मल्हनी विधानसभा सीट - Jaunpur

मल्हनी

वर्तमान विधायक
श्री लकी यादव
जिला
Jaunpur
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
समाजवादी पार्टी
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
जौनपुर
मल्हनी विधानसभा सीट
मल्हनी विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में स्थित है और जौनपुर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यह सीट 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई (विधानसभा क्रमांक 367) और मुख्य रूप से मल्हनी शहर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को कवर करती है। मल्हनी विधानसभा क्षेत्र राजनीतिक रूप से सक्रिय और जातीय-सामाजिक दृष्टि से विविध है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: जौनपुर
विधानसभा क्रमांक: 367
लोकसभा क्षेत्र: जौनपुर
आरक्षण: सामान्य
अनुमानित आबादी: 3-3.5 लाख
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: 83-85%
मुस्लिम: 14-15%
अन्य समुदाय: 1-2% से कम
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता:  2,27,362
विजेता: लकी यादव (सपा)
वोट शेयर: 42.8%
उपविजेता: धनंजय सिंह (जदयू)
मतदान प्रतिशत: 59.7%
मल्हनी विधानसभा सीट 2012 में रारी सीट के पुनर्गठन के बाद बनी थी। यह जौनपुर की एक अहम राजनीतिक सीट मानी जाती है। यह इलाका लंबे समय से बाहुबली नेताओं और जातीय समीकरणों की वजह से चर्चा में रहा है। 2002 में धनंजय सिंह ने निर्दलीय चुनाव जीतकर शुरुआत की, 2007 में वे बीजेपी-जेडीयू गठबंधन से जीते और फिर बसपा से सांसद बने। इसके बाद 2012 और 2017 में सपा के पारसनाथ यादव ने लगातार जीत हासिल की। उनके निधन के बाद 2020 के उपचुनाव में उनके बेटे लकी यादव ने सपा से जीत दर्ज की और 2022 में भी उन्होंने यह सिलसिला बरकरार रखा। इस सीट पर ठाकुर और यादव समुदाय की अहम भूमिका रही है और आमतौर पर इन्हीं समुदायों के नेता चुनावी मैदान में दिखते हैं। 2022 के चुनाव में लकी यादव ने जनता दल (यूनाइटेड) के धनंजय सिंह को 17,527 वोटों से हराया। भाजपा अभी तक इस सीट पर जीत नहीं दर्ज कर पाई है, जबकि सपा पिछले कई सालों से यहाँ मजबूत स्थिति में बनी हुई है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
लकी यादव समाजवादी पार्टी के विधायक हैं और जौनपुर की मल्हनी विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे सपा के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री रहे स्वर्गीय पारसनाथ यादव के बेटे हैं। 2020 में पिता के निधन के बाद हुए उपचुनाव में उन्होंने इस सीट से जीत दर्ज की थी, जहां उन्होंने बाहुबली नेता धनंजय सिंह को कड़े मुकाबले में हराया। 2022 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने जीत दोहराई और अपनी राजनीतिक पकड़ और मज़बूत कर ली। लकी यादव क्षेत्र में सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को लेकर सक्रिय रहते हैं, खासकर दलितों और पिछड़े वर्गों की आवाज़ उठाने के लिए पहचाने जाते हैं। 2022 चुनावी हलफनामों के मुताबिक, उनके खिलाफ सात आपराधिक मामले दर्ज हैं।
मल्हनी विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच सालों में मल्हनी विधानसभा में विकास से ज्यादा समस्याएं चर्चा में रहीं। सड़कों की हालत खराब रही, खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां लोगों को रोज़मर्रा की आवाजाही में भी परेशानी होती है। कानून-व्यवस्था भी चिंता का विषय रही, क्योंकि चुनावी माहौल अक्सर बाहुबली नेताओं की वजह से तनावपूर्ण रहता है। धनंजय सिंह जैसे प्रभावशाली नामों के कारण दबंगई और अपराध की बात भी आम लोगों के बीच चिंता का कारण बनी रही। युवाओं के लिए रोजगार के मौके कम रहे, और शिक्षा या स्किल ट्रेनिंग के लिए जरूरी संसाधन भी नाकाफी थे। कोविड-19 के समय स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुल गई अस्पतालों में न डॉक्टर थे, न दवाइयाँ। जातीय और राजनीतिक ध्रुवीकरण की वजह से भी विकास की रफ्तार थमी रही। कई सरकारी योजनाओं का फायदा भी सही समय पर ज़रूरतमंदों तक नहीं पहुँच पाया, जिससे जनता में नाराज़गी रही।

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