कासगंज विधानसभा से विधायक देवेंद्र सिंह लोधी का राजनीतिक सफर, शिक्षा, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार
कासगंज विधानसभा
देवेंद्र सिंह लोधी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश की कासगंज विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के टिकट पर भारी मतों से जीत हासिल की। लोधी समाज से आने वाले देवेंद्र सिंह क्षेत्र में अपनी सक्रियता, जमीनी मुद्दों पर मुखरता और जनहित के मामलों में सजग रुख के लिए पहचाने जाते हैं। वे स्थानीय विकास, प्रशासनिक पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार आवाज उठाते रहे हैं। हाल ही में उन्होंने कासगंज वन विभाग में भ्रष्टाचार के मामले को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत भी की, जिससे उनकी छवि एक ईमानदार और सक्रिय जनप्रतिनिधि की बनी है। 2022 चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनके खिलाफ दो आपराधिक मामले दर्ज हैं।
शिक्षा और व्यक्तिगत पृष्ठभूमि
- देवेंद्र सिंह लोधी की उम्र 60 वर्ष है और उन्होंने एलएलबी (लॉ ग्रेजुएट) की पढ़ाई पूरी की है।
- उनका पेशा वकालत, राजनीति और कृषि से जुड़ा है। वे बुलंदशहर के स्याना क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं और किसान संघ के जिलाध्यक्ष के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।
- उनके परिवार में माता, पत्नी, दो पुत्र, दो पुत्रवधू, दो पौत्री और दो पुत्री शामिल हैं।
राजनीतिक सफर
- वर्ष 2017 में पहली बार कासगंज सीट से भाजपा के विधायक के रूप में चुने गए और 2022 में दोबारा जीत दर्ज कर लगातार दूसरी बार जनता का विश्वास हासिल किया।
- वे लंबे समय से भाजपा संगठन के सक्रिय कार्यकर्ता रहे हैं और इससे पहले किसान संघ के जिला अध्यक्ष के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।
- क्षेत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने कासगंज वन विभाग के ट्री गार्ड घोटाले में एक करोड़ रुपये से अधिक के गबन का खुलासा किया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
- वे लगातार जनसंपर्क में रहते हैं, गांवों और नगरों का नियमित दौरा करते हैं तथा हर वर्ग के लोगों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं के समाधान की कोशिश करते हैं।
प्रमुख कार्य और उपलब्धियाँ
- वर्ष 2017 से मार्च 2025 तक लोक निर्माण विभाग की मदद से कासगंज क्षेत्र में लगभग 234 करोड़ 80 लाख रुपये की लागत से सड़कों, पुलों, बाईपास, इंटरलॉकिंग और नालियों सहित कई ढांचागत विकास कार्य पूरे कराए गए।
- उन्होंने अपनी विधायक निधि का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों के विकास, सिंचाई व्यवस्था सुधार, जल प्रबंधन, स्कूल-कॉलेजों के निर्माण और स्वागत एवं स्मृति द्वारों तथा शीतल जल प्याऊ जैसी जनसुविधाओं के विस्तार में किया।
- किसानों, व्यापारियों और गरीब तबके के लिए वे हमेशा सक्रिय रहे और सरकारी योजनाओं जैसे हेल्थ कैम्प, राशन कार्ड, उज्जवला योजना, आवास योजना और पेंशन वितरण को अधिकतम लाभार्थियों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
- अपने क्षेत्र में उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और मोहल्ला विकास के लिए लगातार अभियान चलाए और लोगों की जमीनी समस्याओं का समाधान तत्परता से किया।
- इसके साथ ही उन्होंने प्रशासनिक पारदर्शिता पर जोर दिया और सरकारी विभागों में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ खुलकर आवाज उठाई।
कासगंज के अन्य प्रमुख नेता
- नेतराम सिंह वर्मा (भाजपा): वे छह बार विधायक रह चुके हैं और लंबे समय से किसान संगठनों में सक्रिय भूमिका निभाते आए हैं। किसानों के अधिकार और क्षेत्रीय विकास के मुद्दों पर उनकी पहचान मजबूत रही है।
- मनपाल सिंह वर्मा (सपा/कांग्रेस): वे पूर्व मंत्री रह चुके हैं और सामाजिक न्याय तथा क्षेत्रीय विकास के लिए लगातार कार्य करते रहे हैं। उन्होंने शिक्षा, सड़क और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया।
- हसरत उल्ला शेरवानी (बसपा): वर्ष 2007 में विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बने। वे दलित समाज की आवाज के रूप में जाने जाते हैं और सामाजिक समानता के लिए सक्रिय रहे हैं।
- कुलदीप पांडेय (कांग्रेस): वे एक सक्रिय किसान नेता हैं, जिन्होंने ग्राम पंचायतों में किसानों की समस्याओं को उठाने और स्थानीय विकास के लिए लगातार प्रयास किए हैं।