नरैनी विधानसभा सीट - Banda

नरैनी

वर्तमान विधायक
श्रीमती ओममणी वर्मा
जिला
Banda
राज्य
उत्तर प्रदेश
पार्टी
भारतीय जनता पार्टी
कुल मतदाता
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
बांदा
नरैनी विधानसभा क्षेत्र
नरैनी, उत्तर प्रदेश की विधानसभा सीट संख्या 234 है, जो बांदा जिले में स्थित है। यह नरैनी नगर और इसके आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों को कवर करती है। यह बांदा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली पाँच विधानसभा सीटों में से एक है। यह सीट अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित है और बुंदेलखंड क्षेत्र में स्थित है। वर्ष 2022 में इस सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की (ओममणि वर्मा) वर्तमान विधायक हैं।
जनसंख्या
कुल मतदाता (2022): 3,42,785
जनगणना 2011 (नगर): 13,400 (पुरुष: 7,218, महिला: 6,182)
साक्षरता दर (नगर): 76.94%
पुरुष: 85.43%,
महिला: 66.92%
अनुसूचित जाति: 20.57%
धार्मिक और समुदाय विभाजन
हिंदू: 83.83%
मुस्लिम: 15.87%
ईसाई: 0.25%
सिख: 0.01%
बौद्ध : 0.01%
राजनीतिक इतिहास और हाल के नतीजे
2022 विधानसभा चुनाव के नतीजे
विजेता: ओममणि वर्मा (भाजपा)
वोट शेयर: 38.91%
उपविजेता: किरण वर्मा (सपा)
मतदान प्रतिशत: 62.4%
नरैनी विधानसभा सीट का राजनीतिक इतिहास बहुकोणीय प्रतिस्पर्धा से भरा रहा है, जहाँ कांग्रेस, भाजपा, बसपा और सपा के बीच लगातार सत्ता का संघर्ष देखने को मिला है। आज़ादी के बाद लंबे समय तक कांग्रेस का क्षेत्र में वर्चस्व रहा, जिसमें 1951, 1957, 1969 और 1980 में उसकी जीत हुई। 1974 से लेकर 1989 तक कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के डॉ. सुरेंद्र पाल वर्मा, जो लोधी समाज के लोकप्रिय नेता थे, ने इस सीट से पाँच बार जीत दर्ज की। 1996 के बाद अनुसूचित जाति के वोटों के बसपा की ओर रुझान के कारण बसपा ने 1996, 2002, 2007 और 2012 में जीत हासिल की। भाजपा ने 1991 में रमेश चंद्र द्विवेदी के माध्यम से पहली बार जीत दर्ज की और 2017 में राजकरण कबीर तथा 2022 में ओममणि वर्मा की जीत के साथ सीट पर अपना दबदबा मजबूत किया। सपा ने 1993 में डॉ. सुरेंद्र पाल वर्मा और 2022 में किरण वर्मा के माध्यम से मैदान में उपस्थिति दर्ज की, हालांकि 2022 में उन्हें भाजपा की ओममणि वर्मा से 6,719 वोटों से हार का सामना करना पड़ा। 2012 और 2007 में बसपा ने जीत दर्ज की थी, परन्तु मार्जिन सीमित था। सीट पर चुनावी मुकाबले में जातीय समीकरण अहम भूमिका निभाते हैं.
विधायक परिचय और आपराधिक मामला
ओममणि पवन वर्मा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता हैं, जो 2022 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में नरैनी विधानसभा क्षेत्र (सीट संख्या 234), जनपद बांदा से पहली बार विधायक चुनी गईं। उन्होंने समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार किरण वर्मा को बड़े अंतर से हराकर यह जीत दर्ज की। कोली (कौली) जाति से संबंध रखने वाली ओममणि वर्मा एक प्रभावशाली दलित/ओबीसी समुदाय का प्रतिनिधित्व करती हैं, जो क्षेत्र में निर्णायक भूमिका निभाता है। उनका जन्म 1985 में उत्तर प्रदेश में हुआ था और वे एक समाजसेवी के रूप में सक्रिय रही हैं। 2022 के चुनावी शपथपत्र के अनुसार, ओममणि वर्मा के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
नरैनी विधानसभा क्षेत्र: पिछले 5 वर्षों के प्रमुख मुद्दे
नरैनी विधानसभा क्षेत्र में सिंचाई और पेयजल की समस्या गंभीर बनी हुई है, जहां किसानों को हर वर्ष खेती के लिए बारिश पर निर्भर रहना पड़ता है, जबकि गांवों और कस्बों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता भी बेहद सीमित है। गर्मियों में जल संकट बढ़ जाता है और हैंडपंपों व नलों के खराब रहने की शिकायतें आम हो गई हैं। क्षेत्र में बुनियादी ढांचे की स्थिति भी दयनीय है—सड़कें जर्जर हैं और कई ग्रामीण मार्गों का निर्माण या मरम्मत वर्षों से लंबित है। साथ ही, सीवर जाम और सफाई की कमी से स्थानीय निवासियों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। परिवहन की बात करें तो नरैनी की बड़ी आबादी आज भी रेल सुविधाओं से वंचित है, जिससे न केवल आवागमन बल्कि व्यापारिक गतिविधियाँ भी प्रभावित होती हैं। कृषि के क्षेत्र में किसानों को समय पर सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता, साथ ही बीज और खाद की कमी तथा फसल की उचित कीमत न मिलना भी एक बड़ी चिंता का विषय है। राजनीतिक परिदृश्य में लोधी और मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं, जिससे जातीय और सामुदायिक संतुलन से जुड़े मुद्दे अक्सर स्थानीय राजनीति में चर्चा का केंद्र बने रहते हैं।

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