लखीमपुर विधानसभा सीट - Lakhimpur Kheri

लखीमपुर

वर्तमान विधायक
श्री योगेश वर्मा
जिला
Lakhimpur Kheri
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
भारतीय जनता पार्टी
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
खीरी
लखीमपुर विधानसभा सीट
लखीमपुर विधानसभा उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले की एक प्रमुख और ऐतिहासिक सीट है। यह खीरी लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है और विधानसभा क्रमांक 142 है। लखीमपुर शहर जिले का प्रशासनिक मुख्यालय भी है। यह सीट सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक दृष्टि से विविधता लिए हुए है और यहां शहरी-ग्रामीण मिश्रित मतदाता हैं।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: लखीमपुर खीरी
विधानसभा क्रमांक: 142
लोकसभा क्षेत्र: खीरी
आरक्षण: सामान्य (अनारक्षित)
अनुमानित आबादी: 3.5-3.7 लाख
साक्षरता दर: लगभग 65% (जिला औसत)
लिंग अनुपात: 915 (जिला औसत)
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: लगभग 75%
मुस्लिम: लगभग 23%
अन्य समुदाय: 2%
अनुसूचित जाति: लगभग 15–18%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,67,423
विजेता: योगेश वर्मा (भाजपा)
वोट शेयर: 47.7%
उपविजेता: उत्कर्ष वर्मा (सपा)
मतदान प्रतिशत: 65.2%
लखीमपुर विधानसभा का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है। शुरूआती दौर में यहां कांग्रेस का दबदबा था और वह लगातार जीत दर्ज करती रही। 1977 में पहली बार जनता पार्टी के नरेश चंद वर्मा ने कांग्रेस को हराया, लेकिन उसके बाद कांग्रेस ने फिर वापसी की। समय के साथ समाजवादी पार्टी (सपा) ने कांग्रेस की जगह ली और कई बार इस सीट पर जीत दर्ज की। लेकिन 2017 में बड़ा बदलाव देखने को मिला जब भाजपा के योगेश वर्मा ने सपा के उत्कर्ष वर्मा को हराकर पहली बार भाजपा को इस सीट पर जीत दिलाई। इसके बाद 2022 में भी भाजपा ने जिले की सभी 8 विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की, जिसमें लखीमपुर सदर सीट भी शामिल रही। उस चुनाव में करीब 65% मतदान हुआ था। किसान आंदोलन और तिकोनिया कांड जैसे विवादों के बावजूद मतदाताओं ने भाजपा पर भरोसा जताया। सपा ने कड़ी टक्कर जरूर दी, लेकिन भाजपा की पकड़ मजबूत रही। कुल मिलाकर लखीमपुर विधानसभा पहले कांग्रेस और सपा का गढ़ रहा, लेकिन 2017 से भाजपा ने यहां लगातार अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
योगेश वर्मा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लखीमपुर विधानसभा (सदर सीट) से विधायक हैं। वे 2017 और 2022 दोनों विधानसभा चुनावों में विजयी रहे और क्षेत्र में भाजपा के प्रभावशाली नेता माने जाते हैं। हाल के वर्षों में वे अर्बन कोऑपरेटिव बैंक चुनाव विवाद और उससे जुड़े विवादों के चलते चर्चा में रहे हैं।
योगेश वर्मा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लखीमपुर सदर से विधायक हैं और 2017 व 2022 के चुनावों में लगातार जीत हासिल कर चुके हैं। वे इलाके में भाजपा के एक प्रभावशाली नेता माने जाते हैं। हाल ही में वे अर्बन कोऑपरेटिव बैंक चुनाव को लेकर हुए विवाद में सुर्खियों में आए, जब जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अवधेश सिंह ने सार्वजनिक रूप से उन्हें थप्पड़ मार दिया। इसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट हुई और मामला इतना बढ़ा कि चुनाव ही रद्द कर दिए गए। विवादों के बावजूद, उनके खिलाफ कोई गंभीर आपराधिक केस दर्ज नहीं है। 2022 चुनावी हलफनामे के अनुसार उनके खिलाफ कोई आपराधिक केस दर्ज नहीं है।
लखीमपुर विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच सालों में लखीमपुर विधानसभा क्षेत्र (लखीमपुर खीरी जिला) कई अहम मुद्दों को लेकर चर्चा में रहा है। सबसे बड़ी घटना अक्टूबर 2021 की तिकोनिया हिंसा रही, जिसमें किसानों के प्रदर्शन के दौरान गाड़ी से कुचलकर कई लोगों की मौत हुई और मामला सीधे तौर पर केंद्रीय मंत्री के बेटे से जुड़ा था। इससे किसानों में गहरा आक्रोश फैला और यह इलाका किसान आंदोलन का केंद्र बन गया। इसके अलावा गन्ना किसानों को समय पर भुगतान न मिलना, फसल के सही दाम न मिलना और सरकारी खरीद में देरी जैसी परेशानियां लगातार बनी रहीं। कोविड के बाद बेरोजगारी बढ़ी, छोटे व्यापारी और मजदूर वर्ग आर्थिक रूप से कमजोर हुआ और कई सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक सही समय पर नहीं पहुंच पाया। सीमावर्ती इलाकों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और सिंचाई जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी के चलते विकास की रफ्तार भी सुस्त रही। तिकोनिया कांड के बाद कानून-व्यवस्था और सामाजिक तनाव भी बढ़ा, खासकर सिख और मुस्लिम समुदायों में नाराजगी देखी गई। इन हालातों में विपक्षी दलों ने क्षेत्र में सक्रियता दिखाई और सरकार पर हमला बोला, हालांकि 2022 के चुनाव में भाजपा ने सभी सीटों पर जीत दर्ज की। कुल मिलाकर इन मुद्दों ने लखीमपुर विधानसभा की राजनीति और आम जनजीवन को गहराई से प्रभावित किया है।

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