मारहरा विधानसà¤à¤¾ सीट - Etah
मारहरा |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्री वीरेन्द्र सिंह लोधी |
| जिला | Etah |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | भारतीय जनता पार्टी |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | एटा |
मरहारा विधानसभा सीट
मरहारा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र उत्तर प्रदेश विधान सभा की 403 सीटों में से एक है। यह एटा ज़िले में स्थित है और एटा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत पाँच विधानसभा क्षेत्रों में से एक है। इस सीट का पुनर्गठन 2008 में परिसीमन के बाद हुआ था और इसे क्रम संख्या 105 दी गई थी। वर्तमान स्वरूप में पहला चुनाव 2012 में हुआ, हालांकि यह सीट पहले 1962 से 1967 तक भी अस्तित्व में थी।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
नगर जनसंख्या (2021):18,338
लिंगानुपात: 949/1000
साक्षरता दर (नगर): 63.2%
मतदाता संख्या (2022): लगभग 2.7–3.0 लाख
धार्मिक और सामाजिक संरचना
हिन्दू: 90%
मुस्लिम: लगभग 8–9%
हिंदू: 60.88%
मुस्लिम: 36.85%
ईसाई: 0.07%
सिख: 0.08%
बौद्ध: 0.01%
जैन: 1.60%
अनुसूचित जाति (दलित): 15.83 %
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,06,023
विजेता: वीरेंद्र सिंह लोधी (भाजपा)
वोट शेयर: 49.2%
उपविजेता: अमित गौरव (सपा)
मतदान प्रतिशत: 66.6%
मरहारा विधानसभा सीट, जो उत्तर प्रदेश के एटा जिले में स्थित एक सामान्य (अनारक्षित) सीट है, का राजनीतिक इतिहास काफी विविध रहा है। प्रारंभिक वर्षों में यहां कांग्रेस का प्रभाव मजबूत था, लेकिन 1990 के दशक के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच मुकाबला तीव्र हो गया। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने भी कुछ अवसरों पर अच्छा प्रदर्शन किया, हालांकि उसका प्रभाव सीमित रहा। हाल के वर्षों में, विशेषकर 2017 और 2022 के चुनावों में, भाजपा ने इस सीट पर लगातार विजय हासिल की है। 2022 में भाजपा के वीरेंद्र सिंह ने 1,05,789 वोट (49.38%) पाकर सपा के रामसेवक यादव को 13,025 वोटों से हराया, जिन्हें 92,764 वोट (43.29%) मिले। बसपा की अनीता देवी तीसरे स्थान पर रहीं, जिन्हें 10,229 वोट (4.77%) प्राप्त हुए। अन्य प्रत्याशियों, जिनमें कांग्रेस, निर्दलीय और नोटा शामिल थे, उनको प्रत्येक को 2,000 से कम वोट मिले और उनका वोट शेयर 1% से भी कम रहा। उस वर्ष मतदान प्रतिशत लगभग 60% रहा। इस क्षेत्र में आमतौर पर भाजपा और सपा के बीच सीधी टक्कर होती है, जबकि बसपा और कांग्रेस जैसे दल पीछे रह जाते हैं। जातीय समीकरणों की दृष्टि से यादव, ब्राह्मण, दलित, मुस्लिम और अन्य पिछड़ा वर्ग के मतदाता चुनावी परिणामों में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
वीरेंद्र सिंह लोधी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता हैं और उत्तर प्रदेश के एटा जिले के निवासी हैं। उन्होंने जेएलएन कॉलेज, एटा (डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध) से स्नातक (बी.ए.) की डिग्री प्राप्त की है। पेशे से वे किसान और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उनकी पत्नी का नाम मधुबाला है, जिनसे उनका विवाह 12 फरवरी 2000 को हुआ था। वीरेंद्र सिंह 2017 से लगातार मरहारा (एटा) विधानसभा सीट से विधायक हैं। 2022 विधानसभा चुनाव में दाखिल शपथपत्र के अनुसार, उनके खिलाफ कुल 5 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जो मुख्य रूप से चुनाव आचार संहिता उल्लंघन, सार्वजनिक व्यवस्था और अन्य संबंधित धाराओं से जुड़े हैं।
मरहारा विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में मरहारा विधानसभा क्षेत्र में विकास और आधारभूत संरचना से जुड़े कई अहम मुद्दे सामने आए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की खराब स्थिति और उनकी मरम्मत की मांग लगातार बनी रही है, जबकि रिंग रोड की स्वीकृति और निर्माण की मांग भी प्रमुख रही है, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर हो और यातायात का दबाव कम हो सके। शिक्षा के क्षेत्र में स्थानीय युवाओं के लिए नए राजकीय डिग्री कॉलेज की स्थापना एक महत्वपूर्ण मांग रही है, ताकि उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ सकें। इसके अलावा जल निकासी, पेयजल आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और किसानों की समस्याएं जैसे मुद्दे भी प्रमुख रहे हैं, जो सामान्यतः ग्रामीण क्षेत्रों की आम चुनौतियां हैं। वहीं, स्थानीय स्तर पर रोजगार के सीमित अवसरों के कारण युवाओं का पलायन भी एक गंभीर विषय बना हुआ है।