किठौर विधानसभा सीट - Meerut

किठौर

वर्तमान विधायक
श्री शाहिद मंजूर
जिला
Meerut
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
समाजवादी पार्टी
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
मेरठ
किठौर विधानसभा क्षेत्र
किठौर विधानसभा उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में स्थित है और यह मेरठ लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। इस क्षेत्र में प्रमुख रूप से त्यागी और मुस्लिम समुदाय का दबदबा है। किठौर सीट 1956 में गठित हुई थी और यहाँ से कई बार छोटे दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। यह सीट अनारक्षित (सामान्य) है। हल्के ग्रामीण और कस्बाई मिश्रित इलाका इसमें आता है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: मेरठ
विधानसभा क्रमांक: 46
लोकसभा क्षेत्र: मेरठ
आरक्षण: सामान्य
अनुमानित आबादी: लगभग 5,66,000
साक्षरता दर: लगभग 61.11%
लिंग अनुपात: 928/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन (अनुमानित)
हिंदू: लगभग 64%
मुस्लिम: लगभग 35.7%
अन्य समुदाय: 1% से कम
अनुसूचित जाति: अनुमानित 15-20%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,52,957
विजेता: शाहिद मंजूर (सपा)
वोट शेयर: 42.3%
उपविजेता: सतवीर त्यागी (भाजपा)
मतदान प्रतिशत: 69.5%
किठौर विधानसभा क्षेत्र मेरठ जिले की एक अहम और राजनीतिक रूप से बेहद प्रतिस्पर्धात्मक सीट रही है। परंपरागत रूप से समाजवादी पार्टी (सपा) का गढ़ मानी जाने वाली इस सीट पर शाहिद मंजूर ने 2002, 2007 और 2012 में लगातार जीत दर्ज की, जिनके पिता मंजूर अहमद भी सक्रिय राजनीति में थे। हालांकि 2017 में भाजपा के सत्यवीर त्यागी ने उन्हें हराकर यह सीट जीत ली थी, जिससे साफ हुआ कि यहां किसी एक दल का स्थायी वर्चस्व नहीं है। 2022 के चुनाव में शाहिद मंजूर ने वापसी करते हुए भाजपा प्रत्याशी को सिर्फ 2,180 वोटों के बेहद करीबी अंतर से हराया। इस क्षेत्र की राजनीतिक दिशा जातीय और सामाजिक समीकरणों पर भी काफी हद तक निर्भर करती है। यहां करीब 1.25 लाख मुस्लिम मतदाता हैं, साथ ही दलित, गुर्जर, ब्राह्मण, ठाकुर और त्यागी समुदायों की भी उल्लेखनीय उपस्थिति है। चुनावी नतीजे अक्सर उम्मीदवार की छवि, पार्टी की जमीनी सक्रियता और स्थानीय मुद्दों पर लोगों की प्रतिक्रिया से तय होते हैं। कुल मिलाकर, किठौर विधानसभा राजनीति, सामाजिक संतुलन और स्थानीय विकास की उम्मीदों के बीच लगातार बदलते चुनावी मिज़ाज का उदाहरण है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
शाहिद मंजूर समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और किठौर विधानसभा क्षेत्र से मौजूदा विधायक हैं। उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से एम.ए. की डिग्री प्राप्त की है। वे लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं और किठौर सीट से चार बार विधायक चुने जा चुके हैं, जिसमें 2022 की जीत भी शामिल है। उनके पिता मंजूर अहमद भी पांच बार विधायक रह चुके हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उनका परिवार 1960 के दशक से राजनीति में गहराई से जुड़ा रहा है। पेशे से शाहिद मंजूर खेती और पेंशन पर निर्भर हैं। चुनावी हलफनामों के अनुसार, उनके खिलाफ दो आपराधिक मामले दर्ज हैं। उनके अनुभव और परिवारिक राजनीतिक विरासत ने उन्हें क्षेत्र में एक प्रभावशाली जनप्रतिनिधि के रूप में स्थापित किया है।
किठौर विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों (2019 से 2024) में किठौर विधानसभा क्षेत्र राजनीतिक और सामाजिक रूप से काफी सक्रिय और प्रतिस्पर्धात्मक बना रहा है। 2022 के चुनाव में समाजवादी पार्टी के शाहिद मंजूर ने भारतीय जनता पार्टी के सत्यवीर त्यागी को सिर्फ 2,180 वोटों से हराया, जबकि 2017 में यही मुकाबला भाजपा ने 10,822 वोटों से जीता था। यह दिखाता है कि यहां दोनों दलों के बीच कड़ी टक्कर रही है। 2022 में वोटिंग प्रतिशत करीब 42.19% रहा, जो मतदाताओं की भागीदारी में मामूली बदलाव को दर्शाता है। स्थानीय मुद्दों में बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं, आधारभूत सुविधाओं की कमी (जैसे सड़कें, पानी, बिजली), शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांगें प्रमुख रही हैं। क्षेत्र में ठाकुर और त्यागी समुदाय की उल्लेखनीय संख्या भी चुनावी समीकरणों को प्रभावित करती रही है। जनता ने विकास कार्यों, खासकर सड़कों की मरम्मत, जल प्रबंधन और बिजली आपूर्ति जैसे मुद्दों पर सरकार से अपेक्षाएं जताई हैं। कुल मिलाकर, किठौर की राजनीति में सामाजिक, जातीय और आर्थिक पहलुओं के साथ-साथ पार्टी प्रदर्शन भी अहम भूमिका निभाता रहा है।

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