केराकत विधानसभा से विधायक तूफानी सरोज का राजनीतिक सफर, शिक्षा, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार
केराकत विधानसभा
तूफानी सरोज समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं, जिनका जन्म 2 जुलाई 1956 को जौनपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ था। उन्होंने बलदेव डिग्री कॉलेज, वाराणसी से कला में स्नातक किया है। ये राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं और तीन बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं सैदपुर (गाजीपुर) और मछलीशहर (जौनपुर) से। फिलहाल वे 2022 से केराकत विधानसभा सीट से विधायक हैं। इनकी बेटी प्रिया सरोज 2024 में मछलीशहर से सांसद चुनी गईं, जिससे यह साफ है कि परिवार की राजनीतिक पकड़ मजबूत है। जहां तक आपराधिक रिकॉर्ड की बात है 2022 के चुनाव हलफनामें के अनुसार इनके खिलाफ कोई आधिकारिक मामला नहीं दर्ज है।
शैक्षिक योग्यता और निजी पृष्ठभूमि
- रामसूरत राजभर का जन्म 2 जुलाई 1956 को जौनपुर में हुआ।
- उन्होंने बलदेव डिग्री कॉलेज, बड़ागांव, वाराणसी से कला में स्नातक की डिग्री प्राप्त की।
- वे पेशे से किसान हैं और एक पेट्रोल पंप का संचालन भी करते हैं।
- उनके परिवार में पत्नी मुन्नी देवी, चार बेटियां और एक बेटा शामिल हैं। उनकी पुत्री प्रिया सरोज वर्तमान में मछलीशहर से सांसद हैं।
- उनकी कुल संपत्ति लगभग ₹6.55 करोड़ है, उन पर कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है, जबकि उनकी देनदारी लगभग ₹23.5 लाख बताई गई है।
राजनीतिक सफर
- उन्होंने समाजवादी पार्टी से राजनीतिक सफर की शुरुआत की और 1999, 2004 व 2009 में सैदपुर (गाज़ीपुर) और मछलीशहर (जौनपुर) लोकसभा सीट से सांसद चुने गए।
- साल 2022 में उन्होंने पहली बार केराकत विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और भाजपा प्रत्याशी दिनेश चौधरी को 9844 वोटों के अंतर से हराकर विधायक बने।
- पार्टी में उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी निभाईं। वे समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र प्रभारी और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रह चुके हैं।
- 2004 में एक कथित ऑडियो (गोली चलवाने से जुड़ा विवाद) सामने आने के बाद वे काफी चर्चा में रहे थे।
प्रमुख कार्य और उपलब्धियां
- उन्होंने केराकत क्षेत्र में सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और नाली जैसी बुनियादी सुविधाओं का मजबूत नेटवर्क खड़ा किया है। गांव-गांव चौपाल लगाकर उन्होंने सबका साथ, सबका विकास के संदेश को आगे बढ़ाया।
- दलित, पिछड़े और गरीब समाज के लिए वे लगातार काम करते रहे हैं। छात्रवृत्ति, महिला शिक्षा और किसान कल्याण योजनाओं को उन्होंने ज़मीन पर उतारने का प्रयास किया।
- हर पंचायत में जाकर उन्होंने संवाद और जनचौपाल का आयोजन किया, जहां लोगों की समस्याओं को सुना और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही रोजगार और आत्मनिर्भरता पर भी खास ध्यान दिया।
- विधायक निधि का उन्होंने पारदर्शी और सबको साथ लेकर उपयोग किया, जिससे क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं का त्वरित समाधान हो सका।
- लोकसभा सदस्य रहते हुए उन्होंने मछलीशहर और सैदपुर में कई कॉलेज, अस्पताल, सड़कें, सिंचाई परियोजनाएं और कुटीर उद्योगों की नींव रखी, जिससे क्षेत्र का विकास तेज़ हुआ।
केराकत के प्रमुख अन्य नेता
- दिनेश चौधरी (भाजपा) – वर्ष 2017 में वे विधायक चुने गए थे। अपने कार्यकाल में उन्होंने सड़क निर्माण और किसान मंडियों के विकास पर विशेष ध्यान दिया।
- राजेश सरोज (कांग्रेस) – 2012 के विधानसभा चुनाव में वे उपविजेता रहे। वे पिछड़े समाज की राजनीति से जुड़े हैं और सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
- गुलाब चंद (सपा) – 2012 में उन्होंने सपा उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी। अपने कार्यकाल में उन्होंने शिक्षा, ग्राम पंचायतों के विकास और बुनियादी ढांचे को सशक्त बनाने पर काम किया।