लखनऊ सेंट्रल विधानसभा से विधायक रविदास मेहरोत्रा का राजनीतिक सफर, शिक्षा, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार
लखनऊ सेंट्रल विधानसभा
रविदास मेहरोत्रा समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और लखनऊ सेंट्रल विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे जनआंदोलनों, धरना-प्रदर्शनों और सामाजिक संघर्षों की राजनीति से उभरे नेताओं में गिने जाते हैं। 2012 और 2022 में इस सीट से विधायक चुने गए तथा अखिलेश यादव सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे। चुनावी हलफनामे के अनुसार उनके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं, जिनमें अधिकांश राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े बताए जाते हैं।
शैक्षिक योग्यता और व्यक्तिगत पृष्ठभूमि
- जन्म: 21 अप्रैल 1955, लखनऊ।
- छात्र राजनीति और समाजवादी आंदोलनों से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की।
- सामाजिक न्याय और जनआंदोलनों की राजनीति के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं।
- लखनऊ के पुराने इलाकों में मजबूत जनाधार रखते हैं।
- संघर्षशील और जमीनी नेता की छवि के लिए जाने जाते हैं।
राजनीतिक सफर
- 1989 में जनता दल के टिकट पर पहली बार विधायक बने।
- बाद में समाजवादी पार्टी से जुड़कर सक्रिय राजनीति जारी रखी।
- 2012 में नई बनी लखनऊ सेंट्रल सीट से विधायक चुने गए।
- अखिलेश सरकार में कारागार मंत्री बने।
- 2017 में ब्रजेश पाठक से हार गए लेकिन 2022 में दोबारा जीत दर्ज की।
- वर्तमान में समाजवादी पार्टी के प्रमुख शहरी नेताओं में शामिल हैं।
प्रमुख कार्य और उपलब्धियां
- कारागार मंत्री रहते हुए जेल सुधार और कैदियों की सुविधाओं पर कार्य किया।
- पुराने शहर की सड़क, नाली और पेयजल समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
- महंगाई, बेरोजगारी और व्यापारियों के मुद्दों पर मुखर विपक्षी भूमिका निभाई।
- धरना-प्रदर्शन और जनसुनवाई के माध्यम से जनता से निरंतर जुड़े रहे।
- शहरी आधारभूत ढांचे और नागरिक सुविधाओं में सुधार की मांग करते रहे।
- सामाजिक और राजनीतिक आंदोलनों में सक्रिय भागीदारी निभाई।
लखनऊ सेंट्रल के प्रमुख नेता
- रविदास मेहरोत्रा वर्तमान विधायक और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं।
- ब्रजेश पाठक पूर्व विधायक और वर्तमान उप मुख्यमंत्री हैं।
- सुरेश श्रीवास्तव भाजपा के प्रभावशाली क्षेत्रीय नेता रहे हैं।
- रजनीश गुप्ता और अन्य शहरी नेता भी इस सीट की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।