लालगंज विधानसà¤à¤¾ सीट - Azamgarh
लालगंज |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्री बेचई सरोज |
| जिला | Azamgarh |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | समाजवादी पार्टी |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | लालगंज |
लालगंज विधान सभा (उत्तर प्रदेश)
लालगंज विधान सभा क्षेत्र (सीट संख्या 351) उत्तर प्रदेश की लालगंज लोकसभा सीट (अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित) का हिस्सा है। यह मुख्यतः आजमगढ़ जिले के ग्रामीण इलाकों को कवर करता है। यहाँ की आबादी मुख्यतः कृषि पर आधारित है और क्षेत्र में सामाजिक-आर्थिक चुनौतियाँ मौजूद हैं। यह सीट अनुसूचित जातियों (SC) के लिए आरक्षित है और पूर्वी यूपी की राजनीति में जाति और विकास सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे हैं।
जनसंख्या विवरण
- कुल मतदाता (2022): 4,07,539
- जनसंख्या: अनुमानित 4–4.5 लाख (शहरी-ग्रामीण मिश्रण)
- साक्षरता दर: 60–65%
धार्मिक और जातीय विभाजन
हिंदू 65–70%
मुस्लिम 25–30%
अन्य 5%
जातीय समीकरण:
- SC मतदाता: 25–30%
- OBC मतदाता: 40–45% (यादव, राजभर, कुशवाहा)
- सवर्ण मतदाता: 15–20% (ब्राह्मण, भूमिहार)
चुनावी इतिहास और रुझान
2022 विधानसभा चुनाव
विजेता: बेचई सरोज (सपा)
वोट शेयर: 38.6%
उपविजेता: नीलम सोनकर (बीजेपी)
मतदान प्रतिशत: 51.0%
लालगंज विधानसभा सीट, जो उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में स्थित और अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है, लंबे समय से बसपा, सपा और भाजपा के बीच त्रिकोणीय मुकाबले का केंद्र रही है। यह सीट लालगंज लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है और जातीय समीकरणों के लिहाज़ से अत्यंत संवेदनशील मानी जाती है। 2017 में बसपा के आज़ाद अली मर्दन ने SC और मुस्लिम वोट बैंक के बल पर जीत दर्ज की थी, जबकि 2012 में भी बेचई सरोज ने सपा से जीत हासिल की थी। जातिगत दृष्टिकोण से देखें तो सीट पर SC (पासी/चमार), मुस्लिम, यादव, राजभर और ब्राह्मण समुदायों का प्रभाव है। भाजपा ने 2017 और 2022 में ब्राह्मण, राजभर और गैर-यादव OBC वर्ग पर फोकस किया, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। इस विधानसभा सीट पर लोकसभा चुनावों का भी प्रभाव पड़ता है—2019 में बसपा की संगीता आज़ाद और 2024 में सपा के दरोगा सरोज ने भाजपा को हराकर लोकसभा सीट पर कब्जा जमाया, जिससे यह साफ होता है कि यहाँ का मतदाता दल-बदल की प्रवृत्ति के साथ मुद्दों पर वोट देने में भी विश्वास करता है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
बेचई सरोज उत्तर प्रदेश की लालगंज (अनुसूचित जाति) विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक हैं, जिन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज कर 18वीं उत्तर प्रदेश विधानसभा में अपना स्थान सुनिश्चित किया। इससे पहले वे 2012 से 2017 तक भी इसी सीट से विधायक रह चुके हैं। उनका जन्म 1 जनवरी 1976 को आजमगढ़ जिले के पसिका गांव में हुआ था। उन्होंने 1997 में जौनपुर स्थित गांधी स्मारक पीजी कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की। पेशे से वह राजनीतिज्ञ और किसान हैं। वे विवाहित हैं और तीन बच्चों के पिता हैं। अपने राजनीतिक कॅरियर में बेचई सरोज ने कृषि संकट, दलित अधिकारों की सुरक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास को अपनी प्राथमिकता बनाया है। चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे के अनुसार, उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
लालगंज क्षेत्र के पिछले 5 साल
पिछले पाँच वर्षों में लालगंज क्षेत्र ने कई जटिल समस्याओं का सामना किया है। कृषि क्षेत्र में संकट गहराता गया, जहाँ एक ओर सिंचाई की पर्याप्त सुविधा नहीं है, वहीं दूसरी ओर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर किसानों में असंतोष है और खेती की लागत भी लगातार बढ़ती जा रही है। बुनियादी ढांचे की स्थिति भी चिंताजनक है—आज भी लगभग आधे गांवों में पक्की सड़कों की कमी है और बिजली की आपूर्ति अनियमित बनी हुई है। इसके साथ ही बेरोजगारी एक गंभीर मुद्दा बना हुआ है, जिसके चलते बड़ी संख्या में युवा रोज़गार की तलाश में मुंबई और दिल्ली जैसे महानगरों की ओर पलायन कर रहे हैं। सामाजिक न्याय की दृष्टि से भी स्थिति संतोषजनक नहीं रही, विशेष रूप से अनुसूचित जाति (SC) समुदाय के लोग सरकारी कल्याणकारी योजनाओं—जैसे आवास, छात्रवृत्ति आदि—के प्रभावी क्रियान्वयन की माँग लगातार करते रहे हैं।