10 June, 2026 | Desk

कन्नौज विधानसभा से विधायक असीम अरुण का राजनीतिक सफर, शिक्षा, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार

कन्नौज विधानसभा सीट
असीम अरुण, भाजपा के नेता और वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार में समाज कल्याण मंत्री हैं। वे 1994 बैच के रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी हैं और कानपुर के पुलिस कमिश्नर और एटीएस चीफ जैसे अहम पदों पर रह चुके हैं। मार्च 2022 में उन्होंने कन्नौज सदर सीट से विधायक के तौर पर राजनीति में कदम रखा और सपा के अनुभवी नेता अनिल कुमार दोहरे को हराया। पुलिस सेवा में रहते हुए असीम अरुण ईमानदार और सख्त अफसर माने जाते थे, खासकर भ्रष्टाचार के खिलाफ उनके रुख की काफी सराहना हुई। दलित जाटव समुदाय से आने वाले असीम अरुण को भाजपा ने खास तौर पर दलित वर्ग को साधने के मकसद से चुनाव मैदान में उतारा था। 2022 के चुनावी दस्तावेजों के अनुसार उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं है।
शिक्षा और योग्यताओं का इतिहास
असीम अरुण का जन्म 3 अक्टूबर 1970 को हुआ। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से स्नातक और यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिटिश कोलंबिया, कनाडा से पब्लिक पॉलिसी में एमए किया। वे 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे, एनएसजी ब्लैक कैट कमांडो प्रशिक्षण लेने वाले पहले आईपीएस भी रहे हैं।
राजनीतिक सफर
  • असीम अरुण ने कानपुर के पुलिस कमिश्नर पद से वीआरएस लेने के बाद 2022 में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की और कन्नौज सदर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, जहाँ उन्होंने जीत दर्ज की।
  • चुनाव जीतने के तुरंत बाद योगी सरकार ने उन्हें समाज कल्याण एवं अनुसूचित जाति-जनजाति मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की जिम्मेदारी सौंपी।
  • उनकी पहचान एक तेजतर्रार, विकासपरक और ईमानदार नेता की रही है। पुलिस प्रशासन में रहते हुए वे कानपुर, लखनऊ, अलीगढ़ और गोरखपुर जैसे महत्वपूर्ण जिलों में सेवा दे चुके हैं।
क्षेत्र में प्रमुख कार्य और उपलब्धियाँ
  • योगी सरकार में मंत्री रहते हुए असीम अरुण ने गरीबों, दलितों और अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए कई योजनाएँ ज़मीन पर लागू कीं।
  • उन्होंने गोवंश संरक्षण, गौशाला प्रबंधन, ग्रामीण विकास और चरागाह भूमि पर चारे की व्यवस्था के साथ-साथ महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाए।
  • कन्नौज के ग्रामीण इलाकों में सड़क, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य केंद्र जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया।
  • सामाजिक न्याय की दिशा में उन्होंने शौचालय निर्माण, उज्जवला योजना और नि:शुल्क राशन जैसी केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं को आम लोगों तक पहुँचाया।
  • अपनी प्रशासनिक दक्षता का परिचय देते हुए उन्होंने पुलिस प्रणाली में यूपी-112, कंट्रोल रूम, कोविड-19 नियंत्रण और आतंकवाद विरोधी अभियान जैसे कई नवाचार शुरू किए।
  • कन्नौज विधानसभा क्षेत्र के दलित, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और महिला वर्ग के लिए समाज कल्याण, स्वरोजगार और शिक्षा से संबंधित योजनाओं के लिए बजट उपलब्ध कराया।
कन्नौज के प्रमुख अन्य नेता
  • अनिल कुमार दोहरे (सपा): वर्ष 2012 और 2017 के चुनावों में जीत हासिल की और क्षेत्र के विकास के साथ-साथ ओबीसी अधिकारों की रक्षा और उनके उत्थान के लिए काम किया।
  • बनवारी लाल दोहरे (भाजपा, पूर्व): 1991, 1993 और 1996 में विधायक बने तथा कन्नौज में भाजपा संगठन को मजबूत और स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • समरजीत दोहरे (बसपा): दलित समाज में गहरी पकड़ रखते हैं और उन्होंने शिक्षा, सामाजिक न्याय तथा पिछड़े वर्गों के हितों के लिए लगातार काम किया।
असीम अरुण की छवि इमानदारी, प्रशासनिक अनुभव और लोगों की समस्याओं की सीधी सुनवाई के लिए पहचानी जाती है। क्षेत्र में लगातार दौरे, आम जनता का भरोसा और साफ प्रशासन उनका सबसे बड़ा योगदान है। असीम अरुण एक तेजतर्रार और शिक्षित भाजपा विधायक हैं, जो कन्नौज विधानसभा सीट से 2022 में पहली बार चुने गए। वे पूर्व आईपीएस अधिकारी रहे हैं और उनकी छवि ईमानदार, विकासशील, और समाज कल्याण कार्यों में गहराई से जुड़ी रही है।
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