महोली विधानसà¤à¤¾ सीट - Sitapur
महोली |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्री शशांक त्रिवेदी |
| जिला | Sitapur |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | भारतीय जनता पार्टी |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | धौरहरा |
महोली विधानसभा सीट
महोली उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले की एक महत्वपूर्ण विधानसभा सीट है। यह क्षेत्र मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है और धौरहरा लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। वर्तमान में यहाँ भाजपा का राजनीतिक दबदबा देखा गया है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: सीतापुर
विधानसभा क्रमांक: 145
लोकसभा क्षेत्र: धौरहरा
आरक्षण: सामान्य
अनुमानित आबादी: 3,23,000
साक्षरता दर: 79.25%
लिंग अनुपात: 908/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: लगभग 80%
मुस्लिम: लगभग 19%
अन्य समुदाय: करीब 1%
अनुसूचित जाति: 17.7%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,49,024
विजेता: शशांक त्रिवेदी (भाजपा)
वोट: 45.0%
उपविजेता: अनुप कुमार गुप्ता (सपा)
मतदान प्रतिशत: 65.9%
महोली विधानसभा का राजनीतिक इतिहास ज्यादा पुराना नहीं है, क्योंकि यह सीट 2008 के परिसीमन के बाद बनी और यहां पहला चुनाव 2012 में हुआ। उस समय सपा के अनूप गुप्ता ने जीत दर्ज की थी, लेकिन 2017 में भाजपा के शशांक त्रिवेदी ने उन्हें हराकर पहली बार विधायक बने। 2022 के चुनाव में भी शशांक त्रिवेदी ने करीब 12 हजार वोटों के अंतर से अनूप गुप्ता को फिर मात दी और लगातार दूसरी बार जीत हासिल की। यह सीट धौरहरा लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है और ब्राह्मण बाहुल्य मानी जाती है, इसलिए यहां जातीय समीकरण का खास असर रहता है। 2012 से अब तक भाजपा और सपा के बीच सीधी टक्कर देखने को मिली है, जबकि बसपा और कांग्रेस जैसी पार्टियों का प्रभाव सीमित रहा है। कुल मिलाकर, हालिया चुनाव नतीजे भाजपा की मजबूत स्थिति को दर्शाते हैं, जहां स्थानीय विकास और जातीय समीकरण दोनों ही राजनीति को प्रभावित करते हैं।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
शशांक त्रिवेदी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक हैं, जो सीतापुर जिले की महोली विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। सीतापुर में जन्मे शशांक त्रिवेदी स्नातक हैं और पेशे से कृषि से जुड़े हुए हैं। वे विवाहित हैं और उनके दो पुत्र हैं। राजनीतिक रूप से वे भाजपा से सक्रिय हैं और 2022 के विधानसभा चुनाव में महोली से जीत दर्ज की। उनके पिता का नाम कौशल किशोर त्रिवेदी है। चुनाव आयोग को दिए गए शपथ पत्र के मुताबिक उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। साफ-सुथरी छवि वाले नेता माने जाने वाले शशांक त्रिवेदी पर किसी तरह का आरोप या मुकदमा नहीं है।
महोली विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
महोली विधानसभा के पिछले पांच वर्षों में स्थानीय लोगों की चिंताएं मुख्य रूप से बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों के इर्द-गिर्द रही हैं। गर्मियों में पानी की किल्लत और जल संचयन योजनाओं की जरूरत लगातार उठाई जाती रही है। सड़कें खराब होने, जल निकासी की दिक्कत और मोहल्लों की सफाई जैसी समस्याएं भी जनता के बीच बड़ी मांग बनकर सामने आईं। बिजली आपूर्ति में सुधार और लो वोल्टेज की परेशानी को लेकर भी लोग सक्रिय रहे। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं और स्कूलों की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की उम्मीदें कायम रहीं। वहीं, युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना चुनावी चर्चाओं का अहम हिस्सा रहा। कुल मिलाकर, महोली के ये मुद्दे सीधे तौर पर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े रहे और पिछले पांच वर्षों में विकास और चुनावी एजेंडे का केंद्र बने।