खलीलाबाद विधानसभा से विधायक अंकुर राज तिवारी का राजनीतिक सफर, शिक्षा, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार
10 June, 2026 | Desk

खलीलाबाद विधानसभा से विधायक अंकुर राज तिवारी का राजनीतिक सफर, शिक्षा, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार

खलीलाबाद विधानसभा
अंकुर राज तिवारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के युवा विधायक हैं, जो संत कबीर नगर जिले की खलीलाबाद विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। 23 सितंबर 1991 को धरमपुरा गांव में जन्मे अंकुर राज तिवारी राजनीतिक पृष्ठभूमि से आते हैं। उनके पिता उदय राज तिवारी क्षेत्र के जाने-माने नेता और पूर्व सांसद रहे हैं। उन्होंने अक्टूबर 2021 में भाजपा की सदस्यता लेकर सक्रिय राजनीति में कदम रखा और महज कुछ ही महीनों बाद 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के दिग्विजय नारायण चौबे को हराकर जीत दर्ज की। राजनीति के साथ-साथ वे शिक्षा के क्षेत्र से भी जुड़े हैं और गंगा देवी कपिल देव महाविद्यालय का संचालन करते हैं, जहां गरीब बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है। चुनाव आयोग के हलफनामे के अनुसार, उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
शैक्षिक योग्यता और निजी पृष्ठभूमि
  • 2022 के हलफनामे के अनुसार उनकी उम्र 31 वर्ष है।
  • उन्होंने स्नातक की पढ़ाई पूरी की है।
  • उनका पेशा व्यापार, कृषि और सामाजिक सेवा से जुड़ा हुआ है।
  • उनकी कुल संपत्ति लगभग ₹6.9 करोड़ है और उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
राजनीतिक सफर
  • 2021 में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ली।
  • 2022 में खलीलाबाद सीट से पहली बार भाजपा के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और जीत हासिल की, इस तरह अपने पुराने प्रतिद्वंद्वी दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे की जगह ली।
  • खलीलाबाद क्षेत्र में परंपरा रही है कि हर चुनाव में विधायक बदल जाता है, लेकिन अंकुर राज तिवारी ने दूसरी बार भाजपा के लिए मजबूत जनाधार कायम किया।
  • उनके चुनावी घोषणापत्र में बंद चीनी मिल, औद्योगिक क्षेत्र, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य केंद्र और युवा-रोजगार जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया गया।
प्रमुख कार्य और उपलब्धियां
  • चुनाव जीतने के बाद उन्होंने अपने क्षेत्र में संवाद चौपाल आयोजित की और कानूनी मामलों, प्रशासनिक समस्याओं तथा युवाओं के रोजगार को प्राथमिकता दी।
  • किसानों, मजदूरों, महिलाओं और गरीबों सहित सभी वर्गों के लिए सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया और प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित की।
  • क्षेत्र में सड़कों का निर्माण, बंद चीनी मिल की समस्याओं और स्वास्थ्य-शिक्षा से जुड़े मुद्दों को विधानसभा में उठाया।
  • विकास कार्यों, शिक्षा, स्वास्थ्य केंद्र, सांस्कृतिक और धार्मिक स्थलों के विस्तार पर ध्यान दिया और संत कबीर की निर्वाणस्थली मगहर का पर्यटन विकास किया।
  • जनता दरबार का नियमित आयोजन किया, हमेशा क्षेत्र के लोगों के साथ संपर्क में रहे और समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया।
खलीलाबाद के प्रमुख अन्य नेता
  • दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे भाजपा के नेता हैं, जो 2017 से 2022 तक विधायक रहे और कंप्यूटर डिप्लोमा धारक हैं; ब्राह्मण समाज में उनकी मजबूत पकड़ है।
  • मशहूर आलम चौधरी बसपा से जुड़े हैं, 2017 में उपविजेता रहे और दलित-मुस्लिम सामाजिक समीकरण में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
  • डॉ. मोहम्मद अयूब पीस पार्टी के नेता हैं, 2012 में विधायक चुने गए और राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर रहे; स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में उन्होंने क्षेत्रीय योगदान दिया।
  • आफताब आलम बसपा से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता हैं और 2022 में प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े।