मेहनगर विधानसभा सीट - Azamgarh

मेहनगर

वर्तमान विधायक
श्रीमती पूजा
जिला
Azamgarh
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
समाजवादी पार्टी
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
आजमगढ़
मेहनगर विधानसभा क्षेत्र (आजमगढ़, उत्तर प्रदेश)
मेहनगर (विधानसभा सीट संख्या 352) उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में स्थित एक अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित विधानसभा क्षेत्र है। यह आजमगढ़ लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है और मुख्यतः ग्रामीण इलाकों वाला क्षेत्र है, जिसमें कृषि पर निर्भर एवं हाशिए पर खड़े समुदायों की बहुलता है।
जनसंख्या विवरण
- कुल मतदाता (2022): 3.8–4 लाख
- मुख्य समुदाय:
- अनुसूचित जाति: 25–30%
- OBC: 35–40%
- मुस्लिम: 20–25%
- साक्षरता दर: 60–65%
चुनावी रुझान और नतीजे
2022 विधानसभा चुनावी नतीजे
विजेता: पूजा सरोज (सपा)
वोट शेयर: 39.6%
उपविजेता: मंजू सरोज (भाजपा)
मतदान प्रतिशत: 52.8%
यह क्षेत्र लंबे समय से सपा का मजबूत गढ़ रहा है, जो मुख्यतः यादव, मुस्लिम और एससी समुदायों के गठबंधन पर टिका है। 2022 में पूजा सरोज ने भाजपा विरोधी लहर और सपा की कल्याणकारी नीतियों के सहारे सीट बचाई। भाजपा ने सपा के जातीय समीकरण को चुनौती देने के लिए गैर-यादव ओबीसी, खासकर राजभर समुदाय और हिंदू एकजुटता पर फोकस करते हुए मंजू सरोज को मैदान में उतारा। वहीं, बसपा का प्रभाव तेजी से घटा और उसका वोट प्रतिशत गिरकर 22.7% रह गया, जबकि पहले यह लगभग 30% के आसपास था। अगर ऐतिहासिक रुझानों की बात करें तो 2022 में सपा ने OBC-SC-मुस्लिम गठबंधन को मजबूत करते हुए सीट बरकरार रखी। 2017 में सपा के कल्पनाथ पासवान ने एसबीएसपी की मंजू सरोज को 5,412 वोटों से हराया था, जबकि 2012 में बृजलाल सोनकर की जीत ने क्षेत्र में सपा की पकड़ को स्पष्ट किया। इससे पहले 2002 और 2007 में विद्या चौधरी की लगातार जीतों ने बसपा की दलित समुदाय में मजबूत पकड़ को दर्शाया था।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
पूजा सरोज समाजवादी पार्टी की सक्रिय नेता हैं, जो वर्तमान में उत्तर प्रदेश की 18वीं विधानसभा में मेहनगर, आजमगढ़ से विधायक के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने 2014 में बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय से एम.ए. की डिग्री प्राप्त की। 8 फरवरी 2015 को उनका विवाह राजीव कुमार से हुआ और उनके एक संतान है। पूजा सरोज ने 2022 के विधानसभा चुनाव में मेहनगर सीट से जीत हासिल कर सपा के मजबूत गढ़ आजमगढ़ का प्रतिनिधित्व किया। वे पार्टी की विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाती हैं। चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे के अनुसार, उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
मेहनगर विधानसभा क्षेत्र के पिछले 5 साल
इस क्षेत्र में बुनियादी ढांचे और विकास से जुड़ी कई गंभीर समस्याएं हैं। कृषि के क्षेत्र में किसानों को सिंचाई की सुविधा का अभाव और न्यूनतम समर्थन मूल्य की अनुपलब्धता जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क संपर्क की स्थिति भी चिंताजनक है, खासकर सरायमीर और मेहनगर कस्बे जैसे इलाकों में, जहां सड़कों की हालत काफी खराब है। शिक्षा के क्षेत्र में भी हालात बेहतर नहीं हैं, क्योंकि सरकारी स्कूलों में न केवल शिक्षकों की भारी कमी है, बल्कि आवश्यक संसाधनों की भी घोर अनुपलब्धता है।

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