नानपारा विधानसà¤à¤¾ सीट - Bahraich
नानपारा |
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|---|---|
| वर्तमान विधायक | श्री राम निवास वर्मा |
| जिला | Bahraich |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| पार्टी | अपना दल (सोनेलाल) |
| कुल मतदाता | |
| लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र | बहराइच |
नानपारा विधानसभा क्षेत्र प्रोफ़ाइल
नानपारा, उत्तर प्रदेश के बहराइच ज़िले में स्थित एक सामान्य (सामान्य वर्ग) सीट है और बहराइच लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यह सीट 2008 की परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई। इसमें नानपारा नगर और उसके आस-पास के ग्रामीण क्षेत्र शामिल हैं।
जनसंख्या जानकारी
- कुल मतदाता (2022): 3,43,881
- पुरुष: 1,81,832
- महिला: 1,62,033
- अनुमानित जनसंख्या: 5–5.5 लाख
- साक्षरता दर: 55–60% (जिला औसत)
धार्मिक एवं जातीय विभाजन
- मुस्लिम आबादी: 25–30%
- अनुसूचित जातियाँ: 15–20%
- अन्य पिछड़ा वर्ग: 40–45%
- उच्च जातियाँ: ब्राह्मण, ठाकुर (15–20%)
राजनीतिक इतिहास और चुनावी रुझान
2022 का चुनाव परिणाम
विजेता: राम निवास वर्मा (अपना दल (सोनेलाल)
वोट शेयर: 44.5%
उपविजेता: माधुरी वर्मा (सपा)
मतदान प्रतिशत: 58.2%
2007 में बसपा की जीत के बाद से क्षेत्र की राजनीतिक तस्वीर बदल गई है। बसपा का वोट शेयर 2022 में घटकर सिर्फ 8.99% रह गया, जबकि दलित समुदाय—खासकर पासी और धोबी—का रुझान भाजपा व अपना दल (सोनेलाल) की ओर हो गया। 2017 में भाजपा की माधुरी वर्मा ने कांग्रेस के वारिस अली को हराया, लेकिन 2022 में भाजपा ने यह सीट सहयोगी अपना दल को दी, जिसने राम निवास वर्मा को मैदान में उतारा। उन्होंने सपा की माधुरी वर्मा को 12,184 वोटों से हराया। इस जीत में OBC, विशेषकर कुर्मी और राजभर समुदायों का अहम योगदान रहा। सपा को 2022 में 37.81% वोट मिले, लेकिन वह मुस्लिम-OBC गठजोड़ को पूरी तरह एकजुट नहीं कर पाई, जबकि मुस्लिम आबादी 25–30% होने के बावजूद इसका उसे अपेक्षित लाभ नहीं मिला।
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
राम निवास वर्मा उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले की नानपारा विधानसभा सीट से 2022 में अपना दल (सोनेलाल) के टिकट पर विधायक चुने गए। उन्होंने सपा की माधुरी वर्मा को 12,184 वोटों से हराया और वर्तमान में वे विधान मंडल दल के नेता भी हैं। बहराइच के गोकुलपुर गाँव में जन्मे वर्मा ने OBC समुदाय (कुर्मी-राजभर) का मजबूत समर्थन हासिल किया है। वे किसान हितों और स्थानीय विकास पर खास ध्यान देते हैं। उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है, हालांकि नवंबर 2022 में उन पर एक राजनीतिक हमले की घटना हुई थी, जिसमें वे सुरक्षित बच निकले। उसी महीने शहावपुर टोल प्लाजा पर उनके समर्थकों और टोल कर्मचारियों के बीच झड़प हुई, लेकिन इस मामले में वर्मा पर कोई आरोप नहीं है।
विधानसभा के पिछले 5 साल
पिछले पाँच वर्षों में नानपारा विधानसभा क्षेत्र कई जटिल समस्याओं से जूझता रहा है। कृषि संकट मुख्य रूप से गन्ना मूल्य भुगतान में देरी, सिंचाई सुविधाओं की कमी और फसल बीमा योजनाओं से अपेक्षित लाभ न मिलने के कारण बना रहा। बुनियादी ढाँचे की स्थिति भी चिंताजनक रही, जिसमें खराब सड़कों, बंद रेलवे सेवाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी प्रमुख रही। युवाओं को रोजगार और कौशल विकास के अवसरों की भारी कमी ने पलायन को मजबूर किया। स्वास्थ्य सेवाओं में डॉक्टरों और प्रसव केंद्रों की कमी, और शिक्षा में बुनियादी सुविधाओं तथा शिक्षकों की अनुपलब्धता ने हालात को और बिगाड़ा। वहीं, जातीय और सामाजिक समीकरणों में भी बड़ा बदलाव देखा गया, जहाँ OBC और मुस्लिम मतों का विभाजन तथा दलित वोटों का पुनः ध्रुवीकरण राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित कर रहा है।