मनकापुर विधानसà¤à¤¾ सीट - Gonda
मनकापुर |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्री रमापति शास्त्री |
| जिला | Gonda |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | भारतीय जनता पार्टी |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | गोंडा |
मनकापुर विधानसभा सीट
मनकापुर विधानसभा सीट (क्रमांक 300) उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में स्थित है और यह गोंडा लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यह सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है। क्षेत्र में मानकपुर नगर और आसपास के गांव शामिल हैं। ऐतिहासिक रूप से यहां कांग्रेस, सपा और भाजपा का प्रभाव रहा है, हाल के वर्षों में भाजपा ने लगातार जीत दर्ज की है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: गोंडा
विधानसभा क्रमांक: 300
लोकसभा क्षेत्र: गोंडा
अनुमानित जनसंख्या: 3.5–4 लाख
साक्षरता दर: 78.26%
लिंग अनुपात: 876/1000
आरक्षण: सामान्य
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: 90-95%
मुस्लिम: 5-8%
अन्य समुदाय: 1% से कम
अनुसूचित जाति: लगभग 15-20%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 1,80,901
विजेता: रामपति शास्त्री (भाजपा)
वोट शेयर: 58.4%
उपविजेता: रमेश चंद्र गौतम (सपा)
मतदान प्रतिशत: 55.1%
मनकापुर विधानसभा सीट, जो गोंडा जिले की एक आरक्षित सीट है, राजनीतिक रूप से काफी अहम रही है। पहले यह कांग्रेस का गढ़ मानी जाती थी, फिर लंबे समय तक समाजवादी पार्टी (सपा) का प्रभाव रहा। लेकिन 2017 से भाजपा ने यहां अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। रामपति शास्त्री ने 2017 और 2022 दोनों चुनावों में सपा को बड़े अंतर से हराया और भाजपा को संगठनात्मक मजबूती दिलाई। 2022 के चुनाव में रामपति शास्त्री को करीब 1.05 लाख वोट मिले, जो कुल वोटों का लगभग 58% था, जबकि उनके सबसे नजदीकी प्रतिद्वंदी रमेश चंद्र गौतम (सपा) को 34.57% वोट मिले। बसपा और कांग्रेस की मौजूदगी बेहद सीमित रही। इस सीट पर जातीय समीकरण जैसे एससी, ओबीसी और सवर्ण मतदाता और विकास से जुड़े मुद्दे जैसे सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार चुनावी बहस के केंद्र में रहे हैं।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
रामपति शास्त्री उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले की मनकापुर (SC आरक्षित) सीट से भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ विधायक हैं और प्रदेश के सबसे अनुभवी नेताओं में शुमार किए जाते हैं। वे अब तक आठ बार विधायक रह चुके हैं और कई बार मंत्री पद भी संभाल चुके हैं। वे कोरी/कोली समुदाय से आते हैं। उन्होंने समाज कल्याण, एससी/एसटी कल्याण और स्वास्थ्य जैसे विभागों में मंत्री के रूप में काम किया है। 1974 में वे पहली बार जनसंघ के टिकट पर विधायक बने थे और 1989 के बाद से लगातार भाजपा के साथ हैं। 2017 और 2022 में मनकापुर से जीतकर वे कैबिनेट मंत्री और प्रोटेम स्पीकर भी बने। वे सामाजिक न्याय, शिक्षा और दलित कल्याण के मुद्दों पर खास फोकस रखते हैं। उनकी छवि एक साफ-सुथरे और जमीन से जुड़े जननेता की रही है, और चुनावी दस्तावेजों के मुताबिक उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
मानकपुर विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में मानकपुर विधानसभा क्षेत्र में बुनियादी विकास की कमी, अधूरी पड़ी परियोजनाएं और खराब सड़कें लोगों की प्रमुख चिंता रही हैं। बिजली, पानी और जल निकासी जैसी ज़रूरी सुविधाओं की हालत भी ठीक नहीं है। शिक्षा और स्वास्थ्य के मामले में भी यहां काफी दिक्कतें हैं सरकारी स्कूलों और अस्पतालों में जरूरी सुविधाएं नहीं हैं और स्टाफ की कमी बनी रहती है। युवाओं को रोजगार के लिए बाहर जाना पड़ता है, क्योंकि स्थानीय स्तर पर ना तो नौकरी के मौके हैं और ना ही स्वरोजगार के लिए मजबूत योजनाएं। खेती-किसानी से जुड़े मुद्दे भी लगातार उठते रहे हैं किसानों को सिंचाई, खाद-बीज और फसल का उचित दाम समय पर नहीं मिल पाता। वहीं, राजनीतिक लिहाज से यह क्षेत्र कभी समाजवादी पार्टी का मजबूत गढ़ था, लेकिन अब भाजपा ने भी अपनी पकड़ बना ली है। दलित, ओबीसी और सवर्ण मतदाताओं के बीच संतुलन साधना यहां की राजनीति का अहम पहलू रहा है।