कन्नौज विधानसभा सीट - Kannauj

कन्नौज

वर्तमान विधायक
श्री असीम अरूण
जिला
Kannauj
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
भारतीय जनता पार्टी
कुल मतदाता
2,69,761
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
कन्नौज
कन्नौज विधानसभा सीट
कन्नौज विधानसभा सीट (क्रमांक 198) उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में स्थित है और कन्नौज लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यह सीट कन्नौज शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को कवर करती है। 2008 के परिसीमन के बाद यह सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है और जिले की पांच प्रमुख विधानसभा सीटों में शामिल है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: कन्नौज
विधानसभा क्रमांक: 198
लोकसभा क्षेत्र: कन्नौज
आरक्षण: अनुसूचित जाति
अनुमानित आबादी: 2.5-3 लाख (सटीक विधानसभा स्तर के आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं)
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: 75-80%
मुस्लिम: 16-20%
अन्य समुदाय: 1-5% से कम
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,69,761
विजेता: असीम अरुण (भाजपा)
वोट शेयर: 44.8%
उपविजेता: अनिल कुमार दोहरे (सपा)
मतदान प्रतिशत: 63.2%
कन्नौज विधानसभा सीट का राजनीतिक सफर काफी बदलता रहा है। 1980 के दशक तक यहां कांग्रेस का अच्छा प्रभाव था, लेकिन 1985 के बाद से पार्टी जीत नहीं सकी। 1991 में भाजपा ने बनवारी लाल दोहरे के नेतृत्व में पहली बार जीत दर्ज की और 1993 व 1996 में भी सफलता पाई। 2002 से 2017 तक समाजवादी पार्टी का दबदबा रहा, जिसमें अनिल कुमार दोहरे और कल्याण सिंह दोहरे जैसे नेताओं ने जीत हासिल की। कुल मिलाकर, पिछले तीन दशकों में भाजपा और सपा के बीच ही मुख्य मुकाबला देखने को मिला है, जबकि बसपा और कांग्रेस का असर कम होता गया। 2012 और 2017 में सपा के अनिल कुमार दोहरे ने जीत दर्ज की, लेकिन 2022 में भाजपा ने पूर्व आईपीएस अधिकारी असीम अरुण को उतारा, जिन्होंने कड़े मुकाबले में अनिल दोहरे को 6,090 वोटों से हराकर सपा के गढ़ में सेंध लगाई। इस चुनाव में सपा और भाजपा के बीच सीधी टक्कर रही, जबकि बसपा और कांग्रेस का प्रदर्शन खास नहीं रहा। कांग्रेस को तो यहां जीत दर्ज किए हुए करीब 36 साल हो चुके हैं।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
असीम अरुण, भाजपा के नेता और वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार में समाज कल्याण मंत्री हैं। वे 1994 बैच के रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी हैं और कानपुर के पुलिस कमिश्नर और एटीएस चीफ जैसे अहम पदों पर रह चुके हैं। मार्च 2022 में उन्होंने कन्नौज सदर सीट से विधायक के तौर पर राजनीति में कदम रखा और सपा के अनुभवी नेता अनिल कुमार दोहरे को हराया। पुलिस सेवा में रहते हुए असीम अरुण ईमानदार और सख्त अफसर माने जाते थे, खासकर भ्रष्टाचार के खिलाफ उनके रुख की काफी सराहना हुई। दलित जाटव समुदाय से आने वाले असीम अरुण को भाजपा ने खास तौर पर दलित वर्ग को साधने के मकसद से चुनाव मैदान में उतारा था। 2022 के चुनावी दस्तावेजों के अनुसार उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं है।
कन्नौज विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में कन्नौज विधानसभा क्षेत्र (कन्नौज सदर) में विकास और जनता से जुड़े कई अहम मुद्दे सामने आए हैं। बुनियादी ढांचे जैसे सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट, स्कूलों की मरम्मत और सामुदायिक भवनों के लिए विकास निधि मिली है, जिससे सुधार की उम्मीद बढ़ी है। शिक्षा के क्षेत्र में स्कूलों की हालत और सुविधाओं की कमी बड़ा मुद्दा रही, हालांकि ऑपरेशन कायाकल्प के तहत सरकारी स्कूलों में काफी सुधार किए गए हैं। किसानों खासकर गन्ना किसानों को भुगतान में देरी, फसल की सही कीमत और सिंचाई की परेशानी रही है, जिसे दूर करने के लिए पानी की टंकियों और सरकारी योजनाओं पर काम हुआ है। स्वास्थ्य सेवाओं की कमी, खासकर कोरोना के वक्त, चिंता का कारण बनी रही, और ग्रामीण इलाकों में बेहतर अस्पतालों की जरूरत महसूस हुई। रोजगार और युवाओं के लिए ट्रेनिंग सेंटर और स्वरोजगार योजनाओं की मांग तेज रही, जिस पर कुछ कदम भी उठाए गए हैं। साथ ही, पेंशन, आवास, गैस कनेक्शन जैसी योजनाओं की पारदर्शिता पर सवाल उठते रहे हैं। महिलाओं की सुरक्षा और थानों में न्यायपूर्ण सुनवाई भी लगातार चर्चा में रही। कुल मिलाकर, शिक्षा, स्वास्थ्य, किसान, रोजगार और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे अब भी इस क्षेत्र की सबसे बड़ी ज़रूरतें बने हुए हैं।

उत्तर प्रदेश लेटेस्ट न्यूज़