मटेरा विधानसà¤à¤¾ सीट - Bahraich
मटेरा |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्रीमती मारिया अली |
| जिला | Bahraich |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | समाजवादी पार्टी |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | बहराइच |
मटेरा विधानसभा सीट (संख्या 284)
मटेरा विधानसभा क्षेत्र (संख्या 284) उत्तर प्रदेश के बहराइच जनपद में स्थित एक महत्वपूर्ण विधानसभा सीट है। यह क्षेत्र मतेरा शहर और आस-पास के ग्रामीण इलाकों को कवर करता है और बहराइच लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पाँच विधानसभा क्षेत्रों में से एक है। यह सीट सामान्य (अनारक्षित) है और हाल के वर्षों में समाजवादी पार्टी (सपा) का गढ़ बन चुकी है, हालांकि भाजपा से मुकाबला काफी कड़ा रहा है। यहाँ की राजनीति में ग्रामीण, पिछड़ा वर्ग, मुस्लिम और दलित मतदाताओं की अहम भूमिका है।
जनसंख्या विवरण
- कुल मतदाता (2022): 3,42,204
- पुरुष: 1,80,423
- महिला: 1,61,758
- अन्य: 23
- अनुमानित जनसंख्या: लगभग 4–4.5 लाख
- साक्षरता दर: लगभग 55–60% (जिले का औसत)
धार्मिक और जातीय संरचना
- मुस्लिम: अनुमानित 22–28%
- पिछड़ा वर्ग: 40–45%
- अनुसूचित जातियाँ (SC): लगभग 18–20% – मुख्यतः पासी, धोबी समुदाय
- सवर्ण जातियाँ: 12–15%
- अन्य अल्पसंख्यक: शून्य
राजनीतिक इतिहास और चुनावी रुझान
2022 चुनाव परिणाम
विजेता: मरिया शाह (सपा)
वोट शेयर: 48.15%
उपविजेता: अरुण वीर सिंह (भाजपा)
मतेरा विधानसभा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी (सपा) ने 2012 से अब तक लगातार जीत दर्ज की है। 2012 और 2017 में यासर शाह, जबकि 2022 में मरिया शाह विधायक बनीं। हालांकि, भाजपा के साथ मुकाबला लगातार कड़ा होता जा रहा है, खासकर उसके द्वारा गैर-मुस्लिम ओबीसी और सवर्ण मतदाताओं के ध्रुवीकरण के चलते। वहीं, बसपा की प्रभावशीलता 2017 के बाद से लगातार घटती गई है और कांग्रेस इस क्षेत्र में अब पूरी तरह हाशिये पर पहुंच चुकी है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
मरिया शाह (मरिया अली शाह) समाजवादी पार्टी की नेता हैं, जो 2022 में पहली बार चुनाव लड़कर मतेरा विधानसभा (बहराइच) से विधायक चुनी गईं। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी अरुण वीर सिंह को हराया। मरिया शाह पूर्व कैबिनेट मंत्री यासिर शाह की पत्नी हैं और क्षेत्र में सामाजिक कार्यों व महिला सशक्तिकरण के लिए जानी जाती हैं। 2022 चुनावी हलफनामे के अनुसार उन पर कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
मतेरा विधानसभा के पिछले 5 साल
मतेरा विधानसभा क्षेत्र में प्रमुख समस्याओं में कृषि संकट शामिल है, जिसमें खासकर गन्ना और गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य के भुगतान में देरी और सिंचाई की खराब व्यवस्था किसानों के लिए चिंता का विषय है। ग्रामीण बुनियादी ढांचे की स्थिति भी कमजोर है, कई गांवों में सड़क, बिजली और जल आपूर्ति अब भी असंतुलित है। बेरोजगारी के कारण युवाओं का शहरी क्षेत्रों और अन्य राज्यों की ओर पलायन जारी है। इसके अलावा, सामाजिक कल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन में पिछड़े वर्गों, दलितों और अल्पसंख्यकों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। चुनावों में जातीय और सांप्रदायिक समीकरण भी अहम भूमिका निभाते हैं, जहाँ सपा को ओबीसी-मुस्लिम गठजोड़ का समर्थन मिलता है, वहीं भाजपा गैर-यादव ओबीसी और सवर्ण मतदाताओं को एकजुट करने का प्रयास करती है।