मछलीशहर विधानसभा सीट - Jaunpur

मछलीशहर

वर्तमान विधायक
डॉo रागिनी
जिला
Jaunpur
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
समाजवादी पार्टी
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
मछलीशहर
मछलीशहर विधानसभा सीट
मछलीशहर विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में स्थित है और इसका विधानसभा क्रमांक 369 है। यह सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है और मछलीशहर नगर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को कवर करती है। मछलीशहर लोकसभा क्षेत्र की पांच विधानसभा सीटों में से एक है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: जौनपुर
विधानसभा क्रमांक: 369
आरक्षण : अनुसूचित जाति
अनुमानित आबादी; 7,36,209 (तहसील)
साक्षरता दर: 70.81%
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: 90.61%
मुस्लिम: 8.9%
अन्य समुदाय: 1-2% से कम
अनुसूचित जाति: 22.7%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,17,114
विजेता: डॉ. रागिनी सोनकर (सपा)
वोट शेयर: 42.2%
उपविजेता: मिहिलाल गौतम (भाजपा)
मतदान प्रतिशत: 54.0%
मछलीशहर विधानसभा सीट, जौनपुर जिले में आती है और 2008 से अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। यह राजनीति के लिहाज से हमेशा खास रही है। एक समय था जब यहाँ कांग्रेस का दबदबा था, लेकिन 1989 में जनता दल के ज्वाला प्रसाद यादव ने यह सिलसिला तोड़ा और चार बार विधायक बने। इसके बाद 1996 से सपा और बसपा ने बारी-बारी से जीत हासिल की। 2002 और 2007 में बसपा का पलड़ा भारी रहा, लेकिन 2012 से यह सीट समाजवादी पार्टी का गढ़ बन गई, जहां से जगदीश सोनकर लगातार 2012, 2017 और 2022 में जीतते रहे। भाजपा इस सीट पर अब तक अपनी पकड़ नहीं बना सकी, राम लहर से लेकर मोदी लहर तक उसे सफलता नहीं मिली। यहां जातीय समीकरण, खासकर अनुसूचित जाति, पिछड़े और दलित वोटर चुनाव के नतीजों को तय करते हैं। लोगों ने समय-समय पर अलग-अलग दलों को मौका जरूर दिया है, लेकिन पिछले कई वर्षों से सपा की पकड़ मजबूत बनी हुई है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
डॉ. रागिनी सोनकर का जन्म 11 दिसंबर 1990 को वाराणसी में हुआ और वे एक राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता कैलाश नाथ सोनकर पूर्वांचल की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे और अजगरा सीट से करीब 15 साल विधायक रहे। उन्होंने कोलकाता के आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस और AIIMS दिल्ली से आंखों की बीमारी (ऑप्थल्मोलॉजी) में एमडी किया और कुछ समय डॉक्टर के रूप में भी काम किया। बाद में उन्होंने राजनीति में कदम रखा और पिता की पार्टी छोड़कर समाजवादी पार्टी से जुड़ गईं। 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने मछलीशहर से भाजपा के मेहीलाल गौतम को 8,484 वोटों से हराकर पहली बार विधायक बनने का मौका पाया। वे महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, शिक्षा और दलित अधिकारों जैसे मुद्दों पर लगातार आवाज उठा रही हैं और एक साफ-सुथरी छवि वाली नेता के रूप में पहचान बना रही हैं। उनके खिलाफ किसी गंभीर आपराधिक मामले की जानकारी नहीं है।
मछलीशहर विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पाँच सालों में मछलीशहर विधानसभा में लोगों को कई बुनियादी समस्याओं का सामना करना पड़ा। सड़कों की हालत खराब रही, कई जगह निर्माण अधूरा रह गया या गुणवत्ता ठीक नहीं थी, जिससे आने-जाने में दिक्कतें हुईं। बारिश में जलभराव और नालियों की खराब व्यवस्था ने हालात और बिगाड़ दिए। स्वास्थ्य सेवाओं की बात करें तो सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर और दवाइयों की कमी रही, खासकर कोरोना के समय हालात बेहद चिंताजनक हो गए थे। शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकारी स्कूलों में सुविधाओं और शिक्षकों की कमी महसूस की गई। युवाओं को रोजगार के मौके नहीं मिले, जिससे बेरोजगारी की परेशानी बनी रही। किसानों को फसल का सही दाम नहीं मिला, सिंचाई की सुविधा कम रही और खाद-बीज की कमी को लेकर कई बार उन्होंने प्रदर्शन किए। बिजली की सप्लाई गांवों में अनियमित रही और पीने के पानी की समस्या ने भी लोगों को परेशान किया। कानून-व्यवस्था को लेकर चोरी, ज़मीन विवाद और महिलाओं की सुरक्षा पर भी सवाल उठे। इसके अलावा, सरकारी योजनाओं का फायदा कई बार सही लोगों तक समय पर नहीं पहुंच पाया और भ्रष्टाचार की शिकायतें भी सुनने को मिलीं। इन सभी मुद्दों ने मतदाताओं को लगातार अपने नेताओं से जवाब और सुधार की उम्मीद में रखा।

उत्तर प्रदेश लेटेस्ट न्यूज़