कोरांव विधानसभा सीट - Allahabad

कोरांव

वर्तमान विधायक
राजमणि
जिला
Allahabad
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
भारतीय जनता पार्टी
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
प्रयागराज (इलाहाबाद)
कोरांव विधानसभा क्षेत्र का परिचय
कोरांव उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण अनुसूचित जाति (SC) आरक्षित विधानसभा क्षेत्र है। यह इलाहाबाद लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है और राज्य की कुल 403 विधानसभा सीटों में से इसका क्रमांक 265 है। यह क्षेत्र मुख्यतः ग्रामीण है और लगभग 1,170 वर्ग किलोमीटर के बड़े भौगोलिक क्षेत्र को कवर करता है।
जनसंख्या प्रोफ़ाइल
कोरांव विधानसभा क्षेत्र की कुल जनसंख्या के ताजा सटीक आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन 2001 की जनगणना के अनुसार कोरांव तहसील की कुल जनसंख्या लगभग 2,99,124 थी,
निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक: 265
जिला : प्रयागराज
साक्षरता दर: 72.32% (जनगणना 2011)
लोकसभा क्षेत्र:  इलाहाबाद
आरक्षण स्थिति: अनुसूचित जाति (SC)
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
जातिगत संरचना:
- अनुसूचित जातियाँ: अनुमानित 27.5%
- अनुसूचित जनजातियाँ: 0.37%
राजनीतिक और चुनावी रुझान
2022 चुनावी नतीजे:
विजेता: राजमणि कोल (भाजपा)
वोट शेयर: 41.3%
उपविजेता: राम देव (सपा)
मतदान प्रतिशत: 58.9 %
- 2017: राजमणि कोल (भाजपा)
- 2012: राजबली जैसल (बसपा)
- मतदान प्रतिशत:
- 2022: 58.89%
- 2017: 59.58%
- 2012: 61.66%
कोरांव, जो अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है, में भाजपा ने बीते वर्षों में अपनी मजबूत पकड़ बनाई है, खासकर कोल मतदाताओं के समर्थन से। जबकि पहले यहां वामपंथी दलों का प्रभाव था, अब मुख्य मुकाबला भाजपा, बसपा और सपा-कांग्रेस जैसे दलों के बीच होता है। 2012 में बसपा ने जीत हासिल की थी, लेकिन उसके बाद भाजपा ने लगातार बढ़त बनाई है, जो आदिवासी समीकरणों में उनकी मजबूत पकड़ और विस्तार को दर्शाता है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
राजमणि कोल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश की कोरांव विधानसभा सीट से विधायक हैं। आदिवासी कोल समुदाय से ताल्लुक रखने वाले राजमणि कोल पिछले करीब 30 वर्षों से भाजपा से जुड़े हुए हैं। पेशे से शिक्षक रहे वे सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी से स्नातकोत्तर हैं और सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाते आए हैं। उन्होंने 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की, जिसमें 2017 में उन्होंने कांग्रेस के रामकृपाल को लगभग 53,696 वोटों के बड़े अंतर से पराजित किया था। उनकी छवि ईमानदार और बेदाग मानी जाती है और उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। वे वनवासी कल्याण आश्रम के जिला अध्यक्ष भी रह चुके हैं और कोरांव क्षेत्र में अटल आवासीय विद्यालय जैसे स्थानीय विकास कार्यों में सक्रिय योगदान देते रहे हैं।
कोरांव विधानसभा के पिछले 5 साल
पिछले पांच वर्षों में कोरांव विधानसभा क्षेत्र में कई प्रमुख चुनावी और सामाजिक मुद्दे सामने आए हैं। क्षेत्र में आदिवासी और अनुसूचित जाति, विशेषकर कोल समुदाय की सशक्तिकरण की आवश्यकता एक अहम मुद्दा रहा है, क्योंकि यह समुदाय राजनीतिक और विकासात्मक फैसलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कृषि क्षेत्र में किसान छुट्टा जानवरों से फसलों को हो रहे नुकसान और पर्याप्त मुआवजा न मिलने जैसी समस्याओं से जूझते रहे हैं। युवाओं के लिए रोजगार की कमी भी एक गंभीर चुनौती बनी हुई है, जो चुनावी चर्चाओं में प्रमुख रूप से उभरती रही है। इसके अलावा, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे की कमी, विशेषकर आदिवासी क्षेत्रों में, विकास की गति को प्रभावित करती रही है। साथ ही, वनवासी और पिछड़े वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी रुप से लागू करना और उनकी पहुंच सुनिश्चित करना भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना रहा है।

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