कटरा बाज़ार विधानसभा सीट - Gonda

कटरा बाज़ार

वर्तमान विधायक
श्री बावन सिंह
जिला
Gonda
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
भारतीय जनता पार्टी
कुल मतदाता
2,32,638
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
कैसरगंज
कटरा बाजार विधानसभा सीट
कटरा बाजार विधानसभा (क्रमांक 297) उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में स्थित है और कैसरगंज लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यह क्षेत्र मुख्यतः ग्रामीण है, जिसमें कटरा बाजार नगर और आसपास के गांव शामिल हैं। सीट पर लंबे समय से बवान सिंह के नेतृत्व में भाजपा का प्रभाव रहा है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: गोंडा
विधानसभा क्रमांक: 297
लोकसभा क्षेत्र: कैसरगंज
अनुमानित आबादी: 3.5–4 लाख
साक्षरता दर: 58.71%
लिंग अनुपात: 921/1000
आरक्षण: सामान्य
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: 80-85%
मुस्लिम: 12-15%
अन्य समुदाय: 1% से कम
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,32,638
विजेता: बवान सिंह (भाजपा)
वोट शेयर: 48.3%
उपविजेता: बैजनाथ दुबे (सपा)
मतदान प्रतिशत: 60.4%
कटरा बाजार विधानसभा सीट, जो गोंडा जिले में स्थित है और कैसरगंज लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है, एक राजनीतिक रूप से सक्रिय और विविध इतिहास वाली सीट रही है। यहां 1980 के दशक से कांग्रेस, जनता पार्टी, लोकदल, भाजपा, सपा और बसपा जैसी पार्टियों के बीच मुकाबला होता रहा है। 1991 और 1993 में भाजपा के राम सिंह ने जीत दर्ज की, लेकिन 1996 के बाद से बवन सिंह ने भाजपा की ओर से यहां मजबूत पकड़ बना ली। हालांकि, 2002 और 2007 में सपा के बैजनाथ दुबे ने जीत हासिल की थी, लेकिन 2012 से लगातार तीन बार 2012, 2017 और 2022 में बवन सिंह ने भाजपा को इस सीट पर जिताया है। इस सीट पर ब्राह्मण मतदाता सबसे अधिक हैं, लेकिन मुस्लिम, क्षत्रिय, ओबीसी और दलित वोट भी अहम भूमिका निभाते हैं। क्षेत्र में विकास, रोजगार, किसानों की समस्याएं और चीनी मिल की स्थिति जैसे मुद्दे हमेशा चुनावी बहस का हिस्सा रहे हैं। 2022 के चुनाव में बवन सिंह ने सपा के बैजनाथ दुबे को हराया। भाजपा का वोट शेयर लगभग 48% रहा, जबकि सपा को करीब 40% वोट मिले। बसपा और कांग्रेस की उपस्थिति सीमित रही, और जातीय समीकरणों के साथ-साथ विकास के मुद्दों ने चुनावी नतीजों को प्रभावित किया।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
बवान सिंह, उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले की कटरा बाजार विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के चार बार के विधायक हैं और इलाके में एक मजबूत व लोकप्रिय नेता माने जाते हैं। वे 1996, 2012, 2017 और 2022 में इस सीट से चुनाव जीत चुके हैं। राजनीति उन्हें विरासत में मिली, क्योंकि उनके पिता श्रीराम सिंह भी 1991 और 1993 में इसी सीट से भाजपा के विधायक रह चुके हैं। बवान सिंह ने कभी डॉक्टर बनने का सपना देखा था, लेकिन पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने पढ़ाई छोड़कर राजनीति को अपना रास्ता बनाया। वे लंबे समय से भाजपा से जुड़े हुए हैं और जनसंघ के दौर से ही पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता रहे हैं। कटरा बाजार एक ब्राह्मण बहुल क्षेत्र है, और बवान सिंह को इस समाज के साथ-साथ अन्य समुदायों का भी अच्छा समर्थन मिलता रहा है। 2022 चुनावी हलफनामों के अनुसार, उनके खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज है।
कटरा बाजार विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
कटरा बाजार क्षेत्र में बीते कुछ वर्षों में बाढ़ और आपदा प्रबंधन एक बड़ी चिंता का विषय बना रहा है। हर साल मानसून के दौरान कई गांव और खेत बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं, जिससे फसलें नष्ट होती हैं और लोगों को भारी नुकसान झेलना पड़ता है। बाढ़ नियंत्रण और राहत कार्यों की मांग लगातार उठती रही है। इसके साथ ही सड़क, बिजली, जल निकासी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर भी लोगों में नाराजगी है। कई विकास परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं, जिससे जनता में असंतोष बढ़ा है। रोजगार की बात करें तो स्थानीय युवाओं को न तो सरकारी नौकरियों में मौका मिल पा रहा है और न ही स्वरोजगार या कौशल विकास की कोई ठोस व्यवस्था दिखी है। जातीय दृष्टि से यह इलाका ब्राह्मण बाहुल्य है, लेकिन मुस्लिम, क्षत्रिय, एससी और ओबीसी मतदाताओं की भी अच्छी खासी संख्या है, जिससे सामाजिक संतुलन और जातीय समीकरण चुनावी चर्चा का हिस्सा बने रहते हैं। यहां बीजेपी के बवन सिंह और उनके परिवार का वर्षों से दबदबा रहा है, जिससे विकास को लेकर लोगों में यह सवाल भी उठता है कि क्षेत्र की राजनीति अब भी परंपरागत ढर्रे पर है या वास्तव में बदलाव की ओर बढ़ रही है।

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