10 June, 2026 | Desk

कांठ विधानसभा से विधायक कमाल अख्तर का राजनीतिक सफर, शिक्षा, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार

कांठ विधानसभा
कमाल अख्तर समाजवादी पार्टी के एक वरिष्ठ और अनुभवी नेता हैं, जो वर्तमान में उत्तर प्रदेश की कांठ विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उनका जन्म 24 अक्टूबर 1971 को अमरोहा जिले के उझारी गांव में हुआ था। पढ़ाई में भी वे मजबूत रहे हैं। उन्होंने जामिया मिल्लिया इस्लामिया, दिल्ली से अर्थशास्त्र में स्नातक (ऑनर्स) और एलएलबी की डिग्री हासिल की। राजनीति में उनकी शुरुआत सपा से हुई और अपने संगठनात्मक कौशल के चलते वे समाजवादी युवजन सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बने। उनका राजनीतिक सफर काफी विविध रहा है। 2004 से 2010 तक राज्यसभा सदस्य रहे, 2012 में हसनपुर विधानसभा सीट से विधायक चुने गए और पंचायती राज मंत्री बने। इसके बाद 2015 से 2017 तक वे उत्तर प्रदेश सरकार में खाद्य एवं रसद विभाग के कैबिनेट मंत्री भी रहे। 2017 में हसनपुर से चुनाव हारने के बाद उन्होंने 2022 में कांठ सीट से वापसी की और फिर विधायक बने। राजनीति उनके परिवार का हिस्सा है। उनकी पत्नी हुमेरा अख्तर भी सक्रिय राजनीति में हैं और लोकसभा चुनाव में सपा की उम्मीदवार रह चुकी हैं। कमाल अख्तर की छवि एक साफ-सुथरे, बेदाग और प्रभावशाली नेता की रही है, जिनके खिलाफ कोई गंभीर आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
राजनीतिक सफर
  • मुलायम सिंह यादव के करीबी माने जाने वाले इस नेता ने अपनी राजनीतिक यात्रा समाजवादी युवजन सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में शुरू की।
  • वर्ष 2004 में उन्हें राज्यसभा का सदस्य नामित किया गया, जिससे उनकी सक्रिय राजनीति की शुरुआत हुई।
  • 2012 में वे अमरोहा की हसनपुर विधानसभा सीट से विधायक चुने गए और अखिलेश यादव सरकार में पंचायती राज मंत्री बने।
  • 2015 में उन्हें अखिलेश सरकार में खाद्य एवं रसद मंत्री के रूप में जिम्मेदारी दी गई।
  • 2017 के विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा, लेकिन 2022 में कांठ विधानसभा सीट से जीत दर्ज की और समाजवादी पार्टी ने उन्हें विधानसभा का मुख्य सचेतक नियुक्त किया।
प्रमुख कार्य और उपलब्धियां
  • मंत्री पद पर रहते हुए उन्होंने राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाई, भ्रष्टाचार पर नियंत्रण किया और किसानों को बेहतर समर्थन देने के साथ ग्रामीण विकास की कई योजनाओं को ज़मीन पर उतारा।
  • पंचायत स्तर से लेकर पूरे प्रदेश तक सामाजिक न्याय, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, सड़क और गरीब व अल्पसंख्यक कल्याण से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई।
  • ग्रामीण युवाओं के लिए खेती, कानून और प्रशासनिक जागरूकता पर कार्यशालाएँ आयोजित कीं; साथ ही किताबें पढ़ना और खेलों में भाग लेना उनके व्यक्तिगत शौक रहे हैं।
  • वे क्षेत्र में लगातार जनसंपर्क में रहते हैं और युवाओं को शिक्षा व राजनीति के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए सामाजिक एकता और विविधता को मजबूत करते हैं।
कांठ के अन्य प्रमुख नेता और उनकी उपलब्धियां
  • राजेश कुमार (भाजपा): 2017 में क्षेत्र से विधायक चुने गए और उन्होंने क्षेत्रीय विकास में सक्रिय योगदान दिया; साथ ही भाजपा संगठन को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई।
  • रिजवान अहमद (बसपा): 2002 और 2007 में दो बार विधायक रहे; दलित और अल्पसंख्यक समाज के हितों की आवाज बने और उनके नेतृत्व में कई सामाजिक मुद्दों पर काम हुआ।
  • अनीसुर्रहमान (पीस पार्टी): 2012 में विधायक चुने गए और स्थानीय सामाजिक समस्याओं तथा जनहित के कार्यों पर ध्यान केंद्रित किया।
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