खुर्जा विधानसभा सीट - Bulandshahr

खुर्जा

वर्तमान विधायक
श्रीमती मीनाक्षी सिंह
जिला
Bulandshahr
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
भारतीय जनता पार्टी
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
गौतम बुद्ध नगर
खुर्जा विधानसभा सीट
खुर्जा उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से एक है। यह बुलंदशहर जिले में स्थित है और गौतम बुद्ध नगर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली पाँच विधानसभा सीटों में से एक है। इस क्षेत्र में पहला विधानसभा चुनाव 1952 में आयोजित हुआ था, जब 1951 में 'डीपीएसीओ (1951)' यानी परिसीमन आदेश पारित किया गया था। वर्ष 2008 में 'संसदीय और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन आदेश' लागू होने के बाद इस सीट को 70वीं विधानसभा क्षेत्र के रूप में पहचान दी गई। प्रारंभिक वर्षों में, यानी पहली और दूसरी विधानसभाओं के दौरान, इस क्षेत्र में दो सदस्यीय प्रतिनिधित्व (दो विधायक) व्यवस्था थी।
खुर्जा तहसील (जनगणना 2011)
विधानसभा क्षेत्र संख्या: 70
जिला: बुलंदशहर
लोकसभा क्षेत्र: गौतम बुद्ध नगर
आरक्षण स्थिति: अनुसूचित जाति
जनसंख्या: 5,19,063
लिंगानुपात: 889/1000
अनुसूचित जातियाँ: 27.36%
साक्षरता दर: 68.96%
धार्मिक और जातीय विभाजन (तहसील, जनगणना 2011)
मुस्लिम: 39.97%
हिन्दू: 58.11%
ईसाई:  0.24%
सिख: 0.25%
जैन: 0.14%
अनुसूचित जाति: 13.82%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता:  2,58,356
विजेता: मीनाक्षी सिंह  (भाजपा)
वोट शेयर: 53.2%
उपविजेता: बंशी सिंह (सपा)
मतदान प्रतिशत: 66.6%
खुर्जा विधानसभा सीट, जो बुलंदशहर जिले की एक प्रमुख अनुसूचित जाति (SC) आरक्षित सीट है, में पिछले कुछ दशकों से राजनीतिक परिदृश्य काफी विविध रहा है। यहां दलित और मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं, हालांकि मुस्लिम आबादी अच्छी-खासी होने के बावजूद अब तक कोई मुस्लिम उम्मीदवार यहां से नहीं जीत सका है। 1990 के दशक में भाजपा का प्रभावी वर्चस्व रहा, इसके बाद 2002 और 2007 में बसपा ने सीट पर कब्जा जमाया। 2012 में कांग्रेस ने बंशी सिंह पहाड़िया के नेतृत्व में जीत दर्ज की, लेकिन 2017 और 2022 में भाजपा ने पुनः मजबूती से वापसी करते हुए लगातार बड़ी जीत हासिल की। 2022 में भाजपा की मीनाक्षी सिंह ने सपा के बंशी सिंह को 67,084 मतों के बड़े अंतर से हराया, जबकि बसपा तीसरे स्थान पर रही। 2017 में भी भाजपा के विजेंद्र सिंह ने बसपा को बड़े अंतर से हराया था। सीट पर प्रत्याशी की व्यक्तिगत छवि, जातीय समीकरण और स्थानीय मुद्दे चुनाव परिणामों को गहराई से प्रभावित करते हैं। सपा ने 2022 में वोट शेयर में मामूली बढ़त हासिल की, जबकि बसपा का प्रभाव लगातार घटता दिखा। कुल मिलाकर, हाल के वर्षों में भाजपा का इस सीट पर वर्चस्व कायम रहा है, लेकिन सामाजिक समीकरणों की पेचीदगियों के चलते यह सीट अब भी बहुकोणीय मुकाबले का केंद्र बनी हुई है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
मीनाक्षी सिंह, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता, खुर्जा (अनुसूचित जाति आरक्षित) विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। इनका जन्म 26 जनवरी 1989 को खुर्जा में हुआ था और इन्होंने एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय से 2012 में कानून की डिग्री प्राप्त की। पेशे से वकील रहीं मीनाक्षी सिंह ने 2017 में भाजपा टिकट की दावेदारी की थी, लेकिन टिकट नहीं मिला। 2022 में पहली बार भाजपा प्रत्याशी बनीं और उन्होंने 67,084 मतों के रिकॉर्ड अंतर से ऐतिहासिक जीत दर्ज की। वे बुलंदशहर जिले की एकमात्र महिला विधायक हैं और क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और विकास कार्यों के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। विधानसभा में उन्होंने महिलाओं के मुद्दे और उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना की मांग को प्रमुखता से उठाया है। उनके खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज है।
खुर्जा विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में खुर्जा विधानसभा क्षेत्र में प्रमुख मुद्दों में पॉटरी उद्योग और स्थानीय रोजगार का विशेष स्थान रहा है, क्योंकि यह क्षेत्र का मुख्य आर्थिक आधार है और कारीगरों के लिए बेहतर बाजार, सरकारी सहायता तथा आधुनिक तकनीक की मांग लगातार बढ़ी है। बेरोजगारी और युवाओं के लिए स्वरोजगार, प्रशिक्षण व सरकारी योजनाओं की भी जरूरत महसूस की गई। बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, बिजली, जल आपूर्ति, सीवर और सफाई समेत शहरी एवं ग्रामीण विकास की समस्याएँ भी निरंतर चर्चा में रहीं। इसके अलावा, क्षेत्र में जाटव, खटीक, वाल्मीकि, प्रजापति, जाट, ब्राह्मण, ठाकुर, वैश्य और मुस्लिम समुदायों के बीच जातीय संतुलन, सामाजिक प्रतिनिधित्व और सांप्रदायिक सौहार्द चुनावी मुद्दों का अहम हिस्सा रहे। महिला सुरक्षा, लड़कियों की शिक्षा और सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता को लेकर भी स्थानीय स्तर पर सक्रिय आवाज़ उठती रही है।

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