मऊरानीपुर विधानसà¤à¤¾ सीट - Jhansi
मऊरानीपुर |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | डा0 रश्मि आर्य |
| जिला | Jhansi |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | अपना दल (सोनेलाल) |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | झांसी |
मऊरानीपुर विधानसभा सीट
मऊरानीपुर विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में स्थित है और झांसी लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यह सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है और इसका क्रमांक 224 है। मऊरानीपुर नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र इस सीट में आते हैं। राजनीतिक रूप से यह सीट झांसी जिले की प्रमुख और निर्णायक सीटों में मानी जाती है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: झांसी
विधानसभा क्रमांक: 224
लोकसभा क्षेत्र: झांसी
आरक्षण : अनुसूचित जाति (SC)
अनुमानित आबादी: 2.5-3 लाख
धार्मिक और सामाजिक विभाजन (झाँसी जिला)
हिंदू: 91-92%
मुस्लिम: 6-7%
अन्य समुदाय: 1-2% से कम
अनुसूचित जाति: 28%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,73,528
विजेता: डॉ. रश्मि आर्य (अपना दल (एस))
वोट शेयर: 52.5%
उपविजेता: तिलक चंद्र अहिरवार (सपा)
मतदान प्रतिशत: 66.7%
मऊरानीपुर विधानसभा सीट, जो झांसी जिले के बुंदेलखंड इलाके में आती है, राजनीतिक और सामाजिक रूप से काफी अहम मानी जाती है। यहां जातियों और समुदायों की विविधता चुनावी नतीजों को काफी प्रभावित करती है। इस सीट पर अब तक कांग्रेस ने छह बार, बीजेपी ने चार बार और सपा व बसपा ने एक-एक बार जीत हासिल की है। 1967 से लेकर अब तक यह सीट कभी सुरक्षित रही है, तो कभी सामान्य, लेकिन 2002 से यह फिर से सुरक्षित सीट बनी हुई है। कांग्रेस की बेनीबाई जैसी दलित नेता का भी यहां की राजनीति में अहम योगदान रहा है। अगर हालिया चुनावी नतीजों की बात करें, तो 2017 में बीजेपी के बिहारी लाल आर्य ने सपा की डॉक्टर रश्मि आर्या को हराया था, जबकि 2022 में बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब अपना दल (एस) की रश्मि आर्या ने समाजवादी पार्टी के तिलक चंद्र अहिरवार को भारी अंतर से शिकस्त दी। इस चुनाव में 51.83% मतदान हुआ था। यहां दलित, पिछड़ी जातियां और अन्य सामाजिक समूह बड़ी संख्या में हैं, और राजनीतिक दल इन्हीं समीकरणों को ध्यान में रखकर अपनी रणनीति बनाते हैं।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
डॉ. रश्मि आर्य उत्तर प्रदेश की एक जानी-मानी महिला नेता हैं, जो फिलहाल मऊरानीपुर विधानसभा सीट से विधायक हैं। 2022 में उन्होंने अपना दल (सोनेलाल) के टिकट पर चुनाव जीता और समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार को बड़े अंतर से हराया। उनका राजनीतिक सफर कई पार्टियों से जुड़ा रहा है 2012 में वे सपा से विधायक बनीं और बाद में अपना दल (एस) में शामिल होकर दोबारा जीत हासिल की। वे झांसी की रहने वाली हैं और कोरी (अनुसूचित जाति) समुदाय से आती हैं। डॉ. रश्मि आर्य ने पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद पीएचडी की डिग्री हासिल की है। पेशे से वे सामाजिक कार्यकर्ता हैं और युवराज गैस सर्विस नाम से उनका व्यवसाय भी है. बीजेपी के साथ गठबंधन में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है। चुनावी हलफनामे के मुताबिक, उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
मऊरानीपुर विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
मऊरानीपुर विधानसभा क्षेत्र, जो झांसी जिले में आता है, पिछले पांच सालों में कई राजनीतिक और सामाजिक बदलावों का गवाह रहा है। 2017 में यहां बीजेपी के बिहारी लाल आर्य ने जीत दर्ज की थी और पानी की समस्या हल करने का वादा किया था, हालांकि स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और विकास के मुद्दे तब भी बने रहे। 2022 में तस्वीर बदली और अपना दल (एस) की रश्मि आर्या ने भारी मतों से सपा के तिलक चंद्र अहिरवार को हराया। इस चुनाव में करीब 52% मतदान हुआ। क्षेत्र में अब भी पेयजल, सिंचाई, स्वास्थ्य सेवाएं और रोजगार की कमी जैसी गंभीर समस्याएं हैं, जिससे लोग खासे परेशान हैं और युवा रोजगार के लिए पलायन कर रहे हैं। सड़कें खराब हैं, सफाई और सीवर की हालत भी अच्छी नहीं है, जिससे विकास की रफ्तार धीमी नजर आती है। सामाजिक तौर पर यहां का जातीय समीकरण भी चुनावों में असर डालता है और दलित समुदाय की भागीदारी भी हमेशा अहम रही है। मऊरानीपुर उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी तहसील है और यहां के लोग लंबे समय से इसे जिला बनाने की मांग कर रहे हैं ताकि इलाके का विकास बेहतर तरीके से हो सके।