नहटौर विधानसभा से विधायक ओम कुमार का राजनीतिक सफर, शिक्षा, प्रमुख कार्य, उपलब्धियां और जनाधार
नहटौर विधानसभा
ओम कुमार भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और बिजनौर जिले की नहटौर (एससी) विधानसभा सीट से विधायक हैं। वे 2012, 2017 और 2022 में लगातार तीन बार विधायक चुने गए। 2012 में उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर जीत दर्ज की थी, जबकि 2017 और 2022 में भाजपा के प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीता। पूर्व में असम राइफल्स में सैनिक रह चुके ओम कुमार अनुशासन, समाजसेवा और जनसंपर्क आधारित राजनीति के लिए जाने जाते हैं। चुनावी रिकॉर्ड के अनुसार उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
शैक्षिक योग्यता और व्यक्तिगत पृष्ठभूमि
- आयु लगभग 53 वर्ष।
- शिक्षा: इंटरमीडिएट (12वीं)।
- पेशा: व्यापारी एवं सिक्योरिटी एजेंसी संचालक।
- पूर्व सैनिक के रूप में कार्य कर चुके हैं।
- चल संपत्ति लगभग 1.13 करोड़ रुपये तथा अचल संपत्ति लगभग 1.91 करोड़ रुपये है।
राजनीतिक सफर
- सेना से सेवानिवृत्ति के बाद समाजसेवा और जनसंपर्क गतिविधियों में सक्रिय हुए।
- 2012 में बसपा के टिकट पर पहली बार विधायक चुने गए।
- 2017 में भाजपा में शामिल होकर दूसरी बार विधायक बने।
- 2022 में समाजवादी पार्टी के मुंशीराम को हराकर लगातार तीसरी बार विधानसभा पहुंचे।
- दलित, पिछड़े और गरीब वर्गों के बीच मजबूत जनाधार स्थापित किया।
- 2024 में नगीना लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी भी रहे।
प्रमुख कार्य और उपलब्धियां
- ग्रामीण संपर्क मार्गों, स्ट्रीट लाइट और सड़क निर्माण कार्यों को बढ़ावा दिया।
- विद्यालयों और कॉलेजों के भवनों के निर्माण एवं मरम्मत में योगदान दिया।
- गरीब विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति, पुस्तक और ड्रेस वितरण कार्यक्रमों को समर्थन दिया।
- पेयजल योजनाओं, हैंडपंपों और सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण पर कार्य किया।
- किसानों के लिए सिंचाई, सरकारी खरीद और फसल मुआवजा योजनाओं के क्रियान्वयन में सहयोग किया।
- महिला स्वयं सहायता समूहों, स्वरोजगार योजनाओं और खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित किया।
- गरीब परिवारों को आवास, राशन और पेंशन योजनाओं का लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
- जनता दरबार, चौपाल और सोशल मीडिया के माध्यम से जनता से सीधा संवाद बनाए रखा।
नहटौर के प्रमुख नेता
- ओम कुमार तीन बार विधायक रह चुके हैं और दलित समाज के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं।
- मुंशीराम समाजवादी पार्टी के प्रमुख नेता हैं और दलित वर्ग के मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं।
- मुन्ना लाल कांग्रेस के नेता रहे हैं और शिक्षा तथा पंचायत राजनीति से जुड़े रहे हैं।
- गुल अहमद बसपा के नेता रहे हैं और ओबीसी तथा दलित समाज के बीच सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।