मेरठ दक्षिण विधानसभा सीट - Meerut

मेरठ दक्षिण

वर्तमान विधायक
डा0 सोमेन्‍द्र सिंह तोमर
जिला
Meerut
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
भारतीय जनता पार्टी
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
मेरठ
मेरठ दक्षिण विधानसभा क्षेत्र
मेरठ दक्षिण विधानसभा क्षेत्र उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में स्थित है। यह क्षेत्र 2012 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आया और मेरठ लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। मेरठ दक्षिण शहरी और अर्धशहरी क्षेत्र को कवर करता है तथा सामाजिक-धार्मिक दृष्टि से विविध है। यहाँ हिंदू, मुस्लिम और अन्य समुदायों की उल्लेखनीय आबादी है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: मेरठ
विधानसभा क्रमांक: 49
लोकसभा क्षेत्र: मेरठ
आरक्षण: कोई नहीं (जनरल सीट)
अनुमानित आबादी: लगभग 3,50,000 से 4,00,000
साक्षरता दर: 74.79%
लिंग अनुपात: 886/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन (अनुमानित)
हिंदू: 63.40%
मुस्लिम: 34.43%
अन्य समुदाय: 2% से भी कम
अनुसूचित जाति: लगभग 15-20%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,97,254
विजेता: सोमेन्द्र तोमर (भाजपा)
वोट शेयर: 43.6%
उपविजेता: मोहम्मद आदिल (सपा)
मतदान प्रतिशत: 61.9%
मेरठ दक्षिण विधानसभा सीट पर अब तक तीन बार चुनाव हो चुके हैं। 2012, 2017 और 2022 और हर बार भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज की है। 2012 में रविंद्र भदाना ने भाजपा के टिकट पर जीत हासिल की थी, जबकि 2017 और 2022 में यह सीट डॉ. सोमेंद्र तोमर के पास रही। खास बात यह रही कि 2022 के विधानसभा चुनाव में डॉ. तोमर ने समाजवादी पार्टी के मो. आदिल को कड़ी टक्कर के बीच 7,942 वोटों के अंतर से हराया। उन्हें कुल 1,29,667 वोट मिले, जो लगभग 43.46% वोट शेयर था, जबकि मो. आदिल को 1,21,725 वोट यानी करीब 40.79% वोट शेयर मिला। बहुजन समाज पार्टी के कुंवर दिलशाद अली को भी 13.36% यानी 39,857 वोट मिले। इन आंकड़ों से साफ है कि मेरठ दक्षिण सीट पर भाजपा की पकड़ अब तक मजबूत रही है, लेकिन सपा के साथ मुकाबला लगातार कड़ा होता जा रहा है। यह सीट मतदाता संख्या के लिहाज से मेरठ जिले की सबसे बड़ी विधानसभा सीट मानी जाती है और लगातार जीत से डॉ. तोमर की पकड़ और पहचान दोनों मजबूत हुई हैं।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
डॉ. सोमेंद्र सिंह तोमर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता हैं और मेरठ दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से विधायक के रूप में उत्तर प्रदेश की 17वीं और 18वीं विधानसभा में प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। फिलहाल वे उत्तर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। डॉ. तोमर गुजर समुदाय से आते हैं और एक शिक्षित नेता हैं। उन्होंने बीएससी, एमएससी के साथ डॉक्टरेट की उपाधि भी हासिल की है। उनका राजनीतिक सफर मेरठ के चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से छात्र राजनीति के ज़रिए शुरू हुआ और धीरे-धीरे वे प्रदेश की राजनीति में एक मजबूत चेहरा बनकर उभरे। उनके पिता का नाम महेंद्र सिंह है। चुनावी हलफनामों के मुताबिक, डॉ. तोमर के खिलाफ दो आपराधिक मामले दर्ज हैं।
मेरठ दक्षिण विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पांच वर्षों में मेरठ दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं ने जिन मुद्दों को लेकर सबसे ज़्यादा आवाज़ उठाई, वे सीधे-सीधे उनकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी से जुड़े रहे। बेरोजगारी यहां की बड़ी चिंता रही है, खासकर युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के पर्याप्त मौके नहीं होने से। लोग चाहते हैं कि छोटे व्यवसायों और उद्योगों को बढ़ावा मिले ताकि आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके। साथ ही, बुनियादी ढांचे जैसे सड़कें, जल निकासी, साफ-सफाई, बिजली और सार्वजनिक परिवहन की स्थिति को बेहतर बनाने की मांग लगातार बनी रही है। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं भी बड़ी चिंता का विषय रहीं चाहे सरकारी स्कूलों में संसाधनों की कमी हो या स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर और दवाओं की उपलब्धता। कोविड-19 के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की अहमियत और बढ़ गई है। कानून-व्यवस्था भी मतदाताओं की प्राथमिक चिंता में शामिल रही, खासकर महिला सुरक्षा और सामाजिक शांति को लेकर। चूंकि यह क्षेत्र सांप्रदायिक दृष्टि से संवेदनशील रहा है, इसलिए सौहार्द बनाए रखना भी चुनावी मुद्दों में शामिल रहा। इसके अलावा सरकारी योजनाओं का पारदर्शी क्रियान्वयन, भ्रष्टाचार पर लगाम और पर्यावरण से जुड़े मुद्दे जैसे प्रदूषण और जलभराव की समस्या भी आम लोगों की चर्चाओं में रही है। कुल मिलाकर, मेरठ दक्षिण के लोग अब विकास को सिर्फ वादों में नहीं, ज़मीन पर देखने की उम्मीद कर रहे हैं।

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