किशनी विधानसभा सीट - Mainpuri

किशनी

वर्तमान विधायक
इंजी0 बृजेश कठेरिया
जिला
Mainpuri
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
समाजवादी पार्टी
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
मैनपुरी
किशनी विधानसभा सीट
किशनी विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में स्थित है। यह सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है और मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। क्षेत्र मुख्यतः ग्रामीण, कृषि प्रधान और सामाजिक रूप से विविध है। यहां पर समाजवादी पार्टी (सपा) का वर्चस्व 1989 से लगातार कायम है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: मैनपुरी
विधानसभा क्रमांक: 109
लोकसभा क्षेत्र: मैनपुरी
आरक्षण: अनुसूचित जाति (SC)
अनुमानित आबादी: लगभग 3,30,000
साक्षरता दर: लगभग 76%
लिंग अनुपात: 878/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: लगभग 90% से अधिक
मुस्लिम: करीब 6-7%
अन्य समुदाय: 1% से कम
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 1,94,610
विजेता: बृजेश कठेरिया (सपा)
वोट शेयर: 49.9%
उपविजेता: डॉ. प्रिय रंजन आशू दिवाकर (भाजपा)
मतदान प्रतिशत: 63.0%
किशनी विधानसभा, मैनपुरी जिले की एक अहम सीट है, जो अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है और लंबे समय से समाजवादी पार्टी (सपा) का मजबूत गढ़ रही है। 1992 में सपा के गठन के बाद से इस सीट पर लगातार सपा का कब्जा बना हुआ है और पिछले करीब 27 वर्षों में यहां किसी और दल को जीत नहीं मिली है। इससे पहले कांग्रेस, जनता दल और जनता पार्टी ने भी यहां जीत दर्ज की थी, लेकिन अब सपा की जमीनी पकड़ काफी मजबूत मानी जाती है। 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा के बृजेश कठेरिया ने लगभग 49.58% वोट हासिल कर भाजपा के प्रत्याशी डॉ. प्रीय रंजन आशू दिवाकर को हराया। मतदान प्रतिशत लगभग 50% रहा। जातीय समीकरणों की बात करें तो क्षत्रिय, दलित, यादव, शाक्य, ब्राह्मण और मुस्लिम समुदाय चुनावी नतीजों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हालांकि यह क्षेत्र बरेली-ग्वालियर हाईवे से जुड़ा है और यहां एक प्रमुख पक्षी विहार भी स्थित है, लेकिन विकास की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रही है। स्वास्थ्य सेवाओं, सड़कों, जलापूर्ति और रोजगार जैसे मुद्दे लगातार जनता की प्राथमिकताओं में रहे हैं। भाजपा ने यहां पिछले दो चुनावों में चुनौती जरूर दी है, लेकिन अब तक सत्ता परिवर्तन नहीं हो पाया है। किशनी की राजनीति अब भी सपा के इर्द-गिर्द घूमती है, हालांकि चुनावी मुकाबला अब पहले से ज़्यादा प्रतिस्पर्धात्मक होता जा रहा है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
बृजेश कठेरिया समाजवादी पार्टी के अनुभवी विधायक हैं, जो उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की किशनी विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे 2012 से लगातार इस सीट से जीतते आ रहे हैं और 2022 के चुनाव में भी उन्होंने समाजवादी पार्टी के टिकट पर जीत दर्ज की। पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर बृजेश कठेरिया जनसेवा और क्षेत्रीय विकास में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनकी राजनीतिक छवि साफ-सुथरी मानी जाती है, क्योंकि 2022 चुनावी हलफनामों के अनुसार उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
किशनी विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पाँच वर्षों में किशनी विधानसभा क्षेत्र में विकास को लेकर कई अहम मुद्दे सामने आए हैं, जो जनता की रोजमर्रा की ज़िंदगी और राजनीतिक सोच को गहराई से प्रभावित करते रहे हैं। क्षेत्र के कई गाँवों में आज भी कच्ची गलियाँ और टूटी-फूटी सड़कें आम हैं, जिससे आवागमन और जनसुविधाएं बुरी तरह प्रभावित होती हैं। बिजली और पेयजल आपूर्ति की अस्थिरता भी लगातार चिंता का विषय बनी रही है। स्वास्थ्य सेवाओं की हालत भी खास बेहतर नहीं है इलाके में पर्याप्त चिकित्सा केंद्र नहीं हैं और जो हैं, उनमें सुविधाओं का अभाव है। युवाओं के लिए रोजगार की कमी और स्वरोजगार को बढ़ावा न मिल पाना बड़ी चुनौती है, जिससे पलायन जैसी स्थिति बनी रहती है। किशनी में स्थित पक्षी विहार, जो रामसर साइट के रूप में अंतरराष्ट्रीय पहचान रखता है, उसके विकास और संरक्षण को लेकर ठोस कदम अब तक नहीं उठाए गए हैं। जातिगत समीकरण भी यहाँ की राजनीति में अहम भूमिका निभाते हैं। क्षत्रिय, यादव, शाक्य, मुस्लिम, ब्राह्मण, लोधी और अनुसूचित जाति समुदायों का संतुलन चुनावी नतीजों को प्रभावित करता है। बरेली-ग्वालियर हाईवे से जुड़ा होने के बावजूद किशनी विकास की दौड़ में पिछड़ा हुआ है और जनता लगातार शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत ढांचे में सुधार की माँग करती रही है।

उत्तर प्रदेश लेटेस्ट न्यूज़