मड़िहान विधानसà¤à¤¾ सीट - Mirzapur
मड़िहान |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | रमा शंकर सिंह |
| जिला | Mirzapur |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | भारतीय जनता पार्टी |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | मिर्जापुर |
मड़िहान विधानसभा क्षेत्र
मड़िहान विधानसभा उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में स्थित है। यह क्षेत्र मुख्यतः ग्रामीण, पठारी और खनन उद्योग प्रधान है। 2012 के परिसीमन के बाद यह सीट अस्तित्व में आई। मड़िहान कभी राजगढ़ विधानसभा का हिस्सा थी। मिर्जापुर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा रहे इस क्षेत्र में मुख्य उद्योग-पत्थर, खनन, खनिज तथा कौलिन के कारखाने हैं।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: मिर्जापुर
विधानसभा क्रमांक: 399
लोकसभा क्षेत्र: मिर्जापुर
आरक्षण: सामान्य (कोई आरक्षण नहीं)
अनुमानित आबादी: करीब 3,50,000-4,00,000 (क्षेत्र अनुमान अनुमानित)
साक्षरता दर: लगभग 68-70% (मिर्जापुर जिले का औसत)
लिंग अनुपात: जिले में औसतन 900-910 महिलाएं प्रति 1000 पुरुष
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: 88-90%
मुस्लिम: 5.22%
अन्य समुदाय: 7.46%
अनुसूचित जाति: करीब 18-20%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,34,556
विजेता: रमाशंकर पटेल (भाजपा)
वोट शेयर: 44.9%
उपविजेता: नरेंद्र सिंह कुसावाहा (बसपा)
मतदान प्रतिशत: 62.3%
मड़िहान विधानसभा क्षेत्र का राजनीतिक सफर हाल ही में शुरू हुआ है, क्योंकि यह सीट 2012 में राजगढ़ से अलग होकर बनी थी। पहले चुनाव में कांग्रेस के ललितेशपति त्रिपाठी, जो लोकपति त्रिपाठी के पौत्र हैं, यहां से विधायक चुने गए थे। लेकिन 2017 में भाजपा के रमाशंकर पटेल ने उन्हें हराकर सीट अपने नाम की और फिर 2022 में भी उन्होंने बड़ी जीत दर्ज करते हुए इस पकड़ को और मज़बूत किया। 2022 के चुनाव में रमाशंकर पटेल को करीब 1.05 लाख वोट मिले, जबकि बीएसपी के नरेंद्र सिंह कुशवाहा और सपा के रविंद्र बहादुर सिंह पटेल काफी पीछे रह गए। कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा। इस क्षेत्र में पटेल, कोल आदिवासी, दलित, मौर्या, ब्राह्मण और मुस्लिम जैसी प्रमुख जातियां हैं, जो चुनावी समीकरणों में अहम भूमिका निभाती हैं। साथ ही पत्थर खनन और कोलीन उद्योग क्षेत्र की अर्थव्यवस्था से जुड़े हुए हैं। कुल मिलाकर, 2012 की कांग्रेस जीत के बाद यहां भाजपा ने 2017 और 2022 में लगातार अपनी स्थिति मज़बूत की है और जातीय समीकरणों के साथ-साथ स्थानीय नेतृत्व की ताकत ने इन चुनावों का रुख तय किया है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
रमाशंकर सिंह पटेल मड़िहान विधानसभा से भाजपा के विधायक हैं और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में ऊर्जा राज्य मंत्री के रूप में भी अपनी भूमिका निभा चुके हैं। उनका राजनीतिक सफर जमीनी स्तर से शुरू हुआ। 1995 से 2000 तक वे अपने गांव गोल्हनपुर के ग्राम प्रधान रहे, इसके बाद जिला पंचायत सदस्य, भाजपा के जिला अध्यक्ष और किसान मोर्चा जैसे विभिन्न पदों पर कार्य करते हुए धीरे-धीरे प्रदेश राजनीति में उभरे। 2017 में उन्होंने पहली बार विधानसभा चुनाव जीता, जब कांग्रेस के ललितेशपति त्रिपाठी को हराकर क्षेत्र में भाजपा की मज़बूत मौजूदगी दर्ज कराई। एक समय वे समाजवादी पार्टी में भी रहे, लेकिन बाद में भाजपा में लौट आए। गांव में उनके द्वारा किए गए कार्यों के लिए उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार से भी नवाज़ा जा चुका है। जहां तक आपराधिक रिकॉर्ड की बात है, 2022 चुनावी दस्तावेज़ में उनके खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज पाया गया है।
मड़िहान विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में मड़िहान विधानसभा क्षेत्र में जनता की चिंताएं ज्यादातर रोजमर्रा की ज़रूरतों और जीवन स्तर से जुड़ी रही हैं। किसान सिंचाई की कमी, समय पर फसल की कटाई न हो पाने और कृषि उपकरणों की अनुपलब्धता से परेशान रहे हैं। क्षेत्र में पत्थर खनन और कोलीन के कुछ कारखाने ज़रूर हैं, लेकिन व्यापक स्तर पर उद्योग का अभाव है, जिससे रोजगार के अवसर बेहद सीमित हैं। मड़िहान नक्सल प्रभावित क्षेत्र में आता है, जिससे सुरक्षा और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधाएं आती हैं। सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति बेहतर बनाने की मांग भी लगातार उठती रही है। यहां के प्रमुख जातीय समूह पाल, कोल आदिवासी, दलित आदि अपने सामाजिक-आर्थिक विकास और समान अधिकारों के लिए आवाज़ उठाते रहे हैं। इन सभी मुद्दों के चलते जनता ने बीते चुनावों में विकास, सुरक्षा और रोज़गार को प्राथमिकता दी, जिन्हें 2017 के बाद से वर्तमान विधायक रमाशंकर पटेल ने अपने एजेंडे का हिस्सा भी बनाया।