मेरठ कैन्टोनमेंट विधानसà¤à¤¾ सीट - Meerut
मेरठ कैन्टोनमेंट |
|
|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्री अमित अग्रवाल |
| जिला | Meerut |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | भारतीय जनता पार्टी |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | मेरठ |
मेरठ कैंट विधानसभा क्षेत्र
मेरठ कैंट विधानसभा क्षेत्र उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में स्थित है और यह मेरठ लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यह सीट वर्ष 1956 में गठित हुई थी और तब से यहां नियमित विधानसभा चुनाव होते आ रहे हैं। यह क्षेत्र सामाजिक, आर्थिक, और धार्मिक विविधता के लिए जाना जाता है। यहाँ सेना का छावनी क्षेत्र भी स्थित है, जो इलाके को रणनीतिक दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण बनाता है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: मेरठ
विधानसभा क्रमांक: 47
लोकसभा क्षेत्र: मेरठ
आरक्षण: सामान्य (अनारक्षित)
अनुमानित आबादी: 5,66,000
साक्षरता दर: लगभग 84.33%
लिंग अनुपात: 760/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन (अनुमानित)
हिंदू: 63.40%
मुस्लिम: 34.43%
अन्य समुदाय: 2% से भी कम
अनुसूचित जाति: लगभग 15-20%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,43,418
विजेता: अमित अग्रवाल (भाजपा)
वोट शेयर: 66.6%
उपविजेता: मनीषा अहलावत (राष्ट्रीय लोकदल)
मतदान प्रतिशत: 56.7%
मेरठ कैंट विधानसभा क्षेत्र का राजनीतिक इतिहास देखें तो यह सीट पिछले करीब 35 वर्षों से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का मजबूत गढ़ बनी हुई है। 1989 में परमात्मा शरण मित्तल की जीत के साथ यहां भाजपा की शुरुआत हुई थी, जिसे बाद में अमित अग्रवाल और फिर सत्य प्रकाश अग्रवाल ने लगातार आगे बढ़ाया। 1985 तक हालांकि कांग्रेस का वर्चस्व था और अजीत सिंह सेठी इस सीट से लगातार जीतते रहे थे। लेकिन इसके बाद से अब तक भाजपा की पकड़ लगातार बनी रही है। 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के अमित अग्रवाल ने रालोद की मनीषा अहलावत को रिकॉर्ड 1,18,072 वोटों के अंतर से हराया, जो पश्चिमी यूपी में पार्टी की मजबूत स्थिति का संकेत देता है। यहां चुनावी फैसलों में जातीय या धार्मिक समीकरणों से ज्यादा पार्टी की छवि और प्रदर्शन असर डालते हैं। कुल मिलाकर, मेरठ कैंट की राजनीति में भाजपा की निरंतरता और क्षेत्र में उसकी गहरी जड़ें साफ तौर पर दिखाई देती हैं।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
अमित अग्रवाल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और मेरठ कैंट विधानसभा क्षेत्र से मौजूदा विधायक हैं। उनका जन्म 23 फरवरी 1954 को हुआ था और वे 2022 से उत्तर प्रदेश विधानसभा के 18वें सदन में जनप्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। स्नातक शिक्षा प्राप्त अमित अग्रवाल व्यवसाय और कृषि से जुड़े हुए हैं। वे राज्य के सबसे संपन्न विधायकों में गिने जाते हैं। 2022 चुनावी हलफनामें के अनुसार, उनके खिलाफ कुल 6 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
मेरठ कैंट विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों (2019 से 2024) के दौरान मेरठ कैंट विधानसभा क्षेत्र में कई राजनीतिक और सामाजिक मुद्दे चर्चा में रहे। योगी आदित्यनाथ सरकार के कार्यकाल में क्षेत्र में करीब 6.25 अरब रुपये के विकास कार्य पूरे या प्रस्तावित हुए, जिनमें मल्टीलेवल पार्किंग, एलिवेटेड रोड, नॉर्थ रिंग रोड और बाइपास सड़कों का निर्माण शामिल है। वहीं छावनी क्षेत्र के नागरिक इलाकों को नगर निगम में शामिल करने की मांग लगातार उठती रही, ताकि स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। रोजगार की कमी, खासतौर पर युवाओं के लिए, एक अहम मुद्दा बना रहा और छावनी कानूनों ने कई बार विकास में बाधा डाली। छात्र राजनीति और युवाओं की भागीदारी में भी गिरावट देखी गई, जो चिंता का विषय रहा। इसके साथ ही सीवेज, जल आपूर्ति, बिजली, भूमि स्वामित्व जैसे बुनियादी मुद्दों और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर भी लोगों ने आवाज़ उठाई। सांस्कृतिक दृष्टि से बाबा औघड़नाथ मंदिर जैसे ऐतिहासिक स्थलों को संरक्षित और विकसित करने की मांग भी सामने आती रही। इन तमाम पहलुओं के बीच, हालांकि बीजेपी ने क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखी, लेकिन स्थानीय विकास, छावनी क्षेत्र की समस्याएं और रोजगार जैसे मुद्दे अब भी जनसंवाद का अहम हिस्सा हैं।