कुन्दरकी विधानसà¤à¤¾ सीट - Moradabad
कुन्दरकी |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्री रामवीर सिंह |
| जिला | Moradabad |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | भारतीय जनता पार्टी |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | संभल |
कुंदरकी विधानसभा सीट
कुंदरकी विधानसभा उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले की एक महत्वपूर्ण सीट है। यह सभा क्षेत्र (क्रमांक 29) संभल लोकसभा का हिस्सा है और यहां का जनसंख्या एवं सामाजिक ताना-बाना मुस्लिम बहुल और जातीय रूप से विविध है। सीट पर आरक्षण नहीं है (सामान्य)।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: मुरादाबाद
विधानसभा क्रमांक: 29
लोकसभा क्षेत्र: सम्भल
आरक्षण: कोई नहीं (सामान्य)
अनुमानित आबादी: अनुमानित 2.5–3 लाख
साक्षरता दर: 46.75%
लिंग अनुपात: 888/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: लगभग 35-40%
मुस्लिम: लगभग 60%
अन्य समुदाय: 1% से कम
अनुसूचित जाति: लगभग 10%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,69,998
विजेता: जियाउर्रहमान बरक़ (सपा)
वोट शेयर: 46.6%
उपविजेता: कमल प्रजापति (भाजपा)
मतदान प्रतिशत: 71.3%
2024 उपचुनाव
विजेता: रामवीर सिंह (भाजपा)
उपविजेता: मोहम्मद रिजवान (सपा)
कुंदरकी विधानसभा सीट, जो मुरादाबाद जिले की एक मुस्लिम बहुल सीट मानी जाती है, लंबे समय से समाजवादी पार्टी का मजबूत गढ़ रही है। 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा के जियाउर्रहमान बर्क ने लगभग 46% वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी, जबकि भाजपा दूसरे स्थान पर रही थी और उसे सपा के प्रभाव को चुनौती देने में खास सफलता नहीं मिली। लेकिन 2024 में हालात पूरी तरह बदल गए। जब जियाउर्रहमान बर्क संसद सदस्य बने और सीट खाली हुई, तो उपचुनाव में भाजपा ने इतिहास रच दिया। ठाकुर रामवीर सिंह ने भाजपा को 31 साल बाद इस सीट पर पहली जीत दिलाई और वो भी भारी अंतर से— करीब 77% वोट शेयर के साथ। सपा के मोहम्मद रिजवान को सिर्फ 11.5% वोट ही मिल सके। यह जीत न सिर्फ भाजपा के लिए प्रतीकात्मक थी, बल्कि इससे यह भी साफ हो गया कि अब कुंदरकी जैसे मुस्लिम बहुल इलाकों में भी नए राजनीतिक समीकरण उभर रहे हैं। भाजपा ने हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदायों में असरदार पकड़ बनाते हुए सपा की पारंपरिक पकड़ को गंभीर चुनौती दी है। इन चुनावों ने साफ कर दिया है कि कुंदरकी की राजनीति बदलाव के दौर से गुजर रही है, जहां पुराने समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
ठाकुर रामवीर सिंह, उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले की कुंदरकी विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। एक किसान परिवार में जन्मे रामवीर सिंह की राजनीतिक यात्रा छात्र राजनीति से शुरू हुई और 1993 में उन्होंने बीजेपी से जुड़कर सक्रिय राजनीति में कदम रखा। 1999 में वे मुरादाबाद जिले के भारतीय किसान संघ के सचिव बने और तभी से संगठनात्मक स्तर पर मजबूत पकड़ बनाई। उन्होंने 2007 में मुरादाबाद देहात सीट से पहला विधानसभा चुनाव लड़ा, जबकि 2012 और 2017 में कुंदरकी सीट से सपा के हाजी रिजवान के खिलाफ चुनाव लड़े, हालांकि हार गए। बावजूद इसके, उन्होंने अपना जनसंपर्क और संगठन में सक्रियता बनाए रखी। आखिरकार 2024 के उपचुनाव में उन्होंने बीजेपी के टिकट पर शानदार वापसी करते हुए करीब 1.44 लाख वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की, जो कुंदरकी जैसे मुस्लिम बहुल क्षेत्र में पार्टी के लिए ऐतिहासिक मानी गई। चुनाव आयोग को दिए गए शपथपत्र के अनुसार उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
कुंदरकी विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र कई सामाजिक, विकासात्मक और राजनीतिक मुद्दों का केंद्र रहा है। मुस्लिम बहुल और जातीय रूप से विविध इस क्षेत्र में सामाजिक संतुलन और जातिगत समीकरणों का चुनावी राजनीति पर खासा असर रहा है। 2024 के उपचुनाव में भाजपा ने यहां पहली बार 31 साल बाद जीत दर्ज की, जिसे क्षेत्र की राजनीति में एक बड़ा बदलाव माना गया। विकास के मोर्चे पर साफ पानी, सड़क, बिजली, जल निकासी और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी लोगों की सबसे बड़ी चिंता बनी रही। कानून-व्यवस्था भी बड़ा मुद्दा रही, खासकर चुनावों के दौरान सुरक्षा और निष्पक्षता को लेकर मतदाताओं ने सवाल उठाए। बेरोजगारी की वजह से युवाओं का पलायन लगातार बढ़ा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों की मांग और तेज़ हो गई। साथ ही, मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता, पर्चियों के वितरण और प्रशासनिक निष्पक्षता को लेकर भी बहस होती रही, जहां समाजवादी पार्टी ने कई बार चुनाव रद्द कराने तक की मांग उठाई। सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील और स्थानीय नेताओं की सक्रियता, संगठन की मजबूती भी क्षेत्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। कुल मिलाकर, कुंदरकी के ये मुद्दे पिछले कुछ वर्षों में न केवल लोगों की अपेक्षाओं को बल्कि राजनीतिक रणनीतियों को भी लगातार प्रभावित करते रहे हैं।