कुर्सी विधानसà¤à¤¾ सीट - Barabanki
कुर्सी |
|
|---|---|
| वर्तमान विधायक | साकेन्द्र प्रताप वर्मा |
| जिला | Barabanki |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | भारतीय जनता पार्टी |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | बाराबंकी |
कुर्सी विधानसभा क्षेत्र
कुर्सी, उत्तर प्रदेश की विधानसभा क्षेत्र संख्या 266 है, जो बाराबंकी ज़िले में स्थित है। यह क्षेत्र कुर्सी क़स्बे और आस-पास के ग्रामीण इलाक़ों को कवर करता है। कुर्सी, बाराबंकी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत पाँच विधानसभा क्षेत्रों में से एक है। यह सीट सामान्य (अनारक्षित) श्रेणी की है। 2022 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साकेंद्र प्रताप वर्मा यहां से विधायक चुने गए थे।
जनसंख्या
कुल मतदाता (2022): 3,95,071
ज़िले की कुल जनसंख्या (2011): 32,60,699
लिंग अनुपात (जिला): 887/1,000
साक्षरता दर (जिला): 61.75%
धार्मिक और सामुदायिक विभाजन (2011 जनगणना अनुसार)
हिन्दू: 76.84%
मुस्लिम: 22.61%
ईसाई: 0.15%
सिख: 0.06%
अन्य: 0.4% से कम
अनुसूचित जाति (SC): 26.51%
राजनीतिक इतिहास और हाल के नतीजे
2022 विधानसभा चुनाव के नतीजे
विजेता: साकेंद्र प्रताप वर्मा (भाजपा)
वोट शेयर: 41.15%
उपविजेता: राकेश वर्मा (सपा)
मतदान प्रतिशत: 60.6%
कुर्सी विधानसभा सीट का राजनीतिक इतिहास हाल ही में शुरू हुआ, जब 2011 के परिसीमन के बाद यह सीट अस्तित्व में आई; इससे पहले यह फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा थी। 2012 में हुए पहले चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) के फरीद महफूज किदवई ने जीत हासिल की, लेकिन 2017 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साकेंद्र प्रताप वर्मा ने इस सपा के गढ़ माने जाने वाले क्षेत्र में बड़ी जीत दर्ज की। क्षेत्र में सामाजिक समीकरणों की बात करें तो ओबीसी (विशेष रूप से कुर्मी), दलित और मुस्लिम समुदाय बहुसंख्यक हैं और यहीं से सपा को पहले मजबूत समर्थन मिला, लेकिन 2017 के बाद भाजपा ने यहां अपनी गहरी पैठ बना ली। कुर्सी न केवल अपनी उपजाऊ कृषि भूमि और इंडस्ट्रियल एरिया के लिए जानी जाती है, बल्कि इसकी धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता भी इसे विशिष्ट पहचान देती है। चुनावी ट्रेंड में देखा गया कि जहां 2012 में सपा का दबदबा था, वहीं 2017 में भाजपा ने निर्णायक बढ़त बनाई, और 2022 में भाजपा ने मात्र 217 वोटों के बेहद कम अंतर से यह सीट बचाई, जो पूरे प्रदेश के सबसे क्लोज मुकाबलों में से एक रहा। इस सीट पर हर बार सपा, भाजपा और बसपा के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होता है, जिसमें मुस्लिम और ओबीसी मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
साकेंद्र प्रताप वर्मा, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता, वर्तमान में उत्तर प्रदेश की कुर्सी विधानसभा (संख्या 266), बाराबंकी से विधायक हैं और 2017 से लगातार दो बार इस पद पर निर्वाचित हो चुके हैं। वह भाजपा विधानमंडल दल में व्हिप की भूमिका निभा रहे हैं, साथ ही पूर्व में सीतापुर जिले के भाजपा जिला अध्यक्ष और पार्टी की राष्ट्रीय परिषद के सदस्य भी रह चुके हैं। कृषि और सामाजिक कार्यों से जुड़े साकेंद्र प्रताप वर्मा की राजनीतिक छवि एक ऐसे नेता की है जो ग्रामीण विकास, कृषि हितों और संगठनात्मक मजबूती के लिए जाने जाते हैं। हालांकि, 2022 के चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनके खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज है।
कुर्सी विधानसभा क्षेत्र`: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
कुर्सी विधानसभा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे की स्थिति काफी खराब रही है, जर्जर सड़कें, टूटी-फूटी नालियां और बरसात में जलभराव जैसी समस्याएं आम हैं, जिनके कारण ग्रामीण और कस्बाई इलाकों के लोग लगातार परेशान हैं और सरकार व जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी जताते रहे हैं। बेरोजगारी और शिक्षा की बात करें तो युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार और उच्च शिक्षा संस्थानों की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, जिससे युवा पलायन को मजबूर हैं। स्वास्थ्य सेवाएं भी बेहद कमजोर हैं सरकारी अस्पतालों में संसाधनों की कमी है और ट्रॉमा सेंटर को रेफरल सेंटर में तब्दील कर दिए जाने से इलाज की सुविधाएं और सीमित हो गई हैं। सिरौलीगौसपुर और रामनगर जैसे क्षेत्रों में हर साल बाढ़ का खतरा रहता है, जिससे फसलें और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होते हैं। कुर्सी को एक औद्योगिक क्षेत्र के रूप में जाना जाता है, लेकिन वर्षों से सूत मिल और चीनी मिलें बंद पड़ी हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार दोनों प्रभावित हुए हैं। किसानों को भी सिंचाई, खाद-बीज और फसल की उचित कीमत जैसी समस्याओं से जूझना पड़ता है। इसके अलावा, 2022 चुनाव के बाद से क्षेत्रीय विधायक पर जनता से दूरी बनाए रखने और समस्याओं की अनदेखी के आरोप लगे हैं, जिससे क्षेत्र में असंतोष का माहौल बना हुआ है।