खज़नी विधानसभा सीट - Gorakhpur

खज़नी

वर्तमान विधायक
श्री श्रीराम चौहान
जिला
Gorakhpur
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
भारतीय जनता पार्टी
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
संत कबीर नगर
खजनी विधानसभा सीट
खजनी विधानसभा सीट (संख्या 325) उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में स्थित है और यह संत कबीर नगर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यह सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है और 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई। खजनी मुख्यतः ग्रामीण क्षेत्र है, जहां कृषि और श्रमिक वर्ग की बड़ी भागीदारी है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: गोरखपुर
विधानसभा क्रमांक: 325
लोकसभा क्षेत्र: संत कबीर नगर
अनुमानित कुल आबादी: 3.5-4 लाख
आरक्षण: अनुसूचित जाति
साक्षरता दर: 65-70%
लिंगानुपात: 950/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: 85-90%
मुस्लिम: 10-12%
अन्य समुदाय: 1 से कम
अनुसूचित जाति: 18-22%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 1,97,375
विजेता: श्रीराम चौहान (भाजपा)
वोट शेयर: 45.7%
उपविजेता: रूपावती बेलदार (सपा)
मतदान प्रतिशत: 52.2%
खजनी विधानसभा सीट, जो गोरखपुर जिले की अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित सीट है, उसमें पिछले कुछ वर्षों से भाजपा का दबदबा बना हुआ है। 2012 और 2017 में संत प्रसाद ने भाजपा की ओर से जीत दर्ज की, जबकि 2022 में पार्टी ने लगातार तीसरी बार जीत हासिल की और एक तरह से हैट्रिक बना ली। 2022 के चुनाव में भाजपा के श्रीराम चौहान ने सपा की रूपवती को 37,000 से ज्यादा वोटों के बड़े अंतर से हराया, जबकि बसपा के विद्यासागर तीसरे स्थान पर रहे। उस चुनाव में कुल 45.37% मतदान हुआ था, जिसमें भाजपा को सबसे ज्यादा 45.37% वोट मिले, जबकि सपा को 26.71% और बसपा को 23.35% वोट मिले। कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा और उसे सिर्फ 1.10% वोट मिले। इस नतीजे ने साफ कर दिया कि खजनी सीट पर भाजपा की पकड़ लगातार मजबूत होती जा रही है और क्षेत्र में उसका जनाधार भी स्थिर बना हुआ है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
श्रीराम चौहान भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और इस समय उत्तर प्रदेश विधानसभा में खजनी (SC) सीट से विधायक हैं। वे लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं और 11वीं, 12वीं और 13वीं लोकसभा में सांसद रह चुके हैं। इसके अलावा वे केंद्र सरकार में राज्य मंत्री और उत्तर प्रदेश सरकार में स्वतंत्र प्रभार मंत्री के तौर पर भी काम कर चुके हैं। पेशे से वे किसान हैं, पेट्रोल पंप भी चलाते हैं और उन्हें पेंशन भी मिलती है। जहां तक आपराधिक मामलों की बात है, 2022 चुनावी हलफनामे के मुताबिक उन पर एक मामला दर्ज है।
खजनी विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में खजनी विधानसभा क्षेत्र, जो गोरखपुर जिले में स्थित और अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है, उसमें कई अहम मुद्दे लोगों की चर्चा में रहे। क्षेत्र के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में सड़क, बिजली, पानी और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी बुनियादी सुविधाओं के सुधार की लगातार मांग उठती रही है, खासकर खराब सड़कों और जल निकासी की समस्याओं को लेकर। शिक्षा और रोजगार भी बड़ा मुद्दा रहा सरकारी स्कूलों की स्थिति और युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर नौकरी के सीमित अवसरों को लेकर नाराजगी दिखी। किसान भी सिंचाई, फसल बीमा, समर्थन मूल्य और समय पर भुगतान जैसे सवालों से जूझते रहे। कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रही और लोगों ने पुलिस की सक्रियता पर सवाल उठाए। चूंकि यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है, इसलिए दलित नेतृत्व, सामाजिक न्याय और भागीदारी जैसे मुद्दे भी चुनावी बहस का हिस्सा बने। साथ ही, कोविड-19 के समय स्वास्थ्य सेवाओं की कमजोर स्थिति, दवाओं की कमी और अस्पतालों की सुविधाओं को लेकर भी लोगों में असंतोष देखा गया।

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