केराकत विधानसभा सीट - Jaunpur

केराकत

वर्तमान विधायक
श्री तुफानी सरोज
जिला
Jaunpur
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
समाजवादी पार्टी
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
मछलीशहर
केराकत विधानसभा सीट
केराकत विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में स्थित है और मछलीशहर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है और 2008 के परिसीमन के बाद इसका विधानसभा क्रमांक 372 है। केराकत क्षेत्र में शहरी और ग्रामीण दोनों तरह के मतदाता शामिल हैं।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: जौनपुर
विधानसभा क्रमांक: 372
लोकसभा क्षेत्र: मछलीशहर
आरक्षण: अनुसूचित जाति
अनुमानित आबादी: 2.5-3 लाख
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: 83-85%
मुस्लिम: 10-15%
अन्य समुदाय: 1-2% से कम
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,38,111
विजेता: तूफानी सरोज (सपा)
वोट शेयर: 39.5%
उपविजेता: दिनेश चौधरी (भाजपा)
मतदान प्रतिशत: 56.2%
केराकत विधानसभा सीट का राजनीतिक इतिहास काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। यहां 1957 में पहला चुनाव हुआ और शुरू के कई वर्षों तक कांग्रेस का दबदबा रहा, खासकर राम समझावन के नेतृत्व में। बीच में 1969 में जनसंघ और 1977 में जनता पार्टी ने भी सीट जीती। 1989 में जनता दल ने जीत दर्ज की, फिर 1990 के बाद से भाजपा, बसपा और सपा के बीच त्रिकोणीय मुकाबला शुरू हुआ। 1991, 1996 और 2002 में भाजपा ने जीत हासिल की, जबकि 1993 और 2007 में बसपा कामयाब रही। 2012 में सपा ने बसपा से सीट छीनी, लेकिन 2017 में भाजपा के दिनेश चौधरी ने सपा को हराया। 2022 में फिर सपा के तूफानी सरोज ने भाजपा से यह सीट वापस ले ली। पिछले 30 सालों में यहां भाजपा सबसे ज्यादा, चार बार जीत चुकी है, जबकि बसपा दो और सपा एक बार जीती है। हाल के चुनावों में भी यहां भाजपा, सपा और बसपा के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला है। जातीय समीकरण, खासकर पिछड़ी जातियों का वोट, चुनाव में अहम भूमिका निभाता है। शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसे स्थानीय मुद्दे भी वोटिंग के रुझान को प्रभावित करते हैं। 2022 में सपा के तूफानी सरोज ने भाजपा के दिनेश चौधरी को करीब 9,800 वोटों के अंतर से हराकर जीत दर्ज की।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
तूफानी सरोज समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं, जिनका जन्म 2 जुलाई 1956 को जौनपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ था। उन्होंने बलदेव डिग्री कॉलेज, वाराणसी से कला में स्नातक किया है। ये राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं और तीन बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं सैदपुर (गाजीपुर) और मछलीशहर (जौनपुर) से। फिलहाल वे 2022 से केराकत विधानसभा सीट से विधायक हैं। इनकी बेटी प्रिया सरोज 2024 में मछलीशहर से सांसद चुनी गईं, जिससे यह साफ है कि परिवार की राजनीतिक पकड़ मजबूत है। जहां तक आपराधिक रिकॉर्ड की बात है 2022 के चुनाव हलफनामें के अनुसार इनके खिलाफ कोई आधिकारिक मामला नहीं दर्ज है।
केराकत विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में केराकत विधानसभा क्षेत्र (जौनपुर) में कई अहम समस्याएं लगातार चर्चा में रही हैं। सबसे बड़ी चिंता शिक्षा और खासकर उच्च शिक्षा की कमी रही है, जिससे यहां के युवाओं को आगे की पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। इसी तरह रोजगार की कमी भी एक बड़ा मुद्दा बना रहा, जहां नौजवानों को ना सरकारी और ना ही निजी क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर ज्यादा अवसर मिल पाए, जिससे पलायन बढ़ा है। क्षेत्र अब भी सामाजिक और आर्थिक रूप से काफी पिछड़ा हुआ है बुनियादी सुविधाएं जैसे अच्छी सड़कें, बिजली, पानी, स्वास्थ्य सेवाएं और सिंचाई की सुविधाएं पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाई हैं। इसके अलावा, यहां की राजनीति में जातीय समीकरणों का खासा असर रहता है, जिसमें पिछड़ी जातियों का वोट निर्णायक भूमिका निभाता है। क्षेत्रीय दलों के बीच लगातार खींचतान और प्रतिस्पर्धा भी देखने को मिलती है। इन सब कारणों से क्षेत्र की समस्याएं समय के साथ बदलती तो रहीं, लेकिन समाधान आज भी अधूरे हैं।

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