मोहम्मदी विधानसभा सीट - Lakhimpur Kheri

मोहम्मदी

वर्तमान विधायक
श्री लोकेन्द्र प्रताप सिंह
जिला
Lakhimpur Kheri
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
भारतीय जनता पार्टी
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
धौरहरा
मोहम्मदी विधानसभा सीट
मोहम्मदी विधानसभा उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले की एक महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्र है। यह क्षेत्र सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक दृष्टि से विविध है। मोहम्मदी, धौरहरा लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है और इसका विधानसभा क्रमांक 144 है। यह सीट सामान्य (अनारक्षित) श्रेणी में आती है।
जनसंख्या (जनगणना 2011)
जिला: लखीमपुर खीरी
विधानसभा क्रमांक: 144
लोकसभा क्षेत्र: धौरहरा
आरक्षण: सामान्य (अनारक्षित)
अनुमानित आबादी: 3.5-3.7 लाख
साक्षरता दर: 62.91% (नगर क्षेत्र)
लिंग अनुपात: 915/1000
धार्मिक और सामाजिक विभाजन
हिंदू: लगभग 75%
मुस्लिम: लगभग 23%
अन्य समुदाय: 2%
अनुसूचित जाति: 15-18%
राजनीतिक इतिहास और हालिया चुनावी रुझान
2022 चुनावी परिणाम
कुल मतदाता: 2,30,685
विजेता: लोकेंद्र प्रताप सिंह (भाजपा)
वोट शेयर: 43.1%
उपविजेता: दाऊद अहमद (सपा)
मतदान प्रतिशत: 68.5%
मोहम्मदी विधानसभा क्षेत्र की राजनीतिक यात्रा 1957 में इसकी स्थापना के साथ शुरू हुई, जब यह उत्तर प्रदेश की 403 सीटों में से एक बनी और लखीमपुर जिले का हिस्सा बना। शुरुआती दशकों में यहां कांग्रेस और भारतीय जनसंघ (जो बाद में भाजपा बना) का वर्चस्व रहा—कभी कांग्रेस ने लगातार जीत दर्ज की तो कभी जनसंघ और फिर भाजपा ने अपना प्रभाव जमाया। हालांकि, 1991 तक कांग्रेस यहां चार बार जीत चुकी थी, जबकि बाकी समय भाजपा का दबदबा रहा। बसपा और सपा को यहां एक-एक बार जीत मिली, लेकिन वे अपना जनाधार बरकरार नहीं रख सके। 2012 में सीट के परिसीमन के बाद यह सामान्य (अनारक्षित) हो गई, जिससे राजनीतिक समीकरण भी बदले। बीते दो दशकों में मतदाताओं का रुझान काफी बदलाव भरा रहा। 2007 में सपा के बंशीधर राज ने जीत हासिल की, 2012 में बसपा के बाला प्रसाद अवस्थी विजयी रहे, और फिर 2017 व 2022 में भाजपा के लोकेंद्र प्रताप सिंह ने लगातार जीत दर्ज कर भाजपा को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। इस क्षेत्र की राजनीति हमेशा से बदलाव की दिशा दिखाती रही है।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
लोकेंद्र प्रताप सिंह, भारतीय जनता पार्टी के अनुभवी विधायक हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से लॉ की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने वकालत, पत्रकारिता और राजनीति जैसे क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। 2017 में पहली बार मोहम्मदी विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर विधायक बने और 2022 में दोबारा चुने गए। सामाजिक और विकास कार्यों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही है और वे कृषि व व्यवसाय से भी जुड़े हैं। पारिवारिक रूप से वे शिव मंगल सिंह के पुत्र हैं, उनकी पत्नी पुष्पा सिंह और दो संतानें हैं। 2022 के चुनावी हलफनामे के अनुसार उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं है।
मोहम्मदी विधानसभा: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
पिछले पाँच वर्षों में मोहम्मदी विधानसभा क्षेत्र में जनता ने कई गंभीर मुद्दों को लेकर अपनी आवाज़ उठाई है। बुनियादी ढांचे में सड़कें खराब रहीं, जलनिकासी और सफाई व्यवस्था में भारी लापरवाही दिखी, जिससे लोगों में असंतोष बना रहा। शिक्षा के क्षेत्र में सरकारी स्कूलों की स्थिति, शिक्षकों की कमी और स्कूलों के विलय जैसी योजनाओं ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी। स्वास्थ्य सेवाओं का हाल भी संतोषजनक नहीं रहा। कोविड-19 के समय ऑक्सीजन की कमी और सरकारी अस्पतालों की बदहाली पर सवाल उठे। किसानों को समय पर गन्ना भुगतान नहीं मिला, सिंचाई की समस्याएं और नहरों की सफाई को लेकर भी आवाज़ें उठीं। युवाओं को न स्थानीय रोजगार मिला, न ही स्किल डेवलपमेंट की पर्याप्त सुविधाएं। महिलाओं की सुरक्षा, चोरी-लूट और नशे की बढ़ती घटनाओं ने कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। इसके अलावा, पेयजल संकट, नलकूपों की खराबी, पेड़ों की कटाई और कचरा प्रबंधन जैसे सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दे भी प्रमुख रहे। लोगों ने अपने जनप्रतिनिधियों की सक्रियता, जवाबदेही और विकास कार्यों की धीमी रफ्तार पर बार-बार नाराजगी जताई। कुल मिलाकर, ये सभी मुद्दे न सिर्फ जनजीवन को प्रभावित करते रहे, बल्कि चुनावी चर्चाओं का भी मुख्य आधार बने।

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