कैसरगंज विधानसभा से विधायक आनंद कुमार यादव का राजनीतिक सफर, शिक्षा, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार
10 June, 2026 | Desk

कैसरगंज विधानसभा से विधायक आनंद कुमार यादव का राजनीतिक सफर, शिक्षा, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार

कैसरगंज विधानसभा
आनंद कुमार यादव, समाजवादी पार्टी के नेता और वर्तमान में उत्तर प्रदेश की कैसरगंज विधानसभा (288) से विधायक हैं। इनका जन्म 1968 में बहराइच जनपद के कैसरगंज में हुआ था। इनके पिता का नाम शिवपलटन यादव है। उन्होंने 1990 में लखनऊ विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्री प्राप्त की। पेशे से वकील और सामाजिक कार्यकर्ता आनंद कुमार यादव 2022 के विधानसभा चुनाव में पहली बार समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े और 1,03,135 मत प्राप्त कर भाजपा के गौरव वर्मा को 7,711 मतों के अंतर से हराकर जीत दर्ज की। इससे पहले यह सीट लगातार भाजपा के कब्जे में थी, लेकिन 2022 में सपा ने इसे अपने पक्ष में कर सत्ता में वापसी की। वे शिक्षा, स्वास्थ्य, किसान हितों और क्षेत्रीय विकास को प्राथमिकता देने वाले जनप्रतिनिधि के रूप में जाने जाते हैं। अपनी मजबूत जनसंपर्क और गरीबों के अधिकारों के लिए सक्रियता के चलते वे क्षेत्र में लोकप्रिय हैं। चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे के अनुसार, उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
राजनीतिक सफर
  • आनंद यादव ने 2022 के विधानसभा चुनाव में कैसरगंज सीट से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और भाजपा के गौरव वर्मा को 7,711 वोटों के अंतर से हराया। उन्हें कुल 1,03,135 वोट मिले, जबकि गौरव वर्मा को 95,424 वोट प्राप्त हुए।
  • चुनाव के दौरान सपा कार्यकर्ताओं में उम्मीदवार को लेकर कुछ भ्रम की स्थिति बनी थी, क्योंकि शुरू में दो संभावित नाम चल रहे थे, लेकिन अंततः पार्टी ने आनंद यादव के नाम की आधिकारिक घोषणा की।
  • कैसरगंज में यादव, मुस्लिम और अनुसूचित जाति वर्ग का सपा को मजबूत समर्थन मिला, जिससे सामाजिक समीकरण पार्टी के पक्ष में गया।
  • उन्होंने अपने क्षेत्र में किसान, सिंचाई, सड़क, शिक्षा और युवाओं के रोजगार से जुड़े स्थानीय मुद्दों पर लगातार काम किया।
  • उनकी संगठनात्मक नीति सभी वर्गों को साथ लेकर चलने और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने पर केंद्रित रही।
प्रमुख कार्य और उपलब्धियां
  • आनंद यादव ने गरीब, किसान, दलित और पिछड़ा वर्ग के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति, निःशुल्क कोचिंग और फिजिकल ट्रेनिंग सेंटर की पहल की, जिससे युवाओं को सेना भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिली।
  • उन्होंने कैसरगंज क्षेत्र में स्कूल, सड़क, सिंचाई, तालाब, पेयजल, बिजली और नाली जैसी बुनियादी सुविधाओं का व्यापक विस्तार कराया।
  • पंचायत स्तर पर उन्होंने ग्राम विकास, स्वास्थ्य केंद्रों के सुदृढ़ीकरण, रोजगार शिविरों और महिलाओं के सशक्तिकरण कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया।
  • युवाओं को सेना में भर्ती के लिए जागरूकता और प्रशिक्षण अभियान चलाए, जिससे ग्रामीण युवाओं में नई ऊर्जा आई।
  • चुनाव जीतने के बाद वे लगातार जनता दरबार लगाकर लोगों की समस्याएँ सुनते और उनका तत्काल समाधान करते रहे।
  • उन्होंने किसानों, मजदूरों, दलितों और महिलाओं के लिए सरकारी योजनाओं— जैसे राशन, आवास, पेंशन और उज्जवला योजना का सक्रिय प्रचार और लाभार्थियों तक सीधा लाभ पहुँचाने का काम किया।
कैसरगंज के प्रमुख अन्य नेता
  • गौरव वर्मा भाजपा के युवा नेता हैं, जिन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव में उपविजेता रहकर अपनी सक्रियता दिखाई। वे शिक्षा और विकास से जुड़े अभियानों में लगातार सक्रिय रहते हैं।
  • मुकुट बिहारी वर्मा भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं, जो तीन बार विधायक और राज्य सरकार में मंत्री रह चुके हैं। उन्हें सामाजिक न्याय और संगठन में मजबूत पकड़ वाले नेता के रूप में जाना जाता है।
  • बकाउल्लाह खान बसपा के प्रभावशाली नेता हैं, जिनकी पकड़ पिछड़े समाज में मजबूत है। वे 2022 के विधानसभा चुनाव में तीसरे स्थान पर रहे।
  • बृजभूषण शरण सिंह भाजपा के वरिष्ठ और प्रभावशाली नेता हैं, जो चार बार सांसद रह चुके हैं। वे आसपास की कई सीटों पर प्रभावशाली और राजपूत-हिंदुत्व विचारधारा के प्रमुख चेहरों में से एक माने जाते हैं।