किठौर विधानसभा से विधायक शाहिद मंजूर का राजनीतिक सफर, शिक्षा, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार
किठौर विधानसभा
शाहिद मंजूर समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और किठौर विधानसभा क्षेत्र से मौजूदा विधायक हैं। उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से एम.ए. की डिग्री प्राप्त की है। वे लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं और किठौर सीट से चार बार विधायक चुने जा चुके हैं, जिसमें 2022 की जीत भी शामिल है। उनके पिता मंजूर अहमद भी पांच बार विधायक रह चुके हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उनका परिवार 1960 के दशक से राजनीति में गहराई से जुड़ा रहा है। पेशे से शाहिद मंजूर खेती और पेंशन पर निर्भर हैं। चुनावी हलफनामों के अनुसार, उनके खिलाफ दो आपराधिक मामले दर्ज हैं। उनके अनुभव और परिवारिक राजनीतिक विरासत ने उन्हें क्षेत्र में एक प्रभावशाली जनप्रतिनिधि के रूप में स्थापित किया है।
शैक्षिक योग्यता और निजी पृष्ठभूमि
- इनका जन्म 12 जनवरी 1955 को मेरठ जिले के किठौर में हुआ था।
- इन्होंने पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री हासिल की है।
- पेशे से ये खेती-बाड़ी, पेंशन और सामाजिक सेवा से जुड़े हुए हैं।
- इनकी कुल संपत्ति लगभग 4.5 करोड़ रुपये है, जिसमें ₹72.8 लाख की चल संपत्ति और ₹3.8 करोड़ की अचल संपत्ति शामिल है।
- इनके खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज है, हालांकि इन पर किसी प्रकार की देनदारी नहीं है।
राजनीतिक सफर
- इन्होंने पहली बार 2002 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीता और विधायक बने।
- इसके बाद 2007, 2012 और 2022 के चुनावों में भी उन्होंने जीत दर्ज की।
- 2017 के चुनाव में उन्हें भाजपा के प्रत्याशी सत्यवीर त्यागी से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन 2022 में उन्होंने दोबारा जीत हासिल की और सत्यवीर त्यागी को 2,701 वोटों के अंतर से पराजित किया।
- वे मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के करीबी माने जाते हैं, साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार में श्रम मंत्री, कैबिनेट मंत्री और औद्योगिक विकास बोर्ड के सदस्य के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।
- मुस्लिम, दलित, गुर्जर, त्यागी और जाट समुदायों में इनकी गहरी पकड़ है, और मंज़ूर परिवार ने इस क्षेत्र का पांच बार प्रतिनिधित्व किया है।
प्रमुख कार्य और उपलब्धियाँ
- उन्होंने श्रम और अधिसूचित कामगारों, खासकर बीड़ी मजदूरों के सामाजिक अधिकार, रोजगार, स्वास्थ्य और आवास से जुड़ी कई योजनाएं लागू कीं।
- अपनी विधानसभा में सड़क, बिजली, सीवर लाइन, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और ग्रामीण ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया।
- किसानों की समस्याओं को उठाते हुए गन्ना मिल निर्माण, सिंचाई व्यवस्था और मंडी सुधार जैसे मुद्दों पर काम किया तथा ग्रामीण युवाओं के लिए कौशल विकास केंद्र शुरू किए।
- श्रमिकों के लिए श्रम अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू कराया और बीड़ी मजदूरों के लिए आवास योजना, शिक्षा और पोलियो जागरूकता अभियानों पर फोकस किया।
- चुनाव और जनसंपर्क के दौरान उन्होंने साम्प्रदायिक एकता, युवाओं और महिलाओं की शिक्षा, सामाजिक न्याय और सरकारी योजनाओं को हर वर्ग तक पहुंचाने को अपनी प्राथमिकता बनाया।
किठौर के दूसरे प्रमुख नेता
- सत्यवीर त्यागी (भाजपा): वर्ष 2017 में विधायक बने और 2022 के चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे। उन्होंने क्षेत्र में ग्राम विकास, शिक्षा और किसानों के कल्याण के लिए लगातार काम किया।
- मुनकाद अली (बसपा): वे बसपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य हैं। मुस्लिम और दलित मतदाताओं में उनकी मजबूत पकड़ है और संगठन में उनकी भूमिका प्रभावशाली मानी जाती है।
- बबीता गुर्जर (कांग्रेस): 2022 में कांग्रेस प्रत्याशी रहीं। वे महिला शिक्षा और पंचायत व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए लगातार सक्रिय रही हैं।
- केपी मावी (बसपा): 2022 के चुनाव में उन्होंने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और दलित समुदाय के मुद्दों तथा स्थानीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई।
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