लखनऊ उत्‍तर विधानसभा सीट - Lucknow

लखनऊ उत्‍तर

वर्तमान विधायक
डॉo नीरज बोरा
जिला
Lucknow
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
भारतीय जनता पार्टी
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
लखनऊ
लखनऊ उत्तर विधानसभा सीट
लखनऊ उत्तर विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ जिले के प्रमुख शहरी क्षेत्रों को कवर करती है। यह सीट शिक्षा, प्रशासन, व्यापारिक व मध्यम–वर्गीय बसावट के लिए जानी जाती है। सामाजिक विविधता और चुनावी स्पर्धा इसे लखनऊ जिले की महत्वपूर्ण सीटों में शामिल बनाती है। यह सीट 2012 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: लखनऊ
विधानसभा क्रमांक: 172
लोकसभा क्षेत्र: लखनऊ
आरक्षण: कोई नहीं (सामान्य)
अनुमानित आबादी: 4,90,867
साक्षरता दर: 79.33%
लिंग अनुपात: करीब 906/1000 पुरुष
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: 75%
मुस्लिम: 22-23%
अन्य समुदाय: 2–3%
अनुसूचित जाति: 15-18% (अनुमानित)
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,59,757
विजेता: डॉ. नीरज बोरा (भाजपा)
वोट शेयर: 53.6%
उपविजेता: पूजा शुक्ला (सपा)
मतदान प्रतिशत  56.2%
लखनऊ उत्तर विधानसभा क्षेत्र का राजनीतिक सफर अपेक्षाकृत नया है, क्योंकि यह सीट 2008 के परिसीमन के बाद 2012 में अस्तित्व में आई। पहले ही चुनाव में समाजवादी पार्टी के अभिषेक मिश्रा ने जीत दर्ज की, लेकिन इसके बाद भाजपा ने लगातार दो चुनाव— 2017 और 2022 में डॉ. नीरज बोरा को जीत दिलाकर इस सीट पर अपनी मजबूत पकड़ बना ली। यहां ब्राह्मण, मुस्लिम, यादव और कायस्थ जैसे प्रमुख वोट बैंक हैं, जिनमें भाजपा ब्राह्मण और सवर्ण मतदाताओं पर निर्भर रही है, जबकि सपा ने मुस्लिम-यादव समीकरण को साधने की कोशिश की है। 2022 में नीरज बोरा ने सपा की पूजा शुक्ला को करीब 34,000 वोटों से हराया, जबकि 2017 में भी उन्होंने 27,000 से अधिक वोटों से जीत दर्ज की थी। कांग्रेस और बसपा की भूमिका यहां सीमित रही है। कुल मिलाकर, यह सीट अब भाजपा का मजबूत गढ़ बन चुकी है, जहां मुकाबला मुख्य रूप से भाजपा और सपा के बीच सिमट गया है। शहरी और मध्यमवर्गीय मतदाता भी यहां चुनावी परिणामों को प्रभावित करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
डॉ. नीरज बोरा भारतीय जनता पार्टी के लखनऊ उत्तर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और 2017 व 2022 के चुनावों में उन्होंने भारी मतों से जीत दर्ज की है। उनका जन्म 31 मार्च 1967 को उत्तर प्रदेश के शोहरतगढ़ में हुआ था। पेशे से डॉक्टर, वे एक सफल समाजसेवी और उद्यमी भी हैं। डॉ. बोरा ने बेंगलुरु के डॉ. बी.आर. अंबेडकर मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई की, फिर एमबीए और पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने अपने कॅरियर की शुरुआत चिकित्सा और सामाजिक कार्यों से की और लखनऊ में सेवा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर और बोरा इंस्टीट्यूट ऑफ एलाइड हेल्थ साइंसेज़ की स्थापना की। पहले वे बसपा और फिर कांग्रेस से जुड़े रहे, लेकिन 2014 में भाजपा में शामिल होकर सक्रिय राजनीति में कदम रखा। वर्तमान में वे यूपी विधानसभा में भाजपा के कोषाध्यक्ष और सचेतक जैसे अहम पदों पर कार्यरत हैं। 2022 चुनावी हलफनामें के अनुसार उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
लखनऊ उत्तर विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में लखनऊ पूर्व विधानसभा क्षेत्र के सामने कई गंभीर स्थानीय समस्याएं रही हैं, जिन्होंने यहां की जनता की रोजमर्रा की ज़िंदगी को सीधे तौर पर प्रभावित किया है। सबसे बड़ी परेशानी ट्रैफिक जाम की रही, जो दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या ने हालात और बिगाड़ दिए, वहीं सीवर व्यवस्था की खराबी ने लोगों को लगातार परेशान किया। क्षेत्र में रेहड़ी-पटरी वालों और छोटे व्यापारियों के लिए वेंडिंग जोन की कमी से भी मुश्किलें खड़ी हुईं। खास तौर पर लड़कियों के लिए सरकारी स्कूलों की अनुपलब्धता एक बड़ी चिंता बनी रही, जिससे शिक्षा की राह मुश्किल हुई। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सीमित रहे, और खराब सड़कों व पेयजल आपूर्ति जैसी मूलभूत समस्याएं भी विकास की राह में रोड़े बनी रहीं। इन तमाम मुद्दों के साथ-साथ यहां की राजनीति में जातीय समीकरण जैसे ठाकुर, ब्राह्मण, कायस्थ और अन्य प्रमुख जातियों का वोट बैंक भी बड़ा असर डालते हैं। पिछले कई वर्षों से भाजपा का दबदबा रहा है, लेकिन अन्य दल भी इन जमीनी मुद्दों को उठाकर चुनावी मैदान में चुनौती देने की कोशिश करते रहे हैं। कुल मिलाकर, साफ-सफाई, चिकित्सा सुविधाएं और शुद्ध पेयजल जैसी बुनियादी ज़रूरतों को लेकर यह क्षेत्र अभी भी कई चुनौतियों से जूझ रहा है।

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