभा क्षेत्र: कैसरगंज
हालिया चुनाव परिणाम
2022 विधानसभा चुनाव
विजेता: आनंद कुमार यादव (सपा)
उपविजेता: गौरव वर्मा (भाजपा)
कुल मतदान: 2,26,063
कैसरगंज विधानसभा क्षेत्र में हालिया चुनावी परिणामों और पिछले कुछ वर्षों के रुझानों की बात करें तो यह साफ है कि यहां मुख्य मुकाबला समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच रहा है। 2022 के चुनाव में सपा के आनंद कुमार यादव ने भाजपा के गौरव वर्मा को हराया, जहाँ सपा को 45.51% और भाजपा को 42.11% वोट मिले। 2017 में भाजपा के मुकुट बिहारी वर्मा ने बसपा के खालिद खान को बड़े अंतर से हराया था, जबकि 2012 में भी उन्होंने भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की थी, हालांकि उस समय उनका वोट शेयर गिरकर 24% रह गया था। बसपा कभी-कभार तीसरे स्थान पर रही है, लेकिन निर्णायक भूमिका में नहीं रही और कांग्रेस व अन्य दलों का प्रभाव लगातार कमजोर रहा है। कुल मतदान प्रतिशत स्थिर रहते हुए करीब 45.51% रहा, जिससे यह संकेत मिलता है कि भाजपा और सपा के बीच सीधा और करीबी मुकाबला बना हुआ है। ऐतिहासिक रूप से भी यह सीट सपा और भाजपा के बीच अदल-बदल होती रही है 1993 और 1996 में सपा ने जीत दर्ज की, जबकि 1991, 2002 और फिर 2012 के बाद भाजपा ने दबदबा बनाए रखा, जिसे 2022 में सपा ने तोड़ा। 2007 में बसपा की एकमात्र जीत के बाद उसका जनाधार लगातार घटता रहा है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामले
आनंद कुमार यादव, समाजवादी पार्टी के नेता और वर्तमान में उत्तर प्रदेश की कैसरगंज विधानसभा (288) से विधायक हैं। इनका जन्म 1968 में बहराइच जनपद के कैसरगंज में हुआ था। इनके पिता का नाम शिवपलटन यादव है। उन्होंने 1990 में लखनऊ विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्री प्राप्त की। पेशे से वकील और सामाजिक कार्यकर्ता आनंद कुमार यादव 2022 के विधानसभा चुनाव में पहली बार समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े और 1,03,135 मत प्राप्त कर भाजपा के गौरव वर्मा को 7,711 मतों के अंतर से हराकर जीत दर्ज की। इससे पहले यह सीट लगातार भाजपा के कब्जे में थी, लेकिन 2022 में सपा ने इसे अपने पक्ष में कर सत्ता में वापसी की। वे शिक्षा, स्वास्थ्य, किसान हितों और क्षेत्रीय विकास को प्राथमिकता देने वाले जनप्रतिनिधि के रूप में जाने जाते हैं। अपनी मजबूत जनसंपर्क और गरीबों के अधिकारों के लिए सक्रियता के चलते वे क्षेत्र में लोकप्रिय हैं। चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे के अनुसार, उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नही है।
कैसरगंज विधानसभा के पाँच साल
पिछले पाँच वर्षों में कैसरगंज विधानसभा क्षेत्र में कई प्रमुख मुद्दे उभरे हैं, जिनमें कृषि और किसानों की समस्याएँ केंद्र में रहीं—जैसे फसलों की उचित कीमत, सिंचाई, खाद-बीज की उपलब्धता और भुगतान में देरी। सामाजिक न्याय और पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व का विषय भी महत्वपूर्ण रहा, खासकर क्षेत्र की जातीय संरचना को देखते हुए। बुनियादी विकास जैसे सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर जनता में असंतोष बना रहा, जबकि भाजपा सरकार ने अपने विकास कार्यों को प्रमुखता से प्रचारित किया। युवाओं के लिए रोजगार की कमी और सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता की माँग भी लगातार उठती रही। कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर चिंता तो रही, पर यह चुनावी विमर्श में अपेक्षाकृत कम रहा। इसके अलावा, बृज भूषण शरण सिंह और उनके परिवार का राजनीतिक प्रभाव, 2024 में लगे आरोपों और टिकट कटने के बावजूद, क्षेत्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बना रहा। साथ ही, राम मंदिर और अनुच्छेद 370 जैसे राष्ट्रीय मुद्दों का भी स्थानीय चुनावी माहौल पर असर देखने को मिला।

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