Lucknow West विधानसà¤à¤¾ सीट - Lucknow
Lucknow West |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्री अरमान खान |
| जिला | Lucknow |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | समाजवादी पार्टी |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | लखनऊ |
लखनऊ पश्चिम विधानसभा सीट
लखनऊ पश्चिम उत्तर प्रदेश विधानसभा की एक प्रमुख शहरी सीट है, जो लखनऊ ज़िले के पश्चिमी हिस्से को कवर करती है। यह विधान सभा क्षेत्र लखनऊ लोकसभा क्षेत्र के भीतर आता है और यहाँ शहरी, मिश्रित आबादी तथा विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक वर्गों की उल्लेखनीय उपस्थिति है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: लखनऊ
विधानसभा क्रमांक: 171
लोकसभा क्षेत्र: लखनऊ
आरक्षण: कोई नहीं (सामान्य वर्ग)
अनुमानित आबादी: लगभग 3-3.25 लाख
साक्षरता दर: 82.5%
लिंग अनुपात: 854/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: अनुमानित 77%
मुस्लिम: अनुमानित 20%
अन्य समुदाय: शेष 3%
अनुसूचित जाति: लगभग 6-7%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,56,986
विजेता: अरमान खान, (सपा)
वोट शेयर: 48.5%
उपविजेता: अंजनी कुमार श्रीवास्तव (भाजपा)
मतदान प्रतिशत: 58.3%
लखनऊ पश्चिम विधानसभा सीट, जो पुराने लखनऊ की पहचान मानी जाती है, एक राजनीतिक रूप से बेहद सक्रिय और परिवर्तनशील क्षेत्र रहा है। 1967 में गठित इस सीट पर शुरुआती वर्षों में जनसंघ, फिर 1970-80 के दशक में जनता दल और कांग्रेस का दबदबा रहा, लेकिन 1985 के बाद कांग्रेस यहां से कभी जीत नहीं सकी। 1989 से 1993 तक भाजपा के राजकुमार शुक्ला और फिर 1996, 2002 व 2007 में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालजी टंडन तीन बार विधायक बने। हालांकि 2009 के उपचुनाव में कांग्रेस ने वापसी की, लेकिन 2012 में सपा के मोहम्मद रेहान ने भाजपा के सुरेश श्रीवास्तव को हराकर एक नई राजनीतिक लहर शुरू की। 2017 में भाजपा ने एक बार फिर वापसी की और सुरेश श्रीवास्तव ने सपा को मात दी। उनके निधन के बाद 2022 में भाजपा ने अंजनी श्रीवास्तव को मैदान में उतारा, लेकिन इस बार समाजवादी पार्टी के अरमान खान ने करीब 8,184 वोटों के अंतर से जीत दर्ज कर ली। 4.33 लाख मतदाताओं वाले इस शहरी क्षेत्र में मुस्लिम, ब्राह्मण, कायस्थ, पासी और यादव समुदाय निर्णायक भूमिका निभाते हैं। जातीय और सांप्रदायिक समीकरणों के साथ-साथ स्थानीय मुद्दे और उम्मीदवार की छवि यहां के चुनावी नतीजों को गहराई से प्रभावित करते हैं। भले ही यह सीट भाजपा का पारंपरिक गढ़ रही हो, लेकिन 2022 के परिणाम ने दिखा दिया कि सही प्रत्याशी और सामाजिक गठजोड़ के साथ सपा जैसी पार्टी भी मजबूत वापसी कर सकती है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
अरमान खान समाजवादी पार्टी के नेता हैं और वर्तमान में लखनऊ पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य हैं। वे 2022 में पहली बार विधायक चुने गए और 18वीं विधानसभा में अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनका जन्म लखनऊ में मोहम्मद हसन खान के परिवार में हुआ था। उन्होंने 2007 में शिया डिग्री कॉलेज (लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध) से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। अरमान खान राजनीति के साथ-साथ व्यवसाय में भी सक्रिय हैं। 2022 के चुनावी हलफनामे के अनुसार उनके खिलाफ किसी भी तरह का आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
लखनऊ पश्चिम विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
लखनऊ पश्चिम विधानसभा, जो पुराने लखनऊ के शहरी इलाकों को कवर करती है, बीते पांच वर्षों में कई बुनियादी समस्याओं से जूझती रही। जलभराव, पीने के पानी की किल्लत, बिजली आपूर्ति की अनियमितता और अनियोजित कॉलोनियों में सड़क-नाली जैसी सुविधाओं की कमी यहां के नागरिकों के लिए बड़ी परेशानी बनी रही। राजाजीपुरम से हजरतगंज और विधानभवन तक आसान कनेक्टिविटी का अभाव और हैदर कैनाल पर पुल निर्माण का वर्षों से लटका रहना भी जनता की शिकायतों में शामिल रहा। स्वास्थ्य सेवाओं की बात करें तो क्षेत्र में सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की कमी, साथ ही कोविड के दौरान स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर की खामियां सामने आईं। ट्रैफिक और अतिक्रमण खासकर चुंगी, बाजारखाला, टिकैतराय तालाब और राजाजीपुरम जैसे इलाकों में बड़ी समस्या बनी रही, जिससे आमजन और व्यापारी दोनों प्रभावित हुए। पुरानी विधानसभा बिल्डिंग की सीमित क्षमता और नए विधानभवन की प्रस्तावित योजना भी क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही। बेरोजगारी, सरकारी भर्तियों में धांधली और युवाओं को अवसर न मिलना जन असंतोष का कारण बना। मुस्लिम, ब्राह्मण, कायस्थ, पासी, यादव जैसी जातियों का सामाजिक समीकरण यहां के चुनावों को काफी प्रभावित करता है, जिससे कई बार मुद्दों की जगह जातीय आधार पर मतदान होता है। महिलाओं की सुरक्षा, छोटी-मोटी आपराधिक घटनाएं और सामाजिक सौहार्द का मसला भी राजनीतिक विमर्श में बना रहा। इन सभी मुद्दों पर राजनीतिक दलों ने अपने-अपने तरीकों से घोषणाएं और अभियान चलाकर जनता को साधने की कोशिश की है।