खैरागढ़ विधानसà¤à¤¾ सीट - Agra
खैरागढ़ |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्री भगवान सिंह कुशवाहा |
| जिला | Agra |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | भारतीय जनता पार्टी |
| कुल मतदाता | लगभग 3,00,000–3,50,000 |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | फतेहपुर सीकरी |
खेरागढ़ विधानसभा क्षेत्र, आगरा का चुनावी प्रोफाइल
खेरागढ़, एक महत्वपूर्ण नगर और तहसील मुख्यालय है, जो उटंगन नदी के किनारे और राजस्थान की राज्य सीमा के नजदीक बसा है। यह फतेहपुर सीकरी लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। इसमें खेरागढ़ तहसील के साथ-साथ नगला दूल्हे और कठुमरी जैसे गांव शामिल हैं, जो जगनेर ब्लॉक का हिस्सा हैं। यहां की जनसंख्या में ओबीसी, अनुसूचित जाति (एससी) और सवर्ण जातियां लगभग बराबर संख्या में हैं। क्षेत्र की अधिकांश आबादी किसान है, इसलिए किसानी, सिंचाई और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दे यहां की राजनीति में अहम भूमिका निभाते हैं।
इस सीट पर हाल के वर्षों में राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव देखने को मिला है। 2012 में बसपा के भगवान सिंह कुशवाहा ने सपा की रानी पक्षालिका सिंह को हराया था, जबकि 2017 में पार्टी की प्रदेशव्यापी लहर और ग्रामीण समर्थन की वजह से भाजपा के महेश कुमार गोयल ने 31,999 मतों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की। भाजपा तब से इस सीट पर मजबूत बनी हुई है, खासकर अपने संगठनात्मक ढांचे और ग्रामीण विकास व हिंदुत्व एजेंडे के कारण। बसपा ने दलित और ओबीसी वर्गों में अपनी परंपरागत पकड़ बनाए रखी है, जबकि कांग्रेस ने करगिल युद्ध के दिग्गज रामनाथ सिंह सिकरवार जैसे प्रभावशाली उम्मीदवारों को उतारा, लेकिन फिर भी जमीनी स्तर पर वापसी के लिए संघर्ष कर रही है। सपा, जो कभी इस सीट पर प्रतिस्पर्धी थी, अब पिछड़ती नजर आ रही है।
खेरागढ़ के पिछले 5 साल
पिछले पांच वर्षों में खेरागढ़, आगरा में कई सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय समस्याएं सामने आई हैं, जो स्थानीय जनता की प्राथमिक चिंताओं में शामिल रही हैं। कृषि संकट सबसे प्रमुख मुद्दा रहा, जहां पानी की कमी और सिंचाई सुविधाओं की खराब स्थिति ने किसानों को प्रभावित किया। अपराध और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों ने कानून-व्यवस्था और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। बुनियादी ढांचे में सड़क, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी लगातार ग्रामीण जीवन को प्रभावित कर रही है। शिक्षा के क्षेत्र में, विशेषकर लड़कियों की साक्षरता दर कम होने के साथ-साथ स्कूलों में संसाधनों की कमी एक गंभीर चुनौती बनी हुई है। पर्यावरणीय समस्याओं में जल संकट, उतंगन नदी का सूखना और प्रदूषण से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं भी चिंता का विषय हैं। साथ ही, जातिगत तनाव भी बड़े मुद्दे रहें।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
भगवान सिंह कुशवाहा उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से संबंध रखने वाले एक अनुभवी राजनेता हैं, जो वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े हैं। उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से एमएससी की डिग्री प्राप्त की है। अपने राजनीतिक कॅरियर में वे 2007 और 2012 में खेरागढ़ विधानसभा क्षेत्र से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायक रह चुके हैं। 2022 में उन्होंने बसपा छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला सार्वजनिक रूप से दर्ज नहीं है, हालाकिं उनके चुनावी हलफनामे में एक मामले का जिक्र मिलता है।